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केन्‍द्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिनियम, 2025 से संबंधित प्रस्तावित आयकर नियमों और प्रपत्रों पर हितधारकों से सुझाव मांगे

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नई दिल्ली-आयकर अधिनियम, 2025 को अगस्त 2025 में राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई। यह अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।आयकर नियमों और प्रपत्रों की अंतिम अधिसूचना से पहले, हितधारकों की व्यापक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, प्रस्तावित आयकर नियम और प्रपत्र आधिकारिक वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। संबंधित आयकर नियम और प्रपत्र व्यापक परामर्श के बाद तैयार किए गए हैं ताकि वे आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप हों।सभी हितधारकों को इसका अध्ययन करने और सुझाव देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इनको अंतिम अधिसूचना से पहले संकलित किया जाएगा और समीक्षा के लिए विचार किया जाएगा।केन्‍द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) एक व्यापक परामर्श प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, निम्नलिखित चार श्रेणियों में हितधारकों से इनपुट और सुझाव आमंत्रित करता है:
  1. सरल भाषा
  2. मुकदमेबाजी में कमी
  3. अनुपालन के बोझ में कमी
  4. अनावश्‍यक/अप्रचलित नियमों और प्रपत्रों की पहचान

इस सुविधा के लिए, ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक यूटिलिटी शुरू की गई है जिस तक निम्नलिखित लिंक के माध्यम से पहुंचा जा सकता है:

https://eportal.incometax.gov.in/iec/foservices/#/pre-login/ita-comprehensive-review

उपरोक्त लिंक ई-फाइलिंग पोर्टल पर 04.02.2026 से सभी हितधारकों के लिए उपलब्ध है। हितधारक अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करके और उसके बाद ओटीपी आधारित सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से अपने इनपुट दे सकते हैं।सभी सुझावों में प्रस्तावित आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधान या प्रस्तावित प्रपत्र संख्या (विशिष्ट नियम, उप-नियम या प्रपत्र संख्या सहित) का स्पष्ट रूप से उल्‍लेख किया जाना चाहिए, जिससे संबंधित अनुशंसा उपर्युक्त चार श्रेणियों के अंतर्गत आती है।

 

 

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