सरकार के नीति निर्माण में सांख्यिकी और सटीक आंकड़ों का महत्वपूर्ण योगदान।
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राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय के अंचल (उत्तर) कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय, जयपुर एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आज जयपुर में सांख्यिकी दिवस मनाया गया।जयपुर-भारत सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं में निर्णय निर्धारण प्रक्रिया में सटीक व समयबद्ध आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह बात मंगलायतन विश्वविद्यालय के. कुलपति प्रोफेसर पी. के. दशोरा ने भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय के अंचल (उत्तर) कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालय, जयपुर एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जयपुर में मनाए गए सांख्यिकी दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर कही। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सांख्यिकी दिवस की थीम – निर्णय लेने में आँकड़ों का उपयोग – है।उत्तर अंचल कार्यालय एनएसएसओ क्षेत्र संकार्य प्रभाग के उप महानिदेशक हरदीप सिह चौपड़ा ने सरकार के निर्णयों में सांख्यिकी के महत्व पर अपने विचार ऱखे। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से आज डेटा का विशेष महत्व है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित प्रोफेसर (स्वर्गीय) प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती मनाने के लिए प्रतिवर्ष 29 जून को सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस सांख्यिकी और आर्थिक नियोजन के क्षेत्र में उनके गहन योगदान के लिए जाने जाते हैं।
प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की इस चिरस्थायी विरासत से प्रेरणा लेकर यह दिन सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति-निर्माण में सांख्यिकी की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विशेषकर युवाओं में जन चेतना फैलाने का कार्य करता है।
इस अवसर पर राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर के सांख्यिकी विमाग के अध्यक्ष प्रो. जयन्त सिंह एवं डॉ हंसराज यादव (आई.एस.एस), उप महानिदेशक, क्षेत्रीय कार्यालय एन.एस.एस.ओ. क्षेत्र संकार्य प्रभाग जयपुर उपस्थित थे।
इस आयोजन में एन.एसएसओ के अधिकारीगण व कर्मचारियों एवं राजस्थान विश्वविद्यालय के शोधकर्ता व छात्रों ने भी भाग लिया।
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