उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों की ट्रेनिंग और इसके तहत ड्यूटी संभालने वाला हरियाणा पुलिस का यह पहला बैच है। श्री शाह ने कहा कि 1966 में अंबाला में यह अकादमी शुरू हुई थी। तब से लेकर आज तक जितनी भी बैच निकले उन्होंने अंग्रेजों के बनाए कानूनों को पढ़ा और सीखा है। यह पहला बैच है, जिसे भारत की संसद द्वारा बनाए गए नए कानूनों को सीखकर जनता की सेवा के लिए जाना है। उन्होंने कहा कि 2023 में हरियाणा पुलिस को अपने सराहनीय कार्यों की अखंड यात्रा को निरंतर बनाए रखने के कारण राष्ट्रपति द्वारा प्रेसिडेंट्स कलर प्रदान किया गया था। आज प्रशिक्षु जवानों को उसी परंपरा को आगे बढ़ाना है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब हरियाणा बना, तब एक पुलिस रेंज और 6 जिले थे। आज हरियाणा पुलिस एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है, जिसके तहत 5 रेंज, 19 जिले, इसके साथ रेलवे पुलिस, साइबर क्राइम और कई प्रकार के पुलिस के अंग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस देश भर की पुलिस बलों में सबसे आगे रहने वाली पुलिस बलों में शुमार है। 77 हजार की स्वीकृत क्षमता वाला हरियाणा पुलिस का कार्यबल हमेशा प्रदेश की जनता की सेवा के लिए उपलब्ध रहता है। उन्होंने कहा कि विश्वास, दक्षता और टेक्नोलॉजी से युक्त हरियाणा पुलिस कर्त्तव्य को ही सर्वस्व मानकर आगे बढ़ रही है।
श्री अमित शाह ने कहा कि दस साल पहले देश में कानून और व्यवस्था को लेकर तीन बड़ी चुनौतियाँ थीं—वामपंथी उग्रवाद, जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद और उत्तर-पूर्व में सक्रिय हथियारबंद ग्रुप। लेकिन मोदी सरकार ने इन तीनों क्षेत्रों में शांति स्थापित की है। हालांकि, आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। गृह मंत्री ने कहा कि नई तकनीक को जनता की सेवा के लिए लागू करना आपके इस बैच के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनने वाली है। उन्होंने कहा कि नए कानूनों में फोरेंसिक साइंस की भूमिका तय की गई है। 7 साल या उससे अधिक सजा वाले किसी भी अपराध में क्राइम सीन की फोरेंसिक विजिट को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका एकमात्र उद्देश्य दोषियों को सजा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तकनीक आधारित गवाही से सटीक न्याय सुनिश्चित कर रही है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आंकड़ों पर गौर करने से पता चलता है कि हरियाणा पुलिस तीन नए कानूनों और सुधारों को लागू करने में देश भर में अग्रणी है। प्रशिक्षु जवानों को इस परंपरा को आगे बढ़ाना है। श्री शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हरियाणा देश का अग्रणी राज्य बनेगा, मगर उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस को आने वाले दिनों में मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, साइबर अपराध और एक्सटॉर्शन करने वाले संगठित अपराध नेटवर्क जैसी प्रमुख चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि इन चारों चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने भी बड़ी तैयारी की है। हम राज्यों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि हरियाणा की सबसे बड़ी फरियाद थी कि नौकरी चाहिए तो खर्ची भी देनी पड़ती है और पर्ची भी देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसी ख़ास जाति से हो और अगर रिश्वत देने की क्षमता है तो ही नौकरी मिलती थी। उन्होंने कहा कि नायब सिंह सैनी जी ने हरियाणा को खर्ची-पर्ची बगैर नौकरी देने वाला राज्य बनाकर प्रदेश की जनता के लिए बहुत बड़ा काम किया है। आज लगभग 5000 युवा अपनी मेरिट के आधार पर राज्य को सुरक्षित करने के लिए और राज्य की सेवा करने के लिए तैयार हैं।