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प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए वाराणसी में दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज – एमवी गंगा विलास को झंडी दिखाकर रवाना किया।

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वाराणसी में दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज-एमवी गंगा विलास को झंडी दिखाकर रवाना किया और टेंट सिटी का उद्घाटन किया।उन्होंने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कई अन्य अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।रिवर क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के प्रयास केअनुरूप, इस सेवा के लॉन्च के साथ रिवर क्रूज की विशालअप्रयुक्त क्षमता का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा और यह भारतके लिए रिवर क्रूज टूरिज्म के एक नए युग का सूत्रपात करेगी।

सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने भगवान महादेव कीजय-जयकार की और लोहड़ी के शुभ अवसर पर सभी को बधाईदी। प्रधानमंत्री ने हमारे त्योहारों में दान, आस्था, तपस्या औरआस्था तथा उनमें नदियों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहायह नदी जलमार्ग से संबंधित परियोजनाओं को और अधिकमहत्वपूर्ण बनाती है। उन्होंने कहा कि काशी से डिब्रूगढ़ तक केसबसे लंबे रिवर क्रूज को आज झंडी दिखाई जा रही है, जो विश्वपर्यटन मानचित्र पर उत्तर भारत के पर्यटन स्थलों को सामनेलाएगा। उन्होंने कहा कि आज वाराणसी, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और बिहार, असम में समर्पित की जा रही एक हजार करोड़रुपये की अन्य परियोजनाएं पूर्वी भारत में पर्यटन और रोजगार कीसंभावनाओं को बढ़ावा देंगी।

प्रत्येक भारतीय के जीवन में गंगा नदी की केंद्रीय भूमिका के बारे मेंचर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा जी हमारे लिए सिर्फएक जलधारा भर नहीं है, बल्कि यह प्राचीन काल से हमारे महानभारत की तप-तपस्या की साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि भारत कीस्थितियां-परिस्थितियां कैसी भी रही हों, मां गंगे ने हमेशा कोटि-कोटि भारतीयों को पोषित किया है, प्रेरित किया है। श्री मोदी नेकहा कि स्वतंत्रता के बाद की अवधि में गंगा किनारे के आस-पासका क्षेत्र विकास में पिछड़ गया, जिससे इस क्षेत्र से आबादी काभारी पलायन हुआ। प्रधानमंत्री ने इस दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति से निपटनेके लिए दोहरे दृष्टिकोण की व्याख्या की। एक ओर नमामि गंगे केमाध्यम से गंगा की सफाई का अभियान चलाया गया तो दूसरी ओरअर्थ गंगा का सहारा लिया गया। ‘अर्थ गंगा’ में जिन राज्यों से गंगागुजरती है, वहां आर्थिक गतिशीलता का वातावरण बनाने के लिएकदम उठाए गए हैं।

क्रूज की पहली यात्रा पर आए विदेशी पर्यटकों को सीधे संबोधितकरते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत के पास सब कुछ है औरआपकी कल्पना से परे भी बहुत कुछ है।” उन्होंने कहा कि भारतको केवल दिल से अनुभव किया जा सकता है क्योंकि देश ने क्षेत्रया धर्म, पंथ या देश के बावजूद सभी का खुले दिल से स्वागतकिया है और दुनिया के सभी हिस्सों से पर्यटकों का स्वागत कियाहै।

