जालोर में कलेक्टर आफिस के घेराव के लिए किसानों को आंदोलन में आने का न्यौता, बांटे पीले चावल।
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जालोर ।जवाई बांध से पानी छोड़ने के लिए चल रहे आंदोलन की तरहजालोर में भी सिणधरा बांध से पानी छोड़ने की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारियां जोरों पर चल रही है। जनजागरण के तहत शुक्रवार को भीनमाल के दासपां, कोरा और नवापुरा चौपावतान गांव में किसान सभा में आन्दोलन के लिए पीले चावल बांटे गए। सभा में बांडी सिणधरा बांध संघर्ष समिति के प्रमुख सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने कहा कि नदी में पानी छोड़ने की मांग नहीं मानी तो जल्दी ही हज़ारों किसान जालोर में कलेक्टर का घेराव करेंगे। राठौड़ ने कहा की बिना जरूरत के नदी की हत्या करके बनाये गए इस सिणधरा बांध में भरे हुए पानी का कोई उपयोग ही नहीं हो रहा है। ऐसे में प्रशासन को 120 गांवों के लाखों किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए बांध में एक तरफ बन रखी नहर के रास्ते से किसानों के हिस्से का 33 प्रतिशत पानी तुरंत प्रभाव से छोड़ा जाएं।
बांडी नदी के बहाव क्षेत्र में बसे भीनमाल के गांवों में शुक्रवार को संघर्ष समिति के प्रमुख सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने टीम के साथ दासपां, कोरा और नवापुरा चौपावतान गांव में किसानों की सभा लेकर आंदोलन के लिए पीले चावल दिए।दासपां में किसान सभा में बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी में सरपंच प्रतिनिधि एवं पूर्व सरपंच वीरेन्द्र सिंह राठौड़ और पूर्व रेंजर मग सिंह चौहान ने इस आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। दोनों ने आश्वस्त किया कि
बांडी नदी में पानी छोड़ने के लिए कलेक्टर कार्यालय के घेराव के लिए जालोर में सबसे ज्यादा संख्या दासपां गांव के किसानों की रहेगी। दासपां के दुधेश्वर महादेव मंदिर में रखी सभा में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामवासी शामिल हुए। सभा में संघर्ष समिति के प्रमुख सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने कहा कि पानी के मुद्दे पर इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। राठौड़ ने कहा कि अभी तक विकास के नाम पर 60 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च करके बनाये सिणधरा बांध की वजह से कोई फायदा नहीं हुआ। न तो एक भी गांव में इस बांध के पानी से सिंचाई हुई और न इस बांध का पीने के काम में आया। इसकी वजह से नदी का बहाव बन्द हो गया और 120 गांवों में पूरी खेती खत्म हो गई।
सभा में अनिल सिंह चम्पावत वमल, डॉ महेन्द्र सिंह चम्पावत, वचनाराम माली, पदम सिंह गहलोत, फूलाराम मेघवाल, तुलसाराम पुरोहित, प्रताप सिंह राव, मदन सिंह, प्रह्लाद सिंह चम्पावत, महिपाल सिंह, रेखाराम चौधरी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इससे पहले कोरा गांव में कवलेश्वर महादेव मंदिर में किसान सभा रखी गयी। सभा में पूर्व सरपंच ओटाराम चौधरी, प्रताप सिंह देवड़ा, गजे सिंह देवड़ा, वीरमाराम मेघवाल, पहाड़ सिंह देवड़ा, मान सिंह देवडा, हरकाराम चौधरी ने एकमत से इस आंदोलन को हाथ खड़े करवाकर समर्थन दिया। कोरा सरपंच खेमराज देवासी ने अहमदाबाद से फोन पर कहा कि इस मुद्दे पर पूरा गांव आंदोलन के समर्थन में है। सभी किसानों ने भरोसा दिलाया कि जालौर में कलेक्टर आफिस के घेराव के लिए बड़ी संख्या में निजी वाहनों से किसानों को साथ लेकर आएंगे। सभा में संघर्ष समिति के सेवादार श्रवण सिंह राठौड़ ने कहाकि सिणधरा बांध में पूर्व में बन रखी नहर के रास्ते से तत्काल बांध में से 33 प्रतिशत पानी बांडी नदी में छोड़ा जा सकता है। इसके लिए किसान एकजुट होकर प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए घर से बाहर निकले।
सवेरे नवापुरा चौपावतान गांव में रखी किसान सभा में दीपाराम चौधरी, रगाराम चौधरी, गणेशराम, दलपुरी गोस्वामी, चंद्राराम लुहार, धनाराम देवासी, छोगाराम चौधरी, हनुमानाराम चौधरी, सांवलाराम चौधरी, किसनाराम, सवाराम मेघवाल, वचनाराम भील, जुठाराम वागड़ा, ईराराम चौधरी, बाबूलाल लुहार आदि ने इस आंदोलन को समर्थन देते हुए जालोर चलने के लिए सहमति व्यक्त की। सभी ने सहर्ष समिति के श्रवण राठौड़ से कहा कि पूरा गांव इस मुद्दे पर तनमन और धन से साथ है, बस आंदोलन में कोई कसर बाकी मत रखना। राठौड़ ने कहा कि लाखों किसानों की भावना को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को बांडी नदी में पानी छोड़ने की हमारी वाजिब मांग को मानना ही पड़ेगा।
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