दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ सम्पन्न।
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पाली जिले के बाली उपखंड के बेडा कस्बे की बाबा रामदेव धर्मशाला में दो दिवसीय गोडवाड आदिवासी संगठन बाली-देसूरी का युवा महिला संगम आवासीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। संगठन के क्षेत्रीय समन्वयक वगताराम देवासी ने बताया कि पाली जिला महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित ने कहा कि महिलाएं शिक्षित व स्वावलंबी बने, तभी समाज का विकास संभव है ।
वे शुक्रवार को दो दिवसीय समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में बोल रही थी । उन्होंने कहा कि बाल विवाह अपराध है । अतः लड़की का विवाह 18 वर्ष बाद व लड़के का विवाह 21 वर्ष बाद ही किया जाए । उन्होंने स्वास्थ्य पोषण हेतु अच्छा पौष्टिक आहार लेने एवं स्वयं का विकास करने तथा स्वस्थ रहते हुए परिवार का विकास करने का भी आह्वान किया । उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों व बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी । सभी को विशेष बेज भी दिए गए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जिला टास्क फोर्स के सदस्य एवं संगठन के संरक्षक डॉ राजकमल पारीक ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, खाद्य सुरक्षा, मुफ्त कानूनी सहायता, गुड टच, बैड टच, महिला ग्राम सभा की सतत विकास लक्ष्य में महत्ती आवश्यकता क्यों, महिला ग्राम सभा की पूर्व तैयारी, ग्राम सभा में प्रस्तावों को देना, पास करना एवं प्रस्तावों के बाद में क्रियान्विती क्या हुई आदि एवं विस्तृत रूपरेखा की जानकारी दी। 
मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों भागीरथ चौधरी व कविता व्यास ने विभाग के मुख्य कार्यक्रमों की आवश्यकता व क्रियान्वयन की जानकारी दी । बेड़ा पीएसी के डॉक्टर नरेश जोशी एवं सहयोगी ललितकुमार व सहीराम ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की जानकारी दी एवं इन्होंने स्वास्थ्य के बारे में भी बताया। इससे पूर्व महिलाओं को सक्षम व जागरूक बना आगे लाने, संगठन को मजबूत बनाने व विकास में ग्राम सभा की महती भूमिका आवश्यकता व सहभागी चर्चा आस्था संस्था उदयपुर के जेन्डर समन्वयक डा कीर्ति जैन ने करवायी। सफल अच्छी ग्राम सभा में आम नागरिक में महिलाओं की स्थिति को शेर-बकरी खेल के माध्यम से रोल प्ले किया एवं नाटक से उन्होंने समझ बनाई । श्रमिक कार्ड के प्रवासी कार्ड के महिलाओं को विभिन्न फायदा कैसे मिले बताएं व अधिकारों में महिलाओं की भूमिका महिला सशक्तिकरण बाल हितेषी व महिला सदस्य पंचायत की जानकारी भी दी गई । बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शपथ डॉ राजकमल पारीक व अंकिता राजपुरोहित ने दिलाई ।
आयोजन में कनीबाई मालनू, रेखा रोटियां, फगनूबाई, बबीताबाई, रेशमीबाई, अमीरीबाई, सुखीबाई, नवीबाई, पुनाराम, गलाराम बराडिया, चौपाराम, विरमाराम, बबलू, गणेशाराम, हरिराम ने सहभागिता निभाई। अंत में महिलाओं ने सामूहिक गीत गाकर माहौल में चेतना जगाई । शिविर में आदिवासी क्षेत्र की 120 महिला-पुरुष नेतृत्व कर्ताधर्ताओ ने भाग लिया। समन्वयक वगताराम ने कार्यक्रम समापन की घोषणा की।
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