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पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में आईआईएसएफ 2025 का पूर्वावलोकन समारोह आयोजित किया गया।

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चंडीगढ़-पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में आईआईएसएफ 2025 का पूर्वावलोकन समारोह आयोजित किया गयापंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में आज भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) 2025 के 11वें संस्करण का पूर्वावलोकन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के साथ आईआईएसएफ 2025 के समारोहों की शुरुआत हुई, जो 6 से 9 दिसम्बर 2025 तक पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित किए जाएंगे।कार्यक्रम की शुरुआत पंजाब विश्वविद्यालय के गीत के साथ हुई, जिसके बाद पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह और सरस्वती वंदना के साथ ज्ञान और ज्ञानोदय की भावना का आह्वान किया गया।इस अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में, डॉ. रविचंद्रन ने इस बात पर प्रकाश डाला कि जहाँ ईएसटीआईसी ऊपर से नीचे तक के दृष्टिकोण का अनुसरण करता है, वहीं आईआईएसएफ नीचे से ऊपर की ओर आंदोलन लाता है, जो विज्ञान को लोगों तक ले जाता है। उन्होंने युवा मन में जिज्ञासा और उत्साह को पोषित करने के महत्व पर बल दिया, और कहा कि विज्ञान का जश्न इस तरह से मनाना आवश्यक है जो अगली पीढ़ी को नवाचार और अन्वेषण के लिए प्रेरित करे।भारत के विकासात्मक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए, डॉ. रविचंद्रन ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, और इन क्षेत्रों को मजबूत किए बिना, राष्ट्र अपने वांछित लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकता है। उन्होंने वैज्ञानिक समझ को रचनात्मकता और प्रगति के उत्सव में बदलने के उद्देश्य से एक जन-केन्द्रित पहल के रूप में आईआईएसएफ की भूमिका पर जोर दिया।इस कार्यक्रम में विभा के राष्ट्रीय आयोजन सचिव डॉ. शिव कुमार शर्मा, आईआईटीएम पुणे के निदेशक डॉ. ए. सूर्य चंद्र राव, पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेणु विग, पंजाब विश्वविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ की निदेशक डॉ. मीनाक्षी गोयल और पंजाब विश्वविद्यालय में आईआईएसएफ 2025 के समन्वयक प्रो. गौरव वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।आयोजन समिति ने सम्मान स्वरूप गणमान्य व्यक्तियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। अपने स्वागत भाषण में प्रो. रेणु विग ने पूर्वावलोकन समारोह की मेजबानी पर गर्व व्यक्त किया और वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। डॉ. शिव कुमार शर्मा और डॉ. ए. सूर्य चंद्र राव ने विज्ञान सूचना के महत्व और देश भर में वैज्ञानिक सोच के निर्माण में युवाओं को शामिल करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।आईआईएसएफ 2025 का आयोजन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, अंतरिक्ष विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा विज्ञान भारती (विभा), पंजाब विश्वविद्यालय और हरियाणा सरकार के सहयोग से संयुक्त रूप से किया जाएगा। आईआईएसएफ का उद्देश्य विज्ञान को सीखने, नवाचार और सहयोग के उत्सव के रूप में मनाना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ सार्वजनिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है।आईआईएसएफ 2025 का आयोजन पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 6 से 9 दिसम्‍बर 2025 तक किया जाएगा, जिसमें भारत भर के वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक, शोधकर्ता, शिक्षक और छात्र एक साथ आकर वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे और एक आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सहयोग को बढ़ावा देंगे।

 

 

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