मुमुक्षु के दीक्षा निमित्त भव्य वर्षीदान वरघोड़ा हुआ आयोजित।
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मुमुक्षु विमलाबेन देसाई की दीक्षा होगी आज। भाण्डवपुर/भीनमाल-भाण्डवपुर महातीर्थ में तत्त्वत्रयी प्रतिष्ठोत्सव के आयोजन के दौरान मुमुक्षु का वरघोडा निकाला गया । मुमुक्षु की दीक्षा शुक्रवार को आयोजित होगी।मिडिया प्रभारी कुलदीप प्रियदर्शी ने बताया कि गच्छाधिपति एवं आचार्य बाजते गाजते मुमुक्षु के आवास चैन्नई भवन व एम. वी. अन्दाणी भवन धर्मशाला में पगलिए एवं मुमुक्षुओं को वोहरने आये।आचार्य, साधु-साध्वियों के साथ सकल मुमुक्षु भव्याकुमारी अदाणी, निमाबेन देसाई, रविनाकुमारी सोलंकी तीनों मुमुक्षुओं का वर्षीदान का भव्य वरघोड़ा तीर्थ परिसर से 5 हाथी, घोड़े, सुसज्जित बग्घी, बैण्ड की स्वरलहरियों के साथ, विभिन्न प्रान्तों की नृत्य मण्डलियों के आकर्षक नृत्य के साथ प्रारम्भ हुआ । जो भाण्डवपुर मुख्य मार्ग से होता हुआ वर्धमान-राजेन्द्र माध्यमिक विद्यालय में पहुँचा । सम्पूर्ण मार्ग में मुमुक्षुओं ने मुक्त हाथों से वर्षीदान किया । विद्यालय में मुमुक्षुओं द्वारा दानशाला के माध्यम से अन्न और वस्त्र वितरण किया गया । हजारों की संख्या में सजे-धजे श्रद्धालुओं ने वरघोड़े में उत्साह एवं उमंग के साथ सम्पूर्ण मार्ग को जयघोष से गुँजायमान कर दिया । राजेन्द्र जैन महिला परिषद् की सदस्याओं ने जैन ध्वज लहराते हुए स्वागत किया।महोत्सव के ग्यारहवें दिन प्रतिष्ठा निमित्त क्षत्रियकुण्ड नगरी में गच्छाधिपति नित्यसेनसूरीश्वर महाराज,
भाण्डवपुर तीर्थोद्धारक आचार्य जयरत्नसूरीश्वर महाराज, विमलगच्छाधिपति आचार्य प्रद्युम्नविमलसूरीश्वर महाराज, आचार्य नरेन्द्रसूरीश्वर महाराज आदि विशाल श्रमण-श्रमणिवृन्द की निश्रा में प्रभु का राज्याभिषेक एवं लोकान्तिक देवों के द्वारा प्रभु से धर्म की स्थापना करने हेतु संयम की विनन्ती की गई । प्रभु की बहिन बनने का लाभ श्रीमती सकूदेवी साँकलचन्द हुकमाणी-पाँथेड़ी ने लिया।महावीर जैन श्वेताम्बर पेढ़ी (ट्रस्ट), श्री वर्धमान-राजेन्द्र जैन भाग्योदय ट्रस्ट (संघ), तत्त्वत्रयी प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के द्वारा आयोजित प्रतिष्ठोत्सव में गच्छाधिपति नित्यसेनसूरि महाराज एवं आचार्य जयरत्नसूरि महाराज द्वारा थराद निवासी मुमुक्षु विमलाबेन अरविन्दभाई देसाई को दीक्षा मुहूर्त्त प्रदान किया गया ।
मुमुक्षु की दीक्षा शुक्रवार को सामूहिक दीक्षा के अन्तर्गत होगी।प्रतिष्ठोत्सव में मुनिराज चन्द्रयशविजय महाराज आदि ठाणा का पदार्पण तीर्थ परिसर में हुआ।तीर्थ परिसर में जिनालय आदि पर हेलीकोप्टर से पुष्पवृष्टि करने का लाभ मोहनदेवी साँवलचन्द बालगोता परिवार-मेंगलवा ने लिया।मुमुक्षुओं ने भी हेलीकोप्टर से पुष्पवृष्टि की।दोपहर में पंचतीर्थ पूजा जुहारमल कीनाराम संकलेचा-मेंगलवा की ओर से संगीत की मधुर धुनों के साथ विधिकारक चेतन जैन द्वारा पढ़ाई गई।प्रातः की नवकारसी माँगीलाल अनाराम पालगौता-चौहान-राजनगर (ऊनड़ी) की ओर से, दोपहर की नवकारसी लादाराम संकलेचा-मेंगलवा एवं सायं की नवकारसी छोगालाल संकलेचा-मेंगलवार की ओर से हुई।सायं कुमारपाल महाराजा की आरती का लाभ मोहनदेवी साँवलचन्द बालगोता-मेंगलवा ने लिया।आयोजन में प्रभावना बाबूलाल मानमल ओबाणी-पोषाणा, परमात्मा एवं गुरु प्रतिमाओं की चित्ताकर्षक अंगरचना कैलाशकुमार मीठालाल ओबाणी-पोषाणा एवं प्रभु भक्ति एवं रोशनी लसुदेवी पुखराज ओबाणी-पोषाणा की ओर से की गई।
प्रतिष्ठोत्सव में नाहर चिकित्सालय भीनमाल एवं डॉ. विपुल बम्ब-झालोद वैयावच्च चिकित्सालय के माध्यम से अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।आज के आयोजन- महोत्सव बारहवें दिन भगवान का दीक्षा कल्याणक होगा तथा भव्य वरघोड़े का आयोजन किया जायेगा । जिसमें हाथी, घोड़ा, बैण्ड-ढोल, नृत्य मण्डली आदि विशेष आकर्षक के केन्द्र होंगे । क्षत्रियकुण्ड नगरी में सामूहिक चार मुमुक्षु की दीक्षा होगी ।(0000)
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