टीना डाबी को बाड़मेर कलक्टर और उनके पति प्रदीप गवांडे को जालोर कलक्टर लगाया।
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हम बात कर रहे हैं आईएएस अधिकारी टीना डाबी और उनके पति प्रदीप गवांडे की। दोनों अधिकारी फिर से फील्ड में उतारे गए हैं और दोनों को ही जिला कलक्टर मजिस्ट्रेट लगाया गया है।भीनमाल-राजस्थान का सबसे डेशिंग आईएएस कपल अब करीब चार घंटे की दूरी पर आ गया है। दोनों आईएएस अफसर को कलक्टर लगाया गया है। एक को बॉर्डर इलाके की जिम्मेदारी दी गई है और दूसरे को एक छोटे जिले में अधिकारी तैनात किया गया है। हम बात कर रहे हैं आईएएस अधिकारी टीना डाबी और उनके पति प्रदीप गवांडे की। दोनों अधिकारी फिर से फील्ड में उतारे गए हैं और दोनों को ही जिला कलक्टर – मजिस्ट्रेट लगाया गया है।2016 बैच की आईएएस अधिकारी टीना डाबी अभी सरकार का ईपीएस विभाग संभाल रहीं थी। वे इससे पहले जैसलमेर में जिला कलक्टर थीं। उसके बाद मेटरनिटी लीव पर गईं और लीव से लौटने के बाद उनको सरकार ने ऑफिस वर्क वाले विभाग की जिम्मेदारी दी। उसके बाद अब देर रात तबादला सूची जारी की गई है। इस सूची में उनको पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर जिला का कलेक्टर बनाया गया है।अब बात उनके पति प्रदीप गवांडे की….आईएएस प्रदीप 2013 बैच के अधिकारी हैं और अभी बीकानेर में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उनको भी जिला कलक्टर का जिम्मा सौंपा गया है जालोर जिले में। हांलाकि पति और पत्नी दोनों के जिलों की बात की जाए तो जालोर जिला. बाड़मेर जिले से छोटा है। अब सबसे बड़ी बात दोनों आईएएस अधिकारी कपल को सरकार ने करीब 200 किलोमीटर पास कर दिया है। ट्रेन से दोनों को एक से दूसरे जिले में पहुंचने में करीब 3 घंटे का वक्त लगेगा।
हांलाकि सड़क मार्ग से अपेक्षाकृत कम दूरी तय करनी होगी। इससे पहले एक अफसर जयपुर और दूसरा बीकानेर था। दोनों जिलों की दूरी करीब साढ़े पांच सौ किलोमीटर थी।
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