केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने ब्राज़ील सम्मेलन (सीओपी30) में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य दिया। 4 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, श्री भूपेंद्र यादव ने 17.11.2025 को ब्राज़ील के बेलेम में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में पक्षकारों के 30वें सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य दिया। श्री भूपेंद्र यादव ने सीओपी30 को कार्यान्वयन और वादों को पूरा करने वाले सीओपी के रूप में अपनाने का आह्वान किया।श्री भूपेंद्र यादव ने ब्राजील की सरकार और जनता के प्रति भारत की ओर से हमारे ग्रह की पारिस्थितिक संपदा के एक जीवंत प्रतीक ‘अमेज़न के हृदय’ में सीओपी30 की मेजबानी के लिए आभार व्यक्त किया।श्री भूपेंद्र यादव ने विकसित देशों से जलवायु परिवर्तन के प्रति और अधिक महत्वाकांक्षा प्रदर्शित करने और अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “विकसित देशों को वर्तमान लक्ष्य तिथियों से कहीं पहले नेट-ज़ीरो तक पहुंचना चाहिए और अरबों नहीं, बल्कि खरबों में अतिरिक्त और रियायती जलवायु वित्त प्रदान करना चाहिए।” उन्होंने किफायती, सुलभ जलवायु प्रौद्योगिकी की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और कहा कि जलवायु प्रौद्योगिकी को प्रतिबंधात्मक बौद्धिक संपदा बाधाओं से मुक्त होना चाहिए। श्री भूपेंद्र यादव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सफलतापूर्वक यह सिद्ध कर दिया है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से भारत के कार्बन उत्सर्जन में 36 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है, और गैर-जीवाश्म स्रोतों का योगदान अब हमारी कुल विद्युत स्थापित क्षमता (वर्तमान में लगभग 256 गीगावाट) के आधे से अधिक के लिए है, जो एक ऐसा राष्ट्रीय विकास लक्ष्य है जिसे हमने वर्ष 2030 के लक्ष्य से पाँच वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2035 तक अपनी संशोधित राष्ट्रीय विकास लक्ष्य (एनडीसी) की घोषणा करेगा और पहली द्विवार्षिक पारदर्शिता रिपोर्ट प्रकाशित करेगा।श्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन जैसी पहलों में भारत का वैश्विक नेतृत्व परिलक्षित होता है। उन्होंने वर्ष 2070 तक भारत के नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन को आगे बढ़ाने में परमाणु मिशन और हरित हाइड्रोजन मिशन को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कार्बन सिंक और भंडारों के संरक्षण और विकास से संबंधित पेरिस समझौते के उद्देश्यों के अनुरूप, समुदाय-नेतृत्व वाली इस पहल के तहत केवल सोलह महीनों में 2 अरब से अधिक पौधे लगाए जो वास्तव में सामूहिक जलवायु कार्रवाई की शक्ति का प्रमाण है।श्री भूपेंद्र यादव ने वैश्विक जलवायु सहयोग और न्याय के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए आशा व्यक्त की कि “अगला दशक कार्यान्वयन, लचीलेपन और साझा ज़िम्मेदारी का दशक होगा।” व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories दो मुकाबले, डबल रोमांच – सायला में क्रिकेट का जलवा 11 hours ago श्री आशापुरी माताजी मंदिर में चैत्रीय नवरात्रि महोत्सव एवं घट स्थापना का भव्य आयोजन 12 hours ago कैलाश कुमार जैन को “वीर बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया है 12 hours ago [responsive-slider id=1466] You may have missed दो मुकाबले, डबल रोमांच – सायला में क्रिकेट का जलवा 11 hours ago श्री आशापुरी माताजी मंदिर में चैत्रीय नवरात्रि महोत्सव एवं घट स्थापना का भव्य आयोजन 12 hours ago कैलाश कुमार जैन को “वीर बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया है 12 hours ago Bharat Electricity Summit 2026, a flagship global conference-cum-exhibition for the power and electricity sector, will be held from 19-22 March 2026 17 hours ago