मुंबई-केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा बोर्ड (सीबीआईसी) ने मुंबई में नए कस्टम हाउस में व्यापार संघों, व्यापार मंडलों, निर्यातकों, आयातकों, कस्टोडियनों, कस्टम ब्रोकरों और लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं के प्रतिनिधियों के साथ बजट के बाद एक इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया।यह सत्र बजट 2026–27 में घोषित नई अप्रत्यक्ष कर और सीमा‑संबंधी नीतियों, सुधारों और व्यापार सुविधा उपायों पर चर्चा करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, ताकि हितधारकों के विचार, चिंताएं और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंच सकें और नीतियों के कार्यान्वयन में और सुधार हो सके।यह कार्यक्रम केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष श्री विवेक चतुर्वेदी तथा CBIC के सदस्य (आईटी, करदाता सेवाएं एवं प्रौद्योगिकी) श्री योगेंद्र गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसके साथ ही मुंबई कस्टम और जीएसटी के प्रधान मुख्य आयुक्त, संयुक्त सचिव (कस्टम), आयुक्त (कस्टम एवं निर्यात प्रोत्साहन) तथा जीएसटी नीति विंग के आयुक्त और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।अपने संबोधन में श्री चतुर्वेदी ने विस्तार से बताया कि संघीय बजट 2026–27 में घोषित नई अप्रत्यक्ष कर सुधारों, जो भरोसे पर आधारित शासन (trust‑based governance) पर जोर देते हैं, किस प्रकार सरकार की दृष्टि को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बजटीय नीतिगत परिवर्तनों की जटिलताओं को स्पष्ट किया और यह भी समझाया कि कस्टम विभाग कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में किन‑किन उपायों पर काम कर रहा है।
अपने संबोधन में श्री गर्ग ने उस एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के लाभों पर जोर दिया, जो सभी निर्यात–आयात हितधारकों, सहित अन्य भाग लेने वाली सरकारी एजेंसियों, को जोड़ता है। उन्होंने कहा कि इस एकल डिजिटल प्लेटफॉर्म से तेज़ क्लियरेंस, बेहतर व्यापार योजना बनाने की क्षमता और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
संयुक्त सचिव (कस्टम) ने बताया कि जन सुविधा और इन पहलों को आसानी से समझने के लिए सीबीआईसी ने अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) जारी किए हैं, जो आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbic.gov.in पर उपलब्ध हैं।हितधारकों के साथ यह बातचीत व्यापार और उद्योग के संदेहों को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी और इसके बाद पत्रकारों के साथ एक अलग इंटरैक्शन सत्र भी किया गया।
श्री चतुर्वेदी ने मुंबई कस्टम, हवाई अड्डा, कूरियर टर्मिनल और सीजीएसटी में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ एक अलग बैठक भी की, जो सीधे तौर पर कार्यान्वयन के स्तर पर काम करते हैं। इस बैठक का उद्देश्य उन्हें सुधारात्मक पहलों के कुशल कार्यान्वयन के प्रति संवेदनशील बनाना और व्यापार व उद्योग के लिए कारोबार करने में आसानी (ease of doing business) को और बेहतर बनाना था