रेत का शिक्षक, राष्ट्र का गौरव:भीनमाल के डॉ. घनश्याम व्यास को कुरुक्षेत्र में मिलेगा राष्ट्रीय नवाचार सम्मान
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जिले के इतिहास में पहली बार – कलेक्टर ने 2 बार, मोदी सरकार के 4 मंत्रालयों ने 1 ही शिक्षक को पद्म के लिए किया नॉमिनेट
भीनमाल (जालोर)- जालोर जिले के शैक्षिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। एक शिक्षक को जिला कलेक्टर ने 2 बार और भारत सरकार के 4 मंत्रालयों ने एक साथ पद्म पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया हो। नाम है – डॉ. घनश्याम कुमार व्यास, वडली नाडी, भीनमाल।और अब 36 कौम की दुआओं से यही शिक्षक 26-27 सितंबर को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में 26 राज्यों के 200 श्रेष्ठ नवाचारियों के बीच राष्ट्रीय नवाचार शोध अवार्ड से सम्मानित होने जा रहा है।
संघर्ष से शिखर तक – 28 साल की तपस्या
1997 से 2008 तक – जब थार में स्कूल का मतलब टाट-पट्टी था, तब इस युवा ने निजी स्कूलों में 11 साल तक बिना वेतन की परवाह किए शिक्षा का दीया जलाए रखा।
2010 से आज तक – विविध राजकीय विद्यालयों में सेवा देते हुए वर्तमान में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, वडली नाडी, नवापुरा चौपावतन, भीनमाल में प्रबोधक शिक्षक के रूप में बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं।
संकल्प सिर्फ एक – “एक सबके लिए, सब एक के लिए और 36 कौम का सर्वांगीण विकास।”
दिल्ली तक गूंज – पद्म के लिए 6 अनुशंसाएं
जिला कलेक्टर जालोर द्वारा 2 बार आधिकारिक अनुशंसा।
केंद्रीय सांस्कृतिक मंत्रालय, केंद्रीय कृषि मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पद्म के लिए नामांकन।
एक शिक्षक, अनेक रूप – इसलिए हैं खास
1. राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर से सक्रिय रूप से जुड़कर आपने महाकवि माघ की जन्मभूमि भीनमाल से महाकवि माघ की प्रासंगिकता पर राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ कर संस्कृत को फिर से जन-जन की भाषा बना दिया।
2. स्काउट के सेनापति के रूप में आप राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइड, स्थानीय संघ भीनमाल के सचिव हैं।क्षेमकरी माताजी की पहाड़ी तलहटी को आपने ऐसा तीर्थ बना दिया जहाँ माननीय न्यायमूर्ति, जिला न्यायाधीश, कलेक्टर, SP सहित शिक्षा, वन, चिकित्सा जैसे विविध विभाग और 36 कौम एक मंच पर आकर विधिक साक्षरता और जीवन कौशल सिखाते हैं।
3. राष्ट्रवादी विचारक के रूप में आप विप्र फाउंडेशन के जिला महामंत्री, श्री महालक्ष्मी श्रीमाली समाज के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। भारत विकास परिषद के सक्रिय सदस्य के रूप में राष्ट्र सेवा में समर्पित हैं। समाज की 16 कुरीतियों के खिलाफ पुस्तकें लिखकर जन-जागरण किया।
सम्मान जो खुद गवाही देते हैं
वर्ष 2005 में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित। वर्ष 2020 में आदर्श शिक्षक पुरस्कार से अलंकृत। राष्ट्रीय जंबूरी मैसूर में केंद्रीय मुख्यालय भारत स्काउट व गाइड द्वारा फेलोशिप राष्ट्रीय गोल्ड मेडल अवार्ड से सम्मानित। आप राष्ट्रीय भारत स्काउट व गाइड के स्थाई सम्मानित मेंबर हैं।
यह सम्मान केवल डॉ. व्यास का नहीं – यह भीनमाल की 36 कौम, हर शिक्षक और हर विद्यार्थी का सम्मान है।
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