इस वर्ष बिना महरम (पुरुष अभिभावक के बिना) के हज यात्रा पर जाएगा महिलाओं का अब तक का सबसे बड़ा दल।
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अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने तीर्थयात्रियों को विदेशी मुद्रा सुविधाएं प्रदान करने के लिए विशेष व्यवस्था करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ भागीदारी की है। पहले के वर्षों के विपरीत, जब प्रत्येक तीर्थयात्री को तब उसकी वास्तविक आवश्यकताओं के बावजूद भारत की हज समिति द्वारा 2100 रियाल उपलब्ध कराया जाता था, हज नीति 2023 तीर्थयात्रियों को अब अपनी विदेशी मुद्रा की व्यवस्था करने या कम विदेशी मुद्रा लेने का विकल्प और लचीलापन देती है। तीर्थयात्रियों को सबसे प्रतिस्पर्धी दरों पर विदेशी मुद्रा की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एसबीआई के साथ सहयोग किया है।
पूरे भारत में 22,000 से अधिक शाखाओं के साथ भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सऊदी अरब में अपने प्रवास के दौरान अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सभी तीर्थयात्रियों के लिए विदेशी मुद्रा (एफओआरईएक्स) और अनिवार्य बीमा प्रदान करने की सुविधा प्रदान करेगा। इस संबंध में बैंक एसएमएस के जरिए तीर्थयात्रियों तक पहुंचेगा।
सभी तीर्थयात्रियों को विदेशी मुद्रा (एफओआरईएक्स) कार्ड की सुविधा भी प्रदान की जा रही है जिससे चोरी या नकद (भौतिक) मुद्रा की हानि की संभावना समाप्त हो जाती है। यदि यह कार्ड यात्रा के दौरान खो जाता है तब भी तीर्थयात्री बैंक से अपना पैसा वापस प्राप्त कर सकता है।
एसबीआई तीर्थयात्रियों को नकद या फॉरेक्स कार्ड के माध्यम से विदेशी मुद्रा प्राप्त करने की सुविधा के लिए और आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान करने के लिए उपयुक्त स्तर के समर्पित प्रमुख केन्द्रों (फोकल पॉइंट)/ नोडल अधिकारी के साथ सभी प्रस्थान स्थलों पर स्टालों की व्यवस्था भी करेगा। एसबीआई द्वारा एक हेल्पलाइन संचालित की जाएगी और इन नोडल अधिकारियों के संपर्क विवरण शीघ्र ही सार्वजनिक किए जाएंगे।
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