राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने राष्ट्रपति को 2020-21 और 2021-22 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट सौंपी।
|
😊 Please Share This News 😊
|

संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को दिए गए आदेश के अनुसार, आयोग को प्रतिवर्ष और उचित समय के अनुरूप राष्ट्रपति को अपने संवैधानिक कार्यों की एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का दायित्व सौंपा गया है। इस रिपोर्ट में अनुसूचित जातियों की सुरक्षा, कल्याण और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए सुरक्षा उपायों एवं अन्य उपायों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु केन्द्र और राज्यों द्वारा किए जाने वाले आवश्यक उपायों की सिफारिशें भी शामिल की जा सकती हैं।तदनुसार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री अरुण हलधर, उपाध्यक्ष श्री सुभाष रामनाथ पारधी और सदस्य डॉ. अंजू बाला ने 26.09.2023 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति को 2020-21 और 2021-22 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट सौंप दी है।
रिपोर्ट में भारत के संविधान में निहित अनुसूचित जातियों के संवैधानिक सुरक्षा उपायों की सुरक्षा के संबंध में आयोग को सौंपे गए मुद्दों पर विभिन्न सिफारिशें भी शामिल है।
रिपोर्ट में भारत के संविधान में निहित अनुसूचित जातियों के संवैधानिक सुरक्षा उपायों की सुरक्षा के संबंध में आयोग को सौंपे गए मुद्दों पर विभिन्न सिफारिशें भी शामिल है।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
[responsive-slider id=1466]
