जी20 शिखर सम्मेलन का वैश्विक व्यापार में, भारत में निवेश आकर्षित करने और बहुपक्षीय संगठनों में भारत की बढ़ती भूमिका को प्रोत्साहित करने में विशेष महत्व है: उत्तरी क्षेत्रीय निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कार, फियो में श्री पीयूष गोयल।
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उन्होंने कहा, भारत ने हाल के दिनों में तीन प्रमुख उपलब्धियों – चंद्रयान मिशन, भाला फेंक प्रतियोगिता और शतरंज के खेलों में जीत और जी20 में मंत्रिस्तरीय बैठकों की सफल भागीदारी का जश्न मनाया है।श्री गोयल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कथन को उद्धृत करते हुए कहा, “व्यवसाय संभावनाओं को समृद्धि में, बाधाओं को अवसर में, आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदल सकता है, छोटा हो या बड़ा, वैश्विक हो या स्थानीय, यह सभी की प्रगति सुनिश्चित कर सकता है।” उन्होंने कहा, यह वास्तव में हमारे व्यापारिक समुदाय पर विश्वास के पक्ष में एक बड़ा मत है। उन्होंने साथ ही कहा, “आप जो काम करते हैं उसके लिए आपको मान्यता मिल रही है और सम्मानित किया जा रहा है, एवं एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में हमारी यात्रा में आपके योगदान को पहचान और सराहना मिल रही है।”
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत उन कुछ देशों में से एक था जिन्होंने महामारी के दौरान चुनौतियों के आधार पर बदलाव लाने के साथ जिम्मेदारी दिखाई। “हमने विकासशील देशों को टीके उपलब्ध कराकर उनके प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई है, उनमें से कई देशों को नि:शुल्क टीके उपलब्ध कराए गए हैं। हमने दिखाया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हम कर्म करेंगे और वैश्विक विकास का नेतृत्व करेंगे।”
श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को अवसरों का देश बताया है। उन्होंने कहा, अगले 30 वर्षों तक, भारत की आबादी युवा बनी रहेगी और हम 2047 तक 35 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में 30 लाख करोड़ डॉलर और जोड़ देंगे, उन्होंने कहा कि हमारी युवा, आकांक्षाओं से भरी आबादी हमारे लिए मांग पैदा करेगी। उन्होंने भारत के सफल अंतरिक्ष मिशन की ओर संकेत करते हुए कहा, अब हमारे लिए आकाश की भी सीमा नहीं रही।.
श्री गोयल ने कहा, “हम बुनियादी ढांचे पर भारी मात्रा में निवेश कर रहे हैं ताकि हमारी सामान लाने ले जाने की लागत घटे , और हमें वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही मिल सके और हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमें भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण मिले” श्री गोयल कहा और साथ ही इसमें जोड़ा कि “अब कोई भी शक्ति भारत की प्रगति को रोक नहीं सकती।” श्री गोयल ने साथ ही कहा कि 2030 तक 1 लाख करोड़ डॉलर मूल्य का माल निर्यात और 1 लाख करोड़ डॉलर का सेवा निर्यात लक्ष्य हासिल करना है और यह आपकी कड़ी मेहनत और योगदान से पूरा होगा। उन्होंने सभा को जानकारी दी कि भारत एफटीए के माध्यम से नए बाजारों को खोलने की कोशिश कर रहा है, आधुनिक प्रौद्योगिकी में निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है, उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुओं और सेवाओं में दुनिया के लिए और अधिक स्वीकार्य बनने की दिशा में डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी अनुकूलन कर रहा है जिससे भारत की वास्तविक क्षमता का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा सके।
“हमें गुणवत्ता, स्थिरता और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और अगर हम इन्हें अपनी प्राथमिकता में रखते हैं, तो पूरी दुनिया की नजर भारत की ओर है, वह भारत के साथ सौदे और व्यापार करना चाहती है और हमारी विकास गाथा में भागीदार बनना चाहती है।” उन्होने यह कहकर अपना संबोधन समाप्त किया।”.
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