नेशनल ट्रस्ट ने 3 मार्च, 2023 को दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में ‘‘ बौद्धिक और विकास संबंधी विकलांगता वाले व्यक्तियों की प्रतिभा और कार्य क्षेत्र ‘‘ पर एक राष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन किया।
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उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए श्रीमती शांति औलक नेकहा कि हम इन व्यक्तियों को सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाएक्योंकि हमने इन बच्चों की क्षमताओं को कम करके आंका।उन्होंने कहा कि इन बच्चों के साथ काम करते हुए हमने सीखनेकी ललक, जीवन के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी लेने की भावनासीखी। उन्होंने कहा कि दिमाग की रूपरेखा सीखने के लिए बनाईगई है। अवसर मिलने पर उनमें बढ़ने की क्षमता है।

श्री ऋषि भुट्टन ने उपस्थित जनसमूह के साथ अपनी जीवन यात्राको साझा किया कि किस प्रकार सेरेब्रल पाल्सी वाले व्यक्ति होनेके नाते उन्होंने चुनौतियों पर काबू पाया।
सुश्री तान्या ने अपने जीवन का अनुभव साझा किया कि किसप्रकार वह एक विशेष शिक्षाविशारद बनीं। वह स्व समर्थन की भीएक सदस्या हैं।
एकता एवं विविधता को प्रदर्शित करते हुए दिव्यांगजनों द्वाराप्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक प्रदर्शन के अतिरिक्त, विभिन्न स्टॉलोंपर इन दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रस्तुति भीथी। इन उत्पादों को नेशनल ट्रस्ट के राज्यों अर्थात असम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल केपंजीकृत संगठनों द्वारा प्रदर्शित किया गया था। उत्तर से दक्षिण एवंपूर्व से पश्चिम तक इन दिव्यांगजनों द्वारा तैयार किए गए ये सुंदरउत्पाद बहुत ही अधिक मनमोहक थे।

9 राज्यों अर्थात असम, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, केरल के बच्चों द्वारामंत्रमुग्ध कर देने वाले प्रदर्शन को दर्शकों से खूब वाहवाही मिली।ऐसी जीवंत प्रस्तुतियों का समय समय पर आयोजन किया जानाचाहिए।
ऑटिज्म, सेरेबल पाल्सी, मानसिक विकलांगता और बहुविकलांगता वाले व्यक्तियों के कल्याण के लिए नेशनल ट्रस्ट संसदके अधिनियम, 1999 द्वारा गठित एक सांविधिक निकाय है।

प्रदर्शनी के दौरान, बौद्धिक और विकास संबंधी विकलांगता वालेव्यक्तियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम ( नृत्य, कला, गायन आदि ) केरूप में अपनी प्रतिभाओं और कौशलों का प्रदर्शन किया तथाउनके द्वारा विकसित विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया। नेशनलट्रस्ट के पंजीकृत संगठनों ( आरओ ) द्वारा 19 स्टॉल लगाए गएथे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में दिव्यांगजनों द्वारा योग प्रदर्शन, दिव्यांगजनों द्वारा बिहु नृत्य और देशभक्ति नृत्य शामिल थे तथाप्रदर्शनी के दौरान 10 आरओ द्वारा दूसरे प्रदर्शन किए जाएगे।

दिल्ली की मुस्कान पैरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. शांतिऔलक ‘ दिव्यांगजनों के साथ काम करने के अनुभव साझा करनेपर ‘ चर्चा करेंगी। इसके अतिरिक्त, दो कामकाजी दिव्यांगजनप्रदर्शनी के दौरान अपने अनुभव साझा करेंगे।
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