बांडी नदी में पानी छोड़ने पर मुख्यमंत्री गहलोत का अभिनंदन,अब नहर के लिए बजट की रखी मांग।
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आबूरोड आने पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बांडी सिणधरा सँघर्ष समिति की ओर से आपेश्वर महादेव की तस्वीर भेंट कर किया अभिनंदन
– नदी में बांध से ज्यादा स्पीड से पानी छोड़ने की रखी मांग
न्यूज़ नेटवर्क, आबूरोड/ भीनमाल।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आबूरोड आगमन पर रविवार देर रात बांडी सिणधरा बांध संघर्ष समिति के प्रमुख सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने 120 गांवों के किसानों की ओर से अभिनंदन पत्र और आपेश्वर महादेव की तस्वीर भेंट कर आभार जताया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से श्रवण सिंह राठौड़ ने मुलाकात कर नहर की मरम्मत जल्दी करवाने, बांध से नदी में तेज स्पीड से पानी खुलवाने और बांध के 12 गेट निर्माण करवाने की मांग प्रमुखता से रखी।
संघर्ष समिति के प्रमुख सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से रविवार रात को आबूरोड में मुलाकात की। राठौड़ ने 120 गांवों के किसानों की भावना के अनुरूप नदी में पानी छोड़ने का फैसला करने को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत को अभिनंदन पत्र सौंपा और आपेश्वर महादेव की तस्वीर भेंट की। राठौड़ के मुताबिक इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बांध से छोड़े गए पानी के विषय में जानकारी प्राप्त की। श्रवण राठौड़ ने जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों की ओर से पानी छोड़ने में कंजूसी करने, किसान विरोधी मंशा रखने, कुछ किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए अवैध तरीक़े से रिश्वत लेकर लेकर पानी बेचने और नहर निर्माण में करोड़ों का घोटाला करने के आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत से शिकायत की है। श्रवण राठौड़ के मुताबिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस विषय में जयपुर आकर लिखित में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट देने का बोला है।
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*मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की* *गई प्रमुख मांग*
संघर्ष समिति के प्रमुख सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र सौंपकर कई मांगे रखी है, जिसमें
– सिणधरा बांध से आसपास के गांवों में सिंचाई के लिए क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत के लिए जल्दी आदेश दिए जाएं।
– नदी में बांध से छोड़े गए पानी की स्पीड बढ़ाये जाने की जरूरत है। इसके लिए तुरंत निर्देश दिए जाएं
– सिन्धरा बांध के एक भी गेट नहीं है। सरकार इस बांध के लिए 20-25 फ़ीट की ऊँचाई पर ओवरफ्लो के लिए 12 गेट का निर्माण करवाये, जिससे हर साल नदी के हिस्से का 33 प्रतिशत पानी छोड़ा जा सके।
– घटिया नहर निर्माण कर करोड़ो का घोटाला करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
– मत्स्य पालन का ठेका निरस्त किया जाए। वरना किसान यहां मछलियों को निकालने का विरोध करेंगे।
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