प्रदेश में भारी वर्षा से प्रभावित बूंदी, कोटा और बारां जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हवाई सर्वेक्षण किया।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों के बारे में जानकारी लेकर फसल, पशुओं तथा सार्वजनिक एवं निजी सम्पत्ति को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। आकलन कर नियमानुसार प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को शीघ्र भिजवाएं, ताकि समय पर प्रभावितों को राहत पहुंचाई जा सके।
साथ में चिकित्सा मंत्री श्री परसादी लाल मीणा, स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल, गोपालन मंत्री श्री प्रमोद जैन भाया, विधायक श्री रामनारायण मीणा एवं श्री भरत सिंह ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया।
कोटा शहर में चम्बल नदी के आस-पास के क्षेत्रों, सांगोद, ईटावा, दीगोद व कनवास क्षेत्र में जल भराव स्थलों का सर्वे किया।
राज्य सरकार जलभराव की स्थिति को लेकर गंभीर है। सरकार संकट की इस घड़ी में जनता के साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं आएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता के साथ राहत पहुंचाने का कार्य किया जाए। आश्रय स्थलों पर की जा रही व्यवस्थाओं को जल निकासी तक जारी रखने के निर्देश दिए।
प्रशासनिक सूझ-बूझ से जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में कोई जनहानि नहीं हुई है। बाढ़ प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर जल भराव से उत्पन्न स्थिति और आश्रय स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि उनके नुकसान का सर्वे कराकर आपदा राहत नियमों के अनुसार त्वरित रूप से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ द्वारा 4 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है।
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