पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक ज़िला-एक वृक्ष प्रजाति ‘जाल वृक्ष’ पर कार्यशाला संपन्न
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जालोर 13 फरवरी। जालोर जिला मुख्यालय पर वन विभाग के तत्वावधान में औद्योगिक तृतीय चरण स्थित ग्रेनाइट एसोसिएशन भवन में शुक्रवार को पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक वृक्ष प्रजाति, जाल वृक्ष पर कार्यशाला का आयोजन हुआ।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता डॉ. सतीश शर्मा ने जाल वृक्ष की नर्सरी तकनीक एवं पौध तैयारी की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने जाल वृक्ष के महत्व एवं गुणकारी औषधीय तत्वों के बारे में विस्तार से बताया। सेवानिवृत मुख्य वन संरक्षक उमाराम चौधरी ने जाल वृक्ष के संरक्षण, संवर्धन एवं उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा करते हुए जाल वृक्ष के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
इसी प्रकार उप वन संरक्षक जयदेवसिंह चारण ने पंच गौरव कार्यक्रम के तहत एक जिला-एक वृक्ष प्रजाति में चयनित जाल वृक्ष के संरक्षण तथा आगामी मानसून में वृहद् वृक्षारोपण के लिए की जा रही तैयारी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंशानुरूप पंच गौरव में वन विभाग जालोर द्वारा इस वर्ष प्रत्येक नर्सरी में कुल लक्ष्य का 10 प्रतिशत जाल वृक्ष तैयार किया जा रहे हैं एवं विगत वर्ष में शत-प्रतिशत पौध तैयारी कर वितरण किया गया।कार्यशाला में निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता रहे छात्र-छात्राओं को जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने पारितोषिक एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
वही कार्यक्रम में जाल वृक्ष एवं इसके फल पीलू की औषधीय महत्व दर्शाने वाले बैग्स का विमोचन कर वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन सहायक वनपाल ईश्वर सिंह ने किया।इस अवसर पर, सहायक वन संरक्षक भंवरसिंह सोढ़ा,
क्षेत्रीय वन अधिकारी भागीरथ सिंह, कृष्ण कुमार, मनोहर खान, बालाराम, प्रवीण सिंह देवड़ा व रायचंद, अम्बालाल परिहार सहित स्कूली छात्र-छात्राएँ, वन विभाग के कार्मिक,
रणछोड़ नगर के ग्रामीण उपस्थित रहे।
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