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जल शक्ति मंत्रालय द्वारा JSJB Awards की मूल्यांकन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण तथा भ्रामक सूचनाओं का खंडन

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नई दिल्ली-जल संचय जन भागीदारी (JSJB) पहल, जिसे जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 6 सितंबर 2024 को प्रारंभ किया गया था, जल संरक्षण को जन-आंदोलन में परिवर्तित करने के उद्देश्य से संचालित अभियान है। JSJB “whole of government” तथा “whole of society” दृष्टिकोण का अनुसरण करती है, जिसके अंतर्गत समुदायों और निजी भागीदारों को सक्रिय करते हुए कम लागत वाली कृत्रिम जल पुनर्भरण संरचनाएँ — जैसे छत पर वर्षा-जल संचयन प्रणाली, पुनर्भरण कुण्ड/गड्ढे तथा निष्क्रिय पड़े नलकूपों का पुनर्जीवन — वैज्ञानिक तकनीक तथा पारंपरिक तरीकों के संयोजन से शहरी एवं ग्रामीण भारत में निर्मित की जाती हैं। इसमें परमार्थ आधारित योगदान, CSR, सामुदायिक सहभागिता तथा स्वैच्छिक श्रम को प्रोत्साहित किया जाता है। इन संरचनाओं का निर्माण MGNREGA, डिस्ट्रिक्ट मिनरल फण्ड , CAMPA निधि, सामुदायिक सहभागिता, CSR तथा परमार्थ जैसी योजनाओं/प्रयासों के अभिसरण के माध्यम से किया जाता है। इस प्रकार योजना क्षेत्र-केन्द्रित है और स्थानीय प्रशासन क्रियान्वयन के केंद्र में है।क्रियान्वयन की निगरानी JSJB डैशबोर्ड के माध्यम से की जाती है, जो एक ऑनलाइन मंच है और प्रत्येक पुनर्भरण संरचना का GIS निर्देशांकों, जियो-टैग की गई छवियों तथा वित्तीय विवरणों के आधार पर अनुश्रवण करता है। जिलों द्वारा भेजी गई प्रविष्टियों की बहु-स्तरीय जांच जिला प्राधिकरणों तथा मंत्रालय द्वारा की जाती है। गुणवत्ता और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए कम से कम 1 प्रतिशत कार्यों का स्वतंत्र मैदानी सत्यापन किया जाता है तथा शेष 99 प्रतिशत कार्यों का कार्यालयी/दस्तावेजी सत्यापन किया जाता है, ताकि किसी प्रकार की हेर-फेर की संभावना समाप्त हो। इन्हीं सत्यापित प्रविष्टियों के आधार पर जल शक्ति मंत्रालय ने 18 नवंबर 2025 को विज्ञान भवन में प्रथम JSJB Awards प्रदान किए, जिनमें जिलों, NGOs, परमार्थी व्यक्तियों तथा उद्योग संघों को उत्कृष्ट जल-संरक्षण प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। दिए गए प्रोत्साहन का पुनर्निवेश जल-संरक्षण गतिविधियों में किया जाना अनिवार्य है।हाल ही में कुछ सोशल मीडिया संदेशों/पोस्टों में यह आरोप लगाए गए हैं कि National Water Awards कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार की गई अथवा प्रतिलिपि (डुप्लीकेट) छवियाँ, निमंत्रण-पत्र अपलोड करके या छोटे गड्ढों को बड़े जल-निकायों के रूप में प्रदर्शित करके प्राप्त किए गए। कुछ पोस्टों में Catch the Rain (CTR) पोर्टल के स्क्रीन-शॉट और पुरानी असंबंधित छवियाँ भी प्रसारित की गई हैं, यह दिखाने के लिए कि पुरस्कार इन्हीं छवियों के आधार पर दिए गए। ये आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं। JSJB Awards का मूल्यांकन केवल JSJB डैशबोर्ड पर उपलब्ध प्रविष्टियों के आधार पर किया जाता है।CTR पोर्टल पूर्णतः पृथक मंच है और वहाँ अपलोड की गई छवियों को पुरस्कारों के लिए नहीं माना जाता। CTR पोर्टल पर कुछ AI-generated अथवा प्रतिलिपि छवियाँ अवश्य पाई गई थीं, पर उनका JSJB पुरस्कार-प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है और संबंधित जिलों द्वारा आवश्यक कार्रवाई कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन छवियों पर प्रश्न उठाए गए, वे CTR पोर्टल से संबंधित थीं और पुरस्कार-प्रस्तुतियों का हिस्सा नहीं थीं। National Water Mission ने भी सोशल-মीडिया पर प्रसारित छवियों का परीक्षण कर यह पुष्टि की है कि वे JSJB कार्यों से संबंधित नहीं हैं।अतः जल शक्ति मंत्रालय JSJB Awards में छवियों के दुरुपयोग या हेर-फेर से संबंधित दावों को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करता है। इस प्रकार की भ्रामक सूचनाएँ जनता को गुमराह करती हैं, मैदानी अधिकारियों और सामुदायिक स्वयंसेवकों का मनोबल कम करती हैं तथा देश की जल-सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए चल रहे एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रयास को कमजोर करती हैं। मंत्रालय पारदर्शिता और उत्तरदायित्व, कार्यों के कठोर सत्यापन तथा जहाँ अनियमितताएँ पाई जाएँ वहाँ सुधारात्मक कार्रवाई के प्रति प्रतिबद्ध है।

 

 

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