मिशन 2030 को लेकर युवा परिषद् ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र।
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जयपुर। राजस्थान मिशन 2030 के अन्तर्गत अल्पसंख्यक वर्ग के शैक्षणीक एवं आर्थिक व समाजिक समग्र नीति एवं योजना तथा कार्यक्रमों में सुझाव देने के लिए राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र जैन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अल्पसंख्यक मामलात विभाग के कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद और राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग व शासन सचिव कृष्ण कुणाल को लिखा पत्र।इस अवसर पर राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद् के अध्यक्ष जिनेन्द्र ने बताया की माननीय मुख्यमंत्री और उनकी सरकार व राजस्थान के हर युवा का सपना है कि हमारा राजस्थान वर्ष 2030 तक देश का अग्रणीय राज्य बने इसके लिए अल्पसंख्यक वर्ग के युवा वर्ग एवं समाज श्रेष्ठियों व विषय विशेषज्ञ और हितधारकों से परामर्श एवं चर्चा करने के बाद राज्य के मिशन2030 राजस्थान-मिशन 2030 के अन्तर्गत अल्पसंख्यक वर्ग उत्थान के लिए मुख्यमंत्री महोदय को सुझाव भेजें है जो की निम्न है –
1.भगवान महावीर स्वामी के 2550 वे निर्माण महोत्सव पर राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग के लिए शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों व समाज श्रेष्ठियों और युवाओ एवं अल्पसंख्यक वर्ग की संस्थाओं को प्रोत्साहित करने एवं मनोबल बढ़ाने के लिए ” *विद्या सागर शिक्षा रत्न पुरस्कार योजना*” प्रारम्भ की जाए तथा इस योजना नोडल विभाग अल्पसंख्यक मामलात विभाग राजस्थान सरकार हो।
2.गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोमुखी शिक्षा के लिए आधार बेस्ड उपस्थिति हेतु प्रत्येक राजकीय एवं निजी विद्यालय को डिवाइस उपल्ब्ध करवाते हुए विद्यालयों का औचक निरीक्षण एवं सतत् मूल्यांकन का प्रावधान किया जाए।
3. अल्पसंख्यक वर्ग के कुछ समुदाय (जैन,सिक्ख,बौद्ध,ईसाई, पारसी ) के लिए अलग से राजकीय अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय व अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण किया जाए l
4.श्रमण पाठशालाओ का आधुनिकीरण किया जाए एवं आधुनिक शिक्षा देने के लिए आधारभूत संरचना का विकास किया जाए एवं अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को प्राकृत भाषा के अध्ययन के प्रति रूचि जागृत की जाए और मुख्यमंत्री श्रमण पाठशाला आधुनिकीकरण योजना की शुरुआत विभाग द्वारा की जाए।
5.अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थाओं का पंजीकरण जिला स्तर पर जिला अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा किया जाए एवं प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर छात्रवृत्ति एवं योजनाओं की जानकारी के लिए अल्पसंख्यक संवाद केन्द्र स्थापित किए जाए।
6.व्यवसायिक एवं शैक्षणिक ऋणआवेदन करते समय ली जाने वाली सदस्यता राशि और स्वीकृत राशि का 2 प्रतिशत शेयर मनी जिला स्तर पर रखी जाए जिससे सम्पूर्ण ऋण जमा करवाने के बाद आवेदक को जल्द प्रदान की जा सके एवं ऋण राशी के बराबर बीमा करवाने की बाध्यता से आवेदक को छूट प्रदान करे।
7.व्यवसायिक एवं शैक्षणिक ऋण के लिए जिला स्तर एवं प्रदेश स्तर पर बनाई गई चयन कमेटी में 15 सूत्रीय कार्यक्रम के सदस्य एवं अल्पसंख्यक वर्ग के प्रतिष्ठित संस्थाओ के प्रत्येक समुदाय का 1 सदस्य शामिल किया जाए।
