पैनल चर्चा : रक्षा में आत्मनिर्भरता-सशक्त भारत की कुंजी
उप-सेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं संपोषण) लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह की अध्यक्षता में आयोजित पैनल चर्चा में डीआरडीओ, रक्षा उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया। विचार-विमर्श में रणनीतिक स्वायत्तता के मार्ग के रूप में आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें स्वदेशी डिज़ाइन, विकास और नवोन्मेषण; दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों को सुदृढ़ करना; डीआरडीओ, निजी क्षेत्र और शिक्षा जगत के बीच इकोसिस्टम का एकीकरण; खरीद प्रक्रियाओं में सुधार; और प्रतिस्पर्धी एवं निर्यात-सक्षम क्लस्टरों के निर्माण में एमएसएमई और रक्षा औद्योगिक गलियारों की भूमिका पर बल दिया गया।
चर्चाओं में भविष्य की प्रचालनगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, निम्न बाहरी निर्भरताओं और भारत के गहन-तकनीकी इकोसिस्टम के त्वरित विकास की आवश्यकता
पर भी प्रकाश डाला गया।सीडीडी-2025, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों को रक्षा सुधारों, प्रौद्योगिकीय रूपांतरण, नागरिक-सैन्य एकीकरण और विकसित भारत @2047 की तैयारी में भारत की उभरती सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर लाएगा।
सीडीडी-2025 के तहत व्यापक कार्यक्रमों की श्रृंखला के एक हिस्से के रूप में, भारतीय सेना ने 31 अक्टूबर 2025 को यंग लीडर्स फोरम का भी आयोजन किया था, जो युवाओं के बीच कार्यनीतिक जागरूकता विकसित करने पर केंद्रित था।