रिवर क्रूज के अनुभव पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री ने बतायाकि इसमें सभी के लिए कुछ न कुछ खास है। उन्होंने कहा किआध्यात्मिकता में रुचि रखने वालों के लिए काशी, बोधगया, विक्रमशिला, पटना साहिब और माजुली जैसे गंतव्यों को कवरकिया जाएगा, एक बहुराष्ट्रीय क्रूज अनुभव की तलाश करने वालेपर्यटकों को बांग्लादेश में ढाका से होकर जाने का अवसर मिलेगा, और जो भारत की प्राकृतिक विविधता को देखना चाहते हैं, उनकेलिए यह सुंदरबन और असम के जंगलों से होकर गुजरेगा।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्रूज 25 विभिन्न नदी धाराओं से होकरगुजरेगा, इसलिए उन लोगों के लिए इस क्रूज का विशेष महत्व है, जो भारत की नदी प्रणालियों को समझने में गहरी रुचि रखते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसरहै जो भारत के असंख्य पाक और व्यंजनों का पता लगाना चाहतेहैं। प्रधानमंत्री ने क्रूज पर्यटन के नए युग पर प्रकाश डालते हुएकहा, “कोई भी इस क्रूज पर भारत की विरासत और इसकीआधुनिकता के असाधारण समामेलन को देख सकता है, जहां देशके युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।” प्रधानमंत्री नेकहा, “विदेशी पर्यटकों के लिए तो यह आकर्षण होगा ही, देश केभी जो पर्यटक पहले ऐसे अनुभवों के लिए विदेश जाते थे, वे अबपूर्वी-उत्तर पूर्वी भारत का रुख कर पाएंगे।” उन्होंने यह भी बतायाकि बजट के साथ-साथ लग्जरी अनुभव को ध्यान में रखते हुए क्रूजपर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देश के अन्य अंतर्देशीय जलमार्गों मेंभी इसी तरह की सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत पर्यटन के एक मजबूत चरणमें प्रवेश कर रहा है क्योंकि बढ़ते वैश्विक प्रोफाइल के साथ, भारतके बारे में उत्सुकता भी बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा किइसीलिए, पिछले 8 वर्षों में देश में पर्यटन क्षेत्र के विस्तार के लिएकई कदम उठाए गए हैं। आस्था के स्थलों को प्राथमिकता केआधार पर विकसित किया गया और काशी ऐसे प्रयासों का जीता-जागता उदाहरण है। बेहतर सुविधाओं और काशी विश्वनाथ धामके कायाकल्प के साथ, काशी में आने वाले भक्तों की संख्या मेंभारी वृद्धि देखी गई है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारीबढ़ावा मिला है। काशी में गंगा पार अद्भुत टेंट सिटी से वहां आनेऔर रहने का एक और बड़ा कारण देश-दुनिया के पर्यटकों-श्रद्धालुओं को मिला है। आधुनिकता, आध्यात्मिकता और आस्थासे ओतप्रोत न्यू टेंट सिटी पर्यटकों को एक नया अनुभव प्रदानकरेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का कार्यक्रम देश में 2014 के बाद कीनीतियों, निर्णयों और दिशा-निर्देशों का प्रतिबिंब है। प्रधानमंत्री नेकहा, “21वीं सदी का यह दशक, भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर केकायाकल्प का दशक है। इस दशक में भारत के लोग, आधुनिकइंफ्रास्ट्रक्चर की वह तस्वीर देखने जा रहे हैं, जिसकी कल्पना तकमुश्किल थी।” उन्होंने कहा कि घरों, शौचालयों, अस्पतालों, बिजली, पानी, रसोई गैस, शैक्षिक संस्थानों जैसे सामाजिक बुनियादी ढांचेसे लेकर रेलवे, जलमार्ग, वायुमार्ग और सड़कों जैसे भौतिक संपर्कबुनियादी ढांचे तक, ये सभी भारत के तेजी से विकास के मजबूतसंकेतक हैं। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में भारत सबसे अच्छा औरसबसे बड़ा देख रहा है।

प्रधानमंत्री ने देश में परिवहन के इस मोड में समृद्ध इतिहास केबावजूद 2014 से पहले भारत में नदी जलमार्गों का कम इस्तेमालहोने के बारे में चर्चा की। 2014 के बाद, भारत इस प्राचीन शक्तिका उपयोग आधुनिक भारत के निर्माण के लिए कर रहा है। देशकी बड़ी नदियों में जलमार्ग विकसित करने के लिए नया कानूनऔर विस्तृत कार्ययोजना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 में देशमें केवल 5 राष्ट्रीय जलमार्ग थे, अब देश में 111 राष्ट्रीय जलमार्ग हैंऔर लगभग दो दर्जन पहले से ही चालू हैं। इसी तरह, नदीजलमार्ग के माध्यम से कार्गो परिवहन में 8 साल पहले 30 लाखमीट्रिक टन से 3 गुना वृद्धि हुई है।

