विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया 7 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (डीओएसजेई), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने आज नई दिल्ली के द्वारका स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में विश्व सामाजिक न्याय दिवस को देश के संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ पर केंद्रित एक गंभीर एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम के साथ मनाया।इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री बी. एल. वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और मुख्य भाषण दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय भारत की संवैधानिक संरचना की नींव है और कहा कि शासन को प्रत्येक नागरिक के लिए गरिमा, समानता एवं समान अवसर सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सार्थक विकास केवल आर्थिक प्रगति में ही नहीं बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण में भी दिखाई देता है।मंत्री ने अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के उत्थान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास एवं कल्याणकारी पहलाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर बल दिया जिससे विकास अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंच सके।कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण क्षण केंद्रीय मंत्री के नेतृत्व में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ था, जिसमें छात्र, शिक्षक, वरिष्ठ नागरिक, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, ब्रह्मा कुमारी के प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी शामिल हुए और सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक न्याय के साथ-साथ स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इस पाठ ने संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने की साझा जिम्मेदारी की सशक्त याद दिलाई।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. तसनीम देवो, एसोसिएट प्रोफेसर, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने उद्घाटन भाषण से किया, जिसके बाद औपचारिक दीप प्रज्वलित किया गया। https://rajnewslive.com/wp-content/uploads/2026/02/VID-20260221-WA0658.mp4 सभा का स्वागत प्रोफेसर (डॉ.) रुही पॉल, विधि की प्रोफेसर एवं रजिस्ट्रार ने किया। सुश्री मोनाली पी. ढाकाटे, संयुक्त सचिव, सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग ने नीति एवं सार्वजनिक जीवन में सामाजिक न्याय की निरंतर प्रासंगिकता पर अपना विचार व्यक्त किया। अपने संबोधन में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति ने एक न्यायसंगत समाज के निर्माण में विधि संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को न केवल विधि का ज्ञान प्रदान करना चाहिए बल्कि भावी विधि पेशेवरों में संवैधानिक नैतिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं समावेशी न्याय के प्रति गहरी प्रतिबद्धता भी विकसित करनी चाहिए। इस कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के प्रतिनिधि, संकाय सदस्य एवं छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ जो राष्ट्र के संवैधानिक आदर्शों की सामूहिक पुष्टि थी।इस आयोजन के माध्यम से विभाग ने सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने एवं संविधान के मूल्यों पर आधारित एक समावेशी एवं सशक्त भारत को मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories श्री अमित शाह ने ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया 13 hours ago पर्यटन का विकास लोकप्रिय स्थलों से आगे बढ़कर स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा करने वाला होना चाहिए:श्री गजेंद्र सिंह शेखावत 2 days ago स्काउट सचिव डॉ.घनश्याम व्यास को कुरुक्षेत्र में आईएएस मनिता मलिक एवं कुलपति प्रो.अजय रंगा ने राष्ट्रीय नवाचार अवार्ड से नवाजा 2 days ago [responsive-slider id=1466] You may have missed श्री अमित शाह ने ‘प्रहार-CT (आतंकवाद-रोधी) नीति और रणनीति’ पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन किया 13 hours ago पर्यटन का विकास लोकप्रिय स्थलों से आगे बढ़कर स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा करने वाला होना चाहिए:श्री गजेंद्र सिंह शेखावत 2 days ago स्काउट सचिव डॉ.घनश्याम व्यास को कुरुक्षेत्र में आईएएस मनिता मलिक एवं कुलपति प्रो.अजय रंगा ने राष्ट्रीय नवाचार अवार्ड से नवाजा 2 days ago PHDCCI Hosts Impactful Seminar on “Navigating Income Tax Pitfalls” 3 days ago