8.महिलाओ को सिलाई,कटिग एवं कढाई,बुनाई, महिला पार्लर आदि व्यवसायों का प्रशिक्षण देने के लिए ” *उन्नत महिला योजना*” विभाग द्वारा शुरू की जाए जिसमे प्रशिक्षण की अवधि 10 माह की हो तथा प्रशिक्षण खर्च की अधिकतम सीमा प्रति प्रशिक्षणार्थी हर महीने 3000/-रूपये तथा प्रशिक्षणार्थीयों को हर महीने 2000/रूपये का स्टाइपेंड प्रदान किया जाए।
9.अल्पसंख्यक वर्ग के जिन समुदाय की संख्या राज्य स्तर पर अल्पसंख्यक वर्ग में भी 10 प्रतिशत से कम है उन पर 15 km के दायरे में 25 प्रतिशत से अधिक की जनसंख्या की आबादी होने के नियम से छूट प्रदान करते हुए छात्रावास भवन,आवासीय विद्यालय भवन व महाविद्यालय भवन,उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन,कॉमन सर्विस सेंटर,सदभावना मंडप का निर्माण किया जाए।
10.अल्पसंख्यक मामलत विभाग द्वारा शिक्षा विभाग एवं अन्य विभाग से अनुबन्ध कर उनके खाली समय में उनका भवन कुछ घण्टे लेकर विभाग द्वारा ब्रिज कोर्स का आयोजन किया जाए।
11.विभाग के कार्यों की आमजन में ब्रांडिग करने के लिए सार्वजनिक विभाग से प्रतिनियुक्ति पर विभाग में लिया जाए और उनके सुपरविजन में कार्यों को करवाया जाए।
12.प्रत्येक जिला स्तर पर अल्पसंख्यक वर्ग के नागरिकों की सुविधा के लिए कॉमन सर्विस सेंटर/सदभावना मंडप एवं अल्पसंख्यक समाजिक उत्थान केन्द्र का निर्माण किया जाए।
13.अल्पसंख्यक मामलात विभाग द्वारा प्रत्येक विधानसभावार सर्वे करवाकर प्रत्येक ब्लॉक में अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों को चिन्हित किया जाए और उसकी जानकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से साझा की जाए।
14.प्रत्येक जिला स्तर पर संत/धर्म गुरू/मौलवी निवास निर्माण का प्रावधान इस योजना मे शामिल करते हुए इसमे स्मार्ट सभागार,प्रोजेक्टर एवं गुरुओं के अध्ययन के लिए स्मार्ट पुस्तकालय का भी प्रावधान किया जाए।
15.प्रधानमंत्री जी के नये 15 सूत्री कार्यक्रम का क्रियान्वन करने के लिये राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर मासिक बैठके करने का प्रावधान किया जाए।
तथा कार्यक्रम की राज्य स्तरीय कमेटी में सदस्यों की संख्या में वृद्धि कर लोकसभा से 5 एवं राज्यसभा से 3,विधानसभा से अल्पसंख्यक समुदाय के 8 माननीय सदस्यगण,जिला परिषदों/पंचायत राज संस्थाओं के प्रतिनिधि,अल्पसंख्यकों से संबंधित प्रतिष्ठित संस्थाओं के 6 प्रतिनिधि एवं राज्य सरकार द्वारा मनोनीत 6 एवं श्रमण संस्कृति बोर्ड एवं सम्बन्धित विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रमुख शासन सचिव/शासन सचिव/आरएमएफडीसीसी आदि के अधिकारी सदस्यों को शामिल किया जाए व जिला स्तरीय कमेटी में सदस्यों की संख्या में वृद्धि कर राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों से संबंधित संस्थाओं के गैर सरकारी मनोनीत सदस्यों की संख्या 6 की जाए एवं राज्य स्तर एवं जिला स्तर पर मनोनीत सदस्यों में 30 प्रतिशत पदो पर महिलाओं की नियुक्ती की जाए।
16.मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में अल्पसंख्यक वर्ग के कुल लाभार्थियों में 60 प्रतिशत छात्राओं के स्थान आरक्षित किए जाए तथा इस योजना का नोडल विभाग अल्पसंख्यक मामलात विभाग किया जावे (वर्तमान समय में इस योजना का संचालन एवं क्रियान्वयन विभाग द्वारा किया जा रहा है ) जिससे विभाग के कार्यों में वृद्धि हो l
भवदीय
जिनेन्द्र जैन
अध्यक्ष
राजस्थान समग्र जैन युवा परिषद्
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