पूर्वी भारत के विकास के विषय पर चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री नेकहा कि आज के कार्यक्रम पूर्वी भारत को विकसित भारत के लिएएक विकास इंजन बनाने में मदद करेंगे। यह हल्दिया मल्टीमॉडलटर्मिनल को वाराणसी से जोड़ता है और भारत बांग्लादेशप्रोटोकॉल मार्ग और पूर्वोत्तर से भी जुड़ा हुआ है। यह कोलकाताबंदरगाह और बांग्लादेश को भी जोड़ता है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश तक व्यापार करनेमें आसानी होगी।

कर्मचारियों और कुशल कार्यबल के प्रशिक्षण की आवश्यकता परजोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि गुवाहाटी में एक कौशलविकास केंद्र स्थापित किया गया है और जहाजों की मरम्मत केलिए गुवाहाटी में एक नई सुविधा का निर्माण भी किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा, “क्रूज शिप हो या कार्गो शिप, ये न सिर्फट्रांसपोर्ट और टूरिज्म को बढ़ावा देते हैं, बल्कि इनकी सर्विस सेजुड़ा पूरा उद्योग भी नए अवसर पैदा करता है।”

एक अध्ययन का हवाला देते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि जलमार्गपर्यावरण की रक्षा के लिए भी अच्छे हैं और पैसे की भी बचत करतेहैं। उन्होंने कहा कि जलमार्गों के संचालन की लागत सड़क मार्गोंकी तुलना में ढाई गुना कम है और रेलवे की तुलना में एक तिहाईकम है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के बारे में चर्चाकरते हुए कहा कि भारत में हजारों किलोमीटर के जलमार्ग नेटवर्कको विकसित करने की क्षमता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर देतेहुए कहा कि भारत में जो 125 से ज्यादा नदियां और नदी धाराएंहैं, वे लोगों और सामान के ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल की जा सकती हैंऔर ये वाटर-वे, भारत में पोर्ट लेड डेवलपमेंट को भी बढ़ाने मेंमदद करेंगे। उन्होंने जलमार्गों के एक आधुनिक बहु-मॉडल नेटवर्कके निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया और बांग्लादेश औरअन्य देशों के साथ साझेदारी के बारे में जानकारी दी, जिसनेपूर्वोत्तर में जल संपर्क को मजबूत किया है।

संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने भारत में विकासशीलजलमार्गों की निरंतर विकास प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा, “एक विकसित भारत के निर्माण के लिए मजबूत कनेक्टिविटीआवश्यक है।” प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की नदीजल शक्ति और देश के व्यापार और पर्यटन को नई ऊंचाई देगीऔर उन्होंने सभी क्रूज यात्रियों के लिए सुखद यात्रा की कामनाकी।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री श्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय जहाजरानीऔर जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य लोगउपस्थित थे।

पृष्ठभूमि

एमवी गंगा विलास

एमवी गंगा विलास उत्तर प्रदेश के वाराणसी से अपनी यात्रा शुरूकरते हुए 51 दिनों में लगभग 3,200 किलोमीटर की यात्रा करकेभारत और बांग्लादेश में 27 नदी प्रणालियों को पार करते हुएबांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ तक पहुंचेगा। एमवी गंगाविलास में सभी लक्जरी सुविधाओं के साथ तीन डेक, 36 पर्यटकोंकी क्षमता वाले 18 सुइट हैं। पहली यात्रा में स्विट्जरलैंड के 32 पर्यटक पूरी यात्रा के लिए जा रहे हैं।

