श्री भूपेन्द्र यादव ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए मजबूत साझेदारी, निवेश वृद्धि और जिम्मेदारी साझा करने पर बल दिया।
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श्री यादव ने कहा कि समन्वय, सहयोग, भागीदारी और सभी हितधारकों के निरंतर प्रयासों से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सकेगा।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनसीएपी के अंतर्गत मंत्रालय ने एनसीएपी के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक पोर्टल ‘प्राण’ भी लॉन्च किया है। इस पोर्टल में शहरों, राज्यों और लाइन मंत्रालयों की कार्य योजनाओं को प्रतिबिंबित किया जाएगा और उनके कार्यान्वयन की स्थिति के लिए निगरानी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अन्य शहरों द्वारा इन व्यवहारों को अपनाने के लिए शहरों द्वारा अपनाई गई श्रेष्ठ व्यवहारों को ‘प्राण’ पोर्टल पर साझा किया जाता है।श्री यादव ने कहा कि 2021 में ग्लासगो में आयोजित यूएनएफसीसीसी, सीओपी 26 के दौरान माननीय प्रधानमंत्री ने “मिशन लाइफ” लॉन्च किया, जिसका अर्थ है पर्यावरण के लिए जीवन शैली। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य व्यक्तियों का एक वैश्विक नेटवर्क बनाना और पोषण करना है, जिसमें पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली को अपनाने और बढ़ावा देने तथा जीवन को एक जन आंदोलन बनाने की साझा प्रतिबद्धता है।
श्री यादव ने ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक अपशिष्ट, ई-अपशिष्ट, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट, बैटरी अपशिष्ट, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट और टायर तथा खतरनाक अपशिष्ट को कवर करने वाले अपशिष्ट प्रबंधन नियमों की अधिसूचना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व और प्रदूषक भुगतान सिद्धांतों को शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्पादक/निर्माता पर्यावरण की दृष्टि से उचित तरीके से अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिम्मेदार हैं।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की एसएटीएटी (किफायती परिवहन की ओर सतत विकल्प) योजना का उद्देश्य संपीड़ित जैव-गैस (सीबीजी) उत्पादन संयंत्र स्थापित करना और हरित ईंधन के रूप में उपयोग के लिए सीबीजी को बाजार में उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आज हमारे पास दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए एक वैधानिक आयोग है, जो पूरे एयरशेड को अपने अधिकार क्षेत्र में लेते हुए व्यापक रूप से काम कर रहा है।
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