हर गांव, कस्बे और शहर को गुणवत्तापूर्ण सड़क से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता- उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी
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प्रदेश में 2101 करोड़ की लागत से 3232 सड़कों का निर्माण होगा
जालौर के 5 विधानसभा क्षेत्रों में 55.57 करोड़ की लागत से 194.65 किमी. लम्बाई की 73 सड़के बनेंगी
जयपुर/जालोर 5 अगस्त। प्रदेश में बेहतरीन सड़क कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बजट घोषणा 2026-27 की क्रियान्विति में प्रदेश के 187 विधानसभा क्षेत्रों के लिए 3232 सड़कों की स्वीकृति प्रदान की है। सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 2 हजार 101.16 करोड़ की लागत से प्रदेश में 6418.43 किमी. की मिसिंग लिंक और नॉन पेचेबल सड़कों का निर्माण करवाया जायेगा। इससे उन क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा जहाँ अभी तक सड़क संर्पक कमजोर है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा है कि राजस्थान में नॉन-पेचेबल एवं मिसिंग लिंक सड़कों के 3,232 विकास कार्यों के लिए लगभग 2,101.16 करोड़ रूपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदेश में सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने, आवागमन को सुगम बनाने तथा विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के विजन एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलालजी शर्मा के कुशल नेतृत्व में राजस्थान में आधारभूत अवसंरचना को सशक्त बनाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क पहुंचाने और विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
जालोर जिले के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में कुल 73 सड़कों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनकी कुल लंबाई 194.65 किलोमीटर तथा कुल लागत 55.57 करोड़ रुपये है। आहोर विधानसभा क्षेत्र में 33.50 किमी. लम्बाई की 11 सड़कों के लिए 11.70 करोड़ रुपये, भीनमाल में 49.20 किमी. लम्बाई की 19 सड़कों के लिए 11.08 करोड़ रुपये, जालोर विधानसभा क्षेत्र में 44.10 किमी. लम्बाई की 17 सड़कों के लिए 11.97 करोड़ रुपये, रानीवाड़ा में 35 किमी. लम्बाई की 14 सड़कों के लिए 10 करोड़ रुपये तथा सांचौर विधानसभा क्षेत्र में 32.85 किमी. लम्बाई की 12 सड़कों के लिए 10.82 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों में मिसिंग लिंक एवं नॉन-पैचेबल सड़कों का निर्माण शामिल है, जिससे जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी तथा आवागमन अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगा।
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