नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक अनुप्रयोग को स्पष्ट करते हुए श्री नमन गोयल, विशेष कार्य अधिकारी, आयुष ग्रिड, आयुष मंत्रालय ने कहा, “आयुष पवेलियन में हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता संचालित संवाद सहायक (चैट बॉट) तथा अन्य प्रमुख पहलों का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें ‘योग आसन कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ प्रमुख है, जो कंप्यूटर विजन पर आधारित समाधान है। यह उपयोगकर्ताओं को योग आसनों की शुद्धता को पहचानने, त्रुटियों में सुधार करने तथा उन्हें सही विधि से संपन्न करने में सक्षम बनाता है, जिससे योग अभ्यास में सटीकता, सुरक्षा और सुगमता को प्रोत्साहन मिलता है।”
आयुष पवेलियन में आयुष प्रणालियों के लिए विकसित की जा रही कृत्रिम बुद्धिमत्ता समर्थ प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिनमें पहले से कार्यान्वित कृत्रिम बुद्धिमत्ता संचालित संवाद सहायक (चैट बॉट) तथा उन्नत उपकरण प्रारूप सम्मिलित हैं। ये उपकरण चिकित्सीय निर्णय सहयोग, मानकीकरण, अनुसंधान विश्लेषण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य जनसंपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं, और आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा तथा होम्योपैथी सहित समस्त आयुष प्रणालियों में व्यापक उपयोग हेतु अभिकल्पित हैं।इस प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर उत्कृष्टता केंद्र की पहलें हैं, जो डिजिटल स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा पारंपरिक चिकित्सा के संगम पर अग्रणी अनुसंधान को प्रदर्शित करती हैं। एक संवादात्मक डिजिटल कियोस्क के माध्यम से आगंतुक, डिजिटल स्वास्थ्य पर अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद अनुसंधान पत्रिका के विशेषांक, विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ चल रहे सहयोग तथा पारंपरिक चिकित्सा के लिए वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता रूपरेखाओं के निर्माण में भारत की अग्रणी भूमिका से अवगत हो सकते हैं।
इस पारिस्थितिकी को और सुदृढ़ करते हुए इंडिया एआई ने 15 जनवरी 2026 को आयुष मंत्रालय तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से 5.25 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि के साथ नवाचार चुनौती का शुभारंभ किया था। चयनित नवप्रवर्तकों को पायलट परियोजना एवं कार्यान्वयन सहयोग प्रदान किया जाएगा, साथ ही प्रदर्शन तथा कार्य-परिधि के अनुरूपता के अंतर्गत अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक के मूल्य का दो वर्षीय शासकीय अनुबंध प्राप्त करने का अवसर भी उपलब्ध होगा। नवाचार चुनौती में सहभागिता की अंतिम तिथि 22 फरवरी 2026 निर्धारित है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता तेज रफ्तार से अर्थव्यवस्थाओं और समाजों को कर रही रही है —जिससे अभूतपूर्व अवसर भी उत्पन्न हो रहे हैं, साथ ही नई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। इस परिप्रेक्ष्य में मंत्रालय की सहभागिता यह दर्शाती है कि भारत अपनी शताब्दियों पुरानी स्वास्थ्य परंपराओं को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के साथ समेकित कर रहा है। डिजिटल आधारभूत संरचना, वैश्विक सहयोग तथा नवाचार को पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में समाहित करते हुए आयुष, भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में जनकेंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोगों के अग्रणी स्थान पर स्थापित कर रहा है।आयुष मंत्रालय भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में अपनी सहभागिता के माध्यम से प्रौद्योगिकी-सक्षम, साक्ष्य-आधारित तथा वैश्विक स्तर पर परस्पर संबद्ध पारंपरिक चिकित्सा पारिस्थितिकी के अपने दृष्टिकोण को पुनः पुष्ट कर रहा है। व्यापक राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानवता की सेवा करने, समतामूलक प्रगति को प्रोत्साहित करने तथा सभी के लिए ठोस और सार्थक लाभ प्रदान करने का माध्यम बन सके।