बादल कुछ देर तो सूरज को अदृश्य कर सकते हैं, पर सूर्य की दमक को रोकने का सामर्थ्य उनमें नहीं- पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे।
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झालावाड़-राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया तथा उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमे यह सीखना चाहिए है
कि लोग पीठ में छुरा घोपनें में माहिर होते हैं। महाराणा कभी ऐसा नहीं करते थे और निहत्थे पर वार करने कि बजाय अपने साथ दो तलवारें रखते थे – एक अपने लिए और एक निहत्थे के लिए। आगे कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए और समझना चाहिए कि समय का चक्र पहिये सा घूमता है। महलों में मख़मल पर सोने वाले राजा को भी जंगल में काँटों पर सोना पड़ता है। महाराणा का जीवन दर्शन हमे यही सिखाता है। वहीं उन्होंने आगे बताया कि महाराणा का सिद्धांत था अत्यंत विकट परिस्थिति में भी जो हार नहीं मानते हैं, जीत उन्ही की होती है। जो सुख में अति प्रसन्न और संकट में डर कर झुक जाते हैं, उन्हें न तो सफलता मिलती और न ही इतिहास उन्हें याद रखता।
महाराणा का जीवन हमें बताता है कि सांप से कितना ही प्रेम करलो, वह अपने स्वभाव के अनुरूप कभी न कभी तो आप पर जहर उगलेगा ही।सर कटालो, लेकिन दुश्मन के सामने कभी सर मत झुकाओ।
जब तक लक्ष्य प्राप्ति न हो जाये, तब तक जागते रहो।इस कार्यक्रम में उनके पुत्र सांसद दुष्यंत सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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