108 कन्याओं द्वारा कलश यात्रा के साथ भीनमाल में भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
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भीनमाल। स्थानीय प्रभु वरदान भवन द्वारा दिनांक 04.01.2025 रविवार को श्रीमद् भगवद्गीता ज्ञान सप्ताह के शुरुआत में स्थानीय सन्तोषी माता मन्दिर से मध्यप्रदेश के कटनी से भागवत कथावाचक आदरणीया ब्रह्माकुमारी, ब्रह्माचारिणी, राजयोगिनी, तपस्विनी भारती दीदी जी के सानिध्य में 108 कन्याओं द्वारा कलश यात्रा, श्रीमद्भगवद्गीता को ब्रह्माकुमारी राधा बहन भीनमाल ने अपने सिर पर धारण कर गाजे बाजे के साथ ब्रह्माकुमारी भाई बहनों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान सप्ताह स्थल वाराहश्याम सत्संग हाॅल तक पहुंचे। हाॅल में पहुंचने पर स्वागत सत्कार किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय से पधारे ब्रह्माकुमार गोविन्द भाई, ब्रह्माकुमार जीतु भाई ब्रह्माकुमार एवं विडियोग्राफी की समस्त टीम का भीनमाल राजयोग सेवाकेंद्र प्रभारी डॉ. गीता बहन एवं सहयोगी बहनों ने तिलक, दुपट्टा और फुलमालाओं से स्वागत सत्कार किया।ब्रह्माकुमार जीतु भाई ने सम्बोधित करते हुए बताया कि आप बहुत ही भाग्यशाली आत्माएं हो, आपके लिए भगवद्गीता के ज्ञान को समझने का सुअवसर मिला है। ब्रह्माकुमार गोविन्द भाई ने आत्मा और शरीर के भेद को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट करते हुए भगवद्गीता के सत्य ज्ञान को स्वीकारने पर जोर दिया।
श्रीमद् भगवद्गीता ज्ञान सप्ताह, खुशहाल जीवन का आधार कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर भगवद्गीता के स्वरूप पर भुमिका बनाते हुए विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि भगवद्गीता का ज्ञान मानव जीवन को सन्यासी नहीं बल्कि संस्कारी बनाने एवं विभिन्न उलझनों को सुलझाने का श्रेष्ठ ज्ञान देती हैं। उन्होंने पाण्डवों और कौरवों के गुण अवगुण को बताते हुए उनकी उत्पत्ति पर प्रकाश डालते हुए गीता ज्ञान का रसपान करने वालों से कई प्रश्न पुछे कि आप क्या बनना चाहोंगे। और किसके साथ खड़े रहना चाहोंगे।
पाण्डवों के पास न जनसमुदाय था, न साधन सुविधाएं, न धन दौलत था, न अस्त्र-शस्त्र थे, फिर भी उनकी जीत निश्चित थी।
जबकि कौरवों के पास जनसमुदाय भी था, साधन सुविधाएं भी थी,
धन दौलत भी थी, अस्त्र-शस्त्र भी थे, फिर भी उनका विनाश निश्चित था। कर्म करो ऐसे भाई,
पड़े न फिर पछताना। परचिन्त, प्रदर्शन, परमत ये तीनों आत्मा का पतन करते हैं जबकि स्वचिन्त,
प्रभुचिन्त अच्छे कर्मों में सदा आगे बढ़ाते हुए आत्मा को सर्वश्रेष्ठ ऊंचाईयों पर पहुंचाती है।
कथा के बीच में श्री श्री 1008 महन्त श्री प्रेम भारती जी महाराज गजीपुरा मठ एवं
श्री श्री 1008 महन्त श्री लहर भारती जी महाराज बड़गांव मठ का ब्रह्माकुमारी संस्थान की ओर
स्वागत सत्कार करते हुए ईश्वरीय सौगात एवं प्रभु प्रसाद प्रदान की। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी
संस्थान के लक्ष्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि मानव मात्र को श्रेष्ठ जीवन प्रदान करना ही इनका लक्ष्य है।
और इस नेक कार्य में हम सब इनके साथ है। अन्त में आज की आरती के लाभार्थी खेतावत परिवार द्वारा श्रीमद् भगवद्गीता की आरती की गई।
भगवद्गीता प्रवचनकार भारती दीदी द्वारा ईश्वरीय सौगात दी गई। इस अवसर पर वाराहश्याम मन्दिर के अध्यक्ष श्याम खेतावत , जगदीश वैष्णव,
गुमान सिंह भाई, ओमप्रकाश खेतावत, कन्हैयालाल खण्डेलवाल, पारसमल, लक्ष्मण भजवाड, कालुभाई, लीलाराम भाई,
रामसीन, दिनेश पुरी गोस्वामी, नरोत्तम लाल त्रिवेदी, दलाभाई, बी के भावना बहन तखतगढ़, बी के आरती बहन जोधपुर , नैना बहन राजकोट,
शैल बहन मण्डार, सुनिता बहन रानीवाड़ा, राधा बहन भीनमाल, कीर्ति बहन, अंजली बहन,
उर्मिला बहन, रुपाली बहन, मुकेश भाई, मेवा भाई, उगम बहन, मंजुलता बहन सहित
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