पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) आईएफएफआई में मीडिया की भागीदारी को विश्व के सामने हमारे देश की सॉफ्ट पावर के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का उत्तरदायित्व मीडिया पर ही है। हम सब मिलकर आईएफएफआई को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।”प्रधान महानिदेशक ने आईएफएफआई के लिए पीआईबी की विभिन्न पहलों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पिछले साल पहली बार, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स को आईएफएफआई के लिए अलग से पंजीकरण करने का अवसर मिला था, जो डिजिटल मीडिया क्षेत्र में उनके बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करता है। हम इस साल भी ऐसा करना जारी रखेंगे। इसके अतिरिक्त, सिनेमा के बारे में मीडिया की समझ को समृद्ध करने के लिए, भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान के सहयोग से ए सर्टिफिकेट कोर्स इन फिल्म एप्रेसिएशन भी इस वर्ष चुनिंदा मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि समावेशिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, पीआईबी इस वर्ष भी कोंकणी में प्रेस विज्ञप्तियां उपलब्ध कराएगा, जिससे स्थानीय दर्शकों को जानकारी मिले और वे इससे जुड़े रहें।
सुश्री स्मिता वत्स शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की वैश्विक स्तर पर दृश्यता बढ़ाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका और मीडिया से जुड़ाव बढ़ाने के लिए पीआईबी द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले विभिन्न टूल्स और प्रणालियों पर चर्चा की, जिनमें रीयल-टाइम अपडेट, मल्टीमीडिया रिलीज़ और डेडिकेटेड मीडिया स्पेस शामिल हैं। उन्होंने मीडिया को आश्वस्त किया कि संचार के दृष्टिकोण से महोत्सव को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने प्रश्न पूछे तथा पंजीकरण प्रक्रिया, मीडिया सुविधाओं और समग्र महोत्सव कवरेज पर सुझाव और प्रतिक्रिया साझा की।
इससे पूर्व, पीआईबी गोवा के निदेशक श्री नाना मेश्राम ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया, जबकि पीआईबी मुंबई के निदेशक श्री सैय्यद रबीहाशमी ने आईएफएफआई 2025 की सफलता के लिए उनकी भागीदारी और प्रतिबद्धता हेतु सभी उपस्थित लोगों का
आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इस सत्र में गोवा के प्रमुख प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हाउस के संपादकों और ब्यूरो प्रमुखों ने भाग लिया।