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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा में आयोजित”India Energy Week”में संबोधित किया।

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गोवा- में आयोजित 6 फरवरी से 9 फरवरी तक India Energy Week के दूसरे संस्करण में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भाग लिया एवं लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि India Energy Week का ये आयोजन, हमेशा Energy से भरे रहने वाले गोवा में हो रहा है। गोवा अपने आतिथ्य भाव के लिए जाना जाता है। पूरी दुनिया से यहां आने वाले पर्यटक यहां की सुंदरता और संस्कृति से प्रभावित होते हैं। गोवा आज वो राज्य भी है जो विकास के नए प्रतिमानों को छू रहा है। इसलिए आज जब हम पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता की बात करने के लिए एकजुट हुए हैं Sustainable Future के बारे में बात करने जा रहे हैं तो इसके लिए गोवा, बहुत ही Perfect Destination है। मुझे विश्वास है, इस समिट में आए सभी विदेशी मेहमान, अपने साथ गोवा की लाइफटाइम की यादें लेकर जाएंगे। आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि India Energy Week का ये आयोजन एक बहुत महत्वपूर्ण कालखंड में हो रहा है। इस वित्तीय वर्ष के पहले 6 महीनों में ही, भारत की GDP दर साढ़े सात फीसदी से अधिक हो गई है। ये दर, वैश्विक वृद्धि को लेकर जो अनुमान लगाया गया है, उससे भी बहुत अधिक है। भारत आज विश्व की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था है। और हाल ही में, IMF ने भी ये भविष्यवाणी की है कि हम ऐसे ही तेज गति से आगे बढ़ेंगे। आज पूरी दुनिया के एक्सपर्ट्स ये मान रहे हैं कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। भारत की इस ग्रोथ स्टोरी में उर्जा क्षेत्र  की बहुत महत्वपूर्ण, स्‍वाभाविक रूप से उसका महात्‍मय बढ़ रहा है।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत पहले ही विश्व का तीसरा सबसे बड़ा उर्जा उपभोक्ता है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता और तीसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता भी है। हम दुनिया के चौथे सबसे बड़े LNG Importer, चौथे सबसे बड़े Refiner, और चौथे सबसे बड़े ओटोमोबाईल बाजार वाले देश हैं। आज भारत में दो पहिया और चार पहिया वाहनों की बिक्री के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं। भारत में EVs की लगातार डिमांड बढ़ रही है। ऐसे अनुमान भी हैं कि भारत की प्राथमिक उर्जा मांग 2045 तक दोगुनी हो जाएगी। यानी आज अगर हमें हर रोज जो 19 मिलियन बैरल्स के आसपास तेल की जरूरत होती है, तो वो 2045 तक 38 मिलियन बैरल्स तक पहुंच जाएगी।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि भविष्य की इन जरूरतों को देखते हुए, समझते हुए भारत अभी से तैयारी कर रहा है। बढ़ती हुई उर्जा की मांग के बीच भारत, देश के हर कोने में  Affordable Energy को भी Ensure कर रहा है। भारत ऐसा देश है, जहां अनेक Global Factors के बाद भी बीते 2 सालों में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हुए हैं। इसके अलावा भारत ने 100 परसेंट इलेक्ट्रिसिटी कवरेज हासिल करते हुए बिजली को करोड़ों घरों तक पहुंचाया है। और ऐसे प्रयासों के कारण ही आज भारत विश्व के मंच पर उर्जा क्षेत्र में इतना आगे बढ़ रहा है। भारत ना सिर्फ अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि विश्व के विकास की दिशा भी तय कर रहा है।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज भारत, अपने यहां 21वीं सदी का आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है। हम Infrastructure Building Mission पर काम कर रहे हैं। इस वित्तीय वर्ष में हम इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 10 लाख करोड़ रुपये इंवेस्ट कर रहे हैं। अभी एक सप्ताह पहले जो भारत का बजट आया है, उसमें हमने अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर 11 लाख करोड़ रुपए से अधिक के खर्च का संकल्प लिया है। इसका एक बड़ा हिस्सा उर्जा क्षेत्र के खाते में जाना तय है। इस बड़ी राशि से रेलवे, रोडवेज, वाटरवेज, एयरवेज या हाउसिंग जो भी इंफ्रास्ट्रक्चर देश में बनेगा, सभी को Energy की जरूरत होगी। और इसी कारण, आप देख रहे होंगे कि भारत कैसे अपनी ऊर्जा क्षमता को, Energy Capacity को लगातार बढ़ा रहा है।हमारी सरकार ने जो Reforms किए हैं, उससे भारत में घरेलू गैस का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। हम Primary Energy Mix में Natural Gas को Six Percent से बढ़ाकर Fifteen Percent तक करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए अगले 5-6 वर्षों में करीब Sixty Seven बिलियन डॉलर्स का निवेश होने जा रहा है। हम पहले ही विश्व के सबसे बड़े Refiners में से एक हैं। आज हमारी Refining Capacity, 254 MMTPA से अधिक हो गई है। हमने 2030 तक भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी को 450 MMTPA तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। भारत petrochemical और अन्य Finished Products के क्षेत्र में भी एक बड़ा निर्यातक बनकर उभरा है।