केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने गांधीनगर में “भारत में ऊर्जा परिवर्तन” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
|
😊 Please Share This News 😊
|

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत का लक्ष्य क्षमता बढ़ाने का है ताकि 2030 तक जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता 500 गीगावॉट तक पहुंच सके और स्थापित क्षमता के मामले में नवीकरणीय ऊर्जा आधारित क्षमता की भागीदारी को कम से कम 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सके।इस अवसर पर बोलते हुए, गुजरात सरकार के वित्त और ऊर्जा मंत्री श्री कनुभाई देसाई ने कहा कि प्रधान मंत्री और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और दीर्घकालिक योजना के कारण, देश में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, जब श्री मोदी मुख्यमंत्री थे तब देश में पहली बार जलवायु परिवर्तन के लिए एक अलग विभाग गुजरात में स्थापित किया गया था, जिससे स्थिरता, ऊर्जा परिवर्तन और नेट-शून्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के उपाय संभव हो सके। गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा के विकास के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने नीतियां जारी करने वाला देश का पहला राज्य भी है। उन्होंने कहा कि स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता के मामले में गुजरात आज देश में पहले स्थान पर है, जो देश की कुल स्थापित पवन ऊर्जा क्षमता का 25 प्रतिशत है। इसके अलावा, गुजरात में सबसे अधिक स्थापित रूफटॉप सौर क्षमता है, जो भारत की कुल रूफटॉप सौर क्षमता का 26 प्रतिशत है।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