एमवी गंगा विलास क्रूज को दुनिया के सामने देश का सर्वश्रेष्ठप्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है। विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीयउद्यानों, नदी घाटों और बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम मेंगुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों की क्रूज की51 दिनों की यात्रा की योजना बनाई गई है। यह यात्रा पर्यटकों कोएक शानदार अनुभव देगी और भारत और बांग्लादेश की कला, संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिकता में शामिल होने का अवसरदेगी।

रिवर क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रधानमंत्री के प्रयास केअनुरूप, इस सेवा के लॉन्च के साथ रिवर क्रूज की विशालअप्रयुक्त क्षमता का लाभ प्राप्त करना संभव हो जाएगा और यहभारत के लिए रिवर क्रूज टूरिज्म के एक नए युग का सूत्रपातकरेगी।

वाराणसी में टेंट सिटी

क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं का दोहन करने के लिए गंगा नदी केतट पर टेंट सिटी की परिकल्पना की गई है। यह परियोजना शहरके घाटों के सामने विकसित की गई है जो विशेष रूप से काशीविश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद से वाराणसी में रहने की सुविधाप्रदान करेगी और पर्यटकों की बढ़ती संख्या की जरूरत को पूराकरेगी। इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी के प्रारूप में वाराणसीविकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया गया है। पर्यटक आसपासके विभिन्न घाटों से नावों द्वारा टेंट सिटी पहुंचेंगे। टेंट सिटी हर सालअक्टूबर से जून तक जारी रहेगी और बारिश के मौसम में नदी केजल स्तर में वृद्धि के कारण तीन महीने के लिए हटा दी जाएगी।

अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाएं

प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में हल्दिया मल्टी मॉडल टर्मिनल काउद्घाटन किया। जलमार्ग विकास परियोजना के तहत विकसित, हल्दिया मल्टी मॉडल टर्मिनल की कार्गो हैंडलिंग क्षमता लगभग 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) है और बर्थ कोलगभग 3000 डेडवेट टनेज (डीडब्ल्यूटी) तक के जहाजों कोसंभालने के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के सैदपुर, चोचकपुर, जमानिया और बलिया जिले के कंसपुर में चार फ्लोटिंग कम्युनिटीजेटी का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री द्वारा बिहारमें पटना जिले के दीघा, नकटा दियारा, बाढ़, पानापुर और बिहार केसमस्तीपुर जिले के हसनपुर में पांच सामुदायिक घाटों कीआधारशिला रखी गई। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने औरक्षेत्र में स्थानीय समुदायों की आजीविका में सुधार के लिए उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में गंगा नदी केकिनारे 60 से अधिक सामुदायिक घाटों का निर्माण किया जा रहाहै। छोटे किसानों, मत्स्य इकाइयों, असंगठित कृषि उत्पादकइकाइयों, बागवानों, फूलों की खेती करने वालों और गंगा नदी केभीतरी इलाकों में आर्थिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने वालेकारीगरों के लिए सरल लॉजिस्टिक समाधान प्रदान करकेसामुदायिक जेटी लोगों की आजीविका में सुधार करने में महत्वपूर्णभूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में पूर्वोत्तर के लिए समुद्री कौशल विकासकेंद्र का भी उद्घाटन किया। यह उत्तर पूर्वी क्षेत्र में समृद्ध प्रतिभापूल को तराशने में मदद करेगा और तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिकउद्योग में रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा।

इनके अलावा, प्रधानमंत्री गुवाहाटी में पांडु टर्मिनल में एक जहाजमरम्मत सुविधा और एक एलिवेटेड रोड की आधारशिला भी रखी।पांडु टर्मिनल पर शिप रिपेयर सुविधा से कीमती समय की बचतहोगी, क्योंकि एक जहाज को कोलकाता रिपेयर फैसिलिटी तक लेजाने और वापस लाने में एक महीने से अधिक का समय लगता है।इसके अलावा, इससे धन की भारी बचत भी होगी क्योंकि जहाजकी परिवहन लागत भी बचेगी। पांडु टर्मिनल को राष्ट्रीय राजमार्ग27 से जोड़ने वाली समर्पित सड़क 24 घंटे की कनेक्टिविटी कोसक्षम करेगी।

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