मैं आपको ऐसे कई और उदाहरण दे सकता हूं। लेकिन इन सारी बातों का मूल ये है कि भारत इस समय एनर्जी पर इतना निवेश कर रहा है, जितना पहले कभी नहीं हुआ था। और इसलिए आज दुनिया में Oil, Gas और Energy Sector से जुड़ा करीब-करीब हर लीडर भारत में निवेश करना चाहता है। कितने ही लीडर्स इस समय मेरे सामने बैठे हुए हैं। हम पूरी गर्मजोशी से, आप का भी स्वागत करते हैं।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि Circular Economy भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रही है। Reusing का Concept भी हमारे जीने के तरीके से जुड़ा हुआ है। और ये बात Energy Sector से भी उतनी ही जुड़ी हुई है। पिछले वर्ष जी-20 समिट में हमने जिस Global Biofuels Alliance को शुरू किया था, वो हमारी इसी भावना का प्रतीक है। इस Alliance ने पूरे विश्व की सरकारों, संस्थाओं और Industries को एक साथ इकट्ठा कर दिया है। जब से ये Alliance बना है, इसे व्यापक समर्थन मिल रहा है। बहुत कम समय में ही, 22 देश और 12 इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन इस Alliance से जुड़ गए हैं। इससे पूरे विश्व में Biofuels के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। इससे करीब 500 बिलियन डॉलर की आर्थिक संभावनाओं को बनाने में भी मदद मिलेगी।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि अपने यहां भी भारत ने इस क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है। पिछले कुछ वर्षों में भारत में Biofuels का Adoption तेजी से बढ़ा है। 10 साल पहले हमारे यहां पेट्रोल में Ethanol की Blending डेढ़ प्रतिशत के आसपास थी। 2023 में ये 12 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इससे लगभग 42 मिलियन मीट्रिक टन कार्बन Emission घटा है। हम 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत Ethanol Blending करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। आप में से कई लोग जानते होंगे…पिछले India Energy Week के दौरान ही भारत ने 80 से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स पर 20 प्रतिशत Ethanol Blending की शुरुआत की थी। अब हम देश के 9 हजार आउटलेट्स पर यही काम कर रहे हैं।सरकार का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को Waste to Wealth Management के मॉडल पर नई गति देने का भी है। इसके लिए भारत में 5000 Compressed Biogas Plants लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि विश्व की 17 प्रतिशत जनसंख्या वाला देश होने के बाद भी, विश्व में भारत का Carbon Emission Share सिर्फ 4 प्रतिशत है। इसके बाद भी, हम अपने Energy Mix को और बेहतर करने के लिए, पर्यावरण के प्रति संवेदनशील Energy Sources के विकास पर बल दे रहे हैं। 2070 तक हम Net Zero Emission का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। आज भारत Renewable Energy Installed Capacity में विश्व में चौथे स्थान पर है। हमारी Installed Electricity Capacity, इसका 40 प्रतिशत हिस्सा Non Fossil Fuel Sources से आता है। बीते एक दशक में भारत की Solar Energy Installed Capacity 20 गुना से ज्यादा बढ़ी है।सौर ऊर्जा से जुड़ने का अभियान, भारत में जन-आंदोलन बन रहा है। कुछ दिन पहले ही, भारत में एक और बड़े मिशन की शुरुआत हुई है। भारत में 1 करोड़ घरों में Solar Rooftop लगाने की योजना का ऐलान किया गया है। इससे हमारे एक करोड़ परिवार, ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होंगे। उनके घरों में जो अतिरिक्त बिजली बनेगी, उसे सीधे ग्रिड तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जा रही है। आप कल्पना कर सकते हैं, भारत जैसे देश में इस योजना का कितना बड़ा असर होने जा रहा है। इससे आपके लिए भी इस पूरी Solar Value Chain में निवेश की बहुत बड़ी संभावना बनने वाली है।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज भारत ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के कारण भारत जल्द ही हाइड्रोजन प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट का केंद्र बनने वाला है। मुझे विश्वास है, भारत का ग्रीन एनर्जी सेक्टर Investors और Industries, दोनों को Sureshot winner बना सकता है।आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि India Energy Week का ये आयोजन सिर्फ भारत का आयोजन नहीं है। ये आयोजन ‘India with the world and India for the world’ इस भावना का प्रतिबिंब है। और इसलिए ये मंच आज Energy Sector से जुड़े विचार विमर्श और अनुभवों को साझा करने का मंच बन गया है।  आगे प्रधानमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि आइए, एक दूसरे से सीखने पर, तकनीक की साझेदारी पर, और Sustainable Energy के नए रास्तों को तलाशने पर एक साथ आगे बढ़ते हैं। हम एक साथ मिलकर एक ऐसा भविष्य बना सकते हैं जो समृद्ध भी हो और जिसमें पर्यावरण का संरक्षण भी हो सके। मुझे विश्वास है कि ये मंच हमारे प्रयासों का प्रतीक बनेगा। एक बार फिर, मैं इस आयोजन के लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।गोवा कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल श्रीमान पीएस श्रीधरन पिल्लई जी, गोवा के युवा मुख्यमंत्री श्री प्रमोद सावंत जी, केंद्रीय मंत्रि श्री हरदीप सिंह पुरी जी, रामेश्वर तेली जी, विभिन्न देशों से आए अतिथि गण मौजूद रहे।

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