अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन पोर्ट ब्लेयर में ‘मेवाड़ की किरण’
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किरण बाला की पुस्तक ‘एक कतरा उजास का’ का लोकार्पण अंतरराष्ट्रीय मंच पर काव्यपाठ एवं विभिन्न साहित्यिक सत्रों का संचालन। उदयपुर।हिंदी भाषा और भारतीय साहित्य की वैश्विक प्रतिष्ठा को समर्पित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन 19 से 26 सितंबर 2026 तक पोर्ट ब्लेयर, अंडमान में होने जा रहा है। सम्मेलन का आयोजन सृजन गाथा सम्मान, रायपुर (छत्तीसगढ़) संस्था द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन के समन्वयक एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार जयप्रकाश मानस ने बताया कि 20 सितंबर को पोर्टब्लेयर में इस अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व ‘मेवाड़ की किरण’ के नाम से विख्यात साहित्यकार किरण बाला ‘किरन’ करेंगी। वर्तमान में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यालय, प्रारंभिक शिक्षा, उदयपुर के पद पर अपनी सेवाएँ दे रहीं हैं। सम्मेलन में किरण बाला ‘किरन’ की काव्य-कृति ‘एक कतरा उजास का’ का लोकार्पण अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर किया जाएगा। इसके साथ ही वे सम्मेलन में काव्यपाठ भी करेंगी तथा विभिन्न साहित्यिक सत्रों का संचालन करेंगी अहिंस की राजस्थान संयोजक किरण हिंदी एवं राजस्थानी साहित्य में समान रूप से सक्रिय और बहुआयामी रचनाकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। साहित्य, संस्कृति और मंचीय अभिव्यक्ति के क्षेत्र में उनकी सक्रियता उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में राजस्थान की विशिष्ट साहित्यिक प्रतिनिधि के रूप में स्थापित करती है। यहाँ देश-विदेश से हिंदी साहित्य से जुड़े साहित्यकार, रचनाकार एवं विद्वान सहभागिता करेंगे।
अद्वैतम संस्था के अध्यक्ष चेतनराज चुण्डावत एवं महासचिव कोमल ने बताया कि अद्वैतम संस्था की संस्थापक किरण पूर्व में भी रूस, ग्रीस, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, असम एवं राजस्थान में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग ले चुकी है। साहित्य अकादमी, नई दिल्ली द्वारा आयोजित एशिया के सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन उन्मेष में भी इनकी सहभागिता रही हैं। इनकी अब तक आधे दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हैं। वे सृजन के साथ-साथ पुस्तकों के संपादन के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं। हिंदी और राजस्थानी—दोनों भाषाओं में समान अधिकार एवं संवेदनात्मक गहराई के साथ लेखन करने वाली किरण बाला विभिन्न साहित्यिक विधाओं में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराती हैं। उनकी रचनाधर्मिता में मानवीय संवेदना, प्रकृति, प्रेम, अध्यात्म, संस्कृति और जीवन-दर्शन के विविध आयाम अभिव्यक्त होते हैं।
इस सम्मेलन का उद्देश्य विश्व में हिंदी की प्रतिष्ठा को स्थापित करना एवं संयुक्त राष्ट्र की अधिकारीक भाषाओं में हिंदी को सम्मिलित कराना है।
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