नमस्कार हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 97826 56423 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की – Raj News Live

Raj News Live

Latest Online Breaking News

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की

😊 Please Share This News 😊
भोपाल-केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन करने और प्रमुख राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, रोगी संतुष्टि बढ़ाने, नियामक निगरानी में सुधार करने और तपेदिक (टीबी) को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।श्री नड्डा ने सुदृढ़ औषधि विनियमन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन से लेकर वितरण तक संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला की निरंतर निगरानी आवश्यक है। उन्होंने विनियमन में सर्वोत्तम प्रथाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और रोगी संतुष्टि में सुधार, नियामक पर्यवेक्षण और अनुपालन को सुदृढ़ करने को एक सतत मिशन के रूप में लेने का आग्रह किया।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मुफ्त औषधि और मुफ्त निदान योजनाओं के संबंध में दोनों राज्यों को आपूर्ति श्रृंखला प्रणालियों को सुदृढ़ करने और निगरानी संबंधी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय औषधि और निदान संबंधी खरीद में रसद, पारदर्शिता और जवाबदेही को और बेहतर बनाने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद के साथ मिलकर काम कर रहा है।श्री नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्तापूर्ण निदान और समय पर परीक्षण प्रभावी स्वास्थ्य सेवा वितरण का आधर हैं और इन्हें प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्तरों पर मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि चिकित्सक नैदानिक ​​देखभाल के केंद्र में हैं, अस्पताल प्रशासन और नियामक अनुपालन के लिए समर्पित पेशेवर प्रबंधन की आवश्यकता है। रक्त बैंकों, अस्पताल प्रणालियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के विनियमन को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि टेलीमेडिसिन गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने का, विशेष रूप से दूरस्थ और कम सुविधा वाले क्षेत्रों में एक प्रभावी साधन है। उन्होंने दोनों राज्यों को विशेषज्ञ परामर्श तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए टेलीमेडिसिन प्लेटफार्मों को नियमित सेवा वितरण में अधिक गहराई से एकीकृत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

श्री नड्डा ने टीबी उन्मूलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए गहन स्क्रीनिंग, निदान, उपचार अनुपालन और पोषण संबंधी सहायता सहित जिला-विशिष्ट हस्तक्षेपों का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टीबी उन्मूलन को मिशन मोड में चलाया जाना चाहिए और जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने विधायकों के लिए जागरूकता कार्यशालाओं का भी प्रस्ताव रखा और उन्हें नियमित समीक्षाओं के माध्यम से ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों (बीएमओ) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि स्वास्थ्य परिणामों में सुधार, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में जनता का विश्वास बढ़ाने के लिए जन भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकारें कार्यान्वयन और परिणामों को मजबूत करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर काम करेंगी।श्री नड्डा ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में सुलभ, किफायती और आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हस्तक्षेप, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल, चिकित्सा शिक्षा विस्तार, व्यवहार्यता अंतर निधि और अवसंरचना सहायता तंत्र के माध्यम से केंद्र के समर्थन को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र कुष्ठ रोग प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को सभी आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र सुधारों के लिए मिशन-मोड दृष्टिकोण के तहत आने वाले दिनों में अन्य राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ भी इसी तरह की परामर्श बैठकें आयोजित की जाएंगी।

बैठक का समापन औषधि विनियमन को सुदृढ़ करने, निदान में सुधार करने, अस्पताल प्रशासन को पेशेवर बनाने, चिकित्सा शिक्षा क्षमता का विस्तार करने और टीबी मुक्त भारत की दिशा में प्रगति को गति देने के साझा संकल्प के साथ हुआ, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सहकारी संघवाद की भावना को बल मिला।मध्य प्रदेश प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला; उपमुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी श्री देवेंद्र द्विवेदी; स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री तरुण राठी; और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की प्रबंध निदेशक डॉ. सलोनी सिदाना शामिल थीं।छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल; स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री अमित कटारिया; राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम)  के प्रबंध निदेशक श्री रणबीर शर्मा; चिकित्सा शिक्षा आयुक्त श्री रितेश अग्रवाल; और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे। इनमें केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा; राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुनील कुमार बरनवाल; अतिरिक्त सचिव और प्रबंध निदेशक (एनएचएम) सुश्री आराधना पटनायक; भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राजित पुन्हानी; और भारतीय महाऔषधि नियंत्रक (डीसीजीआई) डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी आदि शामिल थे।

 

 

व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें 

स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे

Donate Now

[responsive-slider id=1466]
error: Content is protected !!