महाराजा गज सिंह की अध्यक्षता में उम्मेद भवन पैलेस में हुई बैठक
|
😊 Please Share This News 😊
|

जोधपुर-चौपासनी शिक्षा समिति के मुख्य संरक्षक महाराजा गज सिंह की अध्यक्षता में उम्मेद भवन पैलेस में आयोजित बैठक में चौपासनी शिक्षा समिति की उपलब्धियां, वर्तमान स्थिति और आगामी 5 वर्षों की विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई।बैठक में अनेक शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेष विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
आगामी 5 वर्षों में चौपासनी के विकास पर सार्थक कार्य होगा
बैठक की अध्यक्षता करते हुए महाराजा गज सिंह ने कहा कि आगामी 5 वर्षों के लिए चौपासनी शिक्षण संस्थान के विकास के लिए बनाए गए प्लान पर काम करते हुए ,सभी मिलकर सर प्रताप के शिक्षा के विजन को आगे बढ़ाएंगे और चौपासनी शिक्षण संस्थान को श्रेष्ठ शिक्षण संस्थान बनाने के सार्थक प्रयास करेंगे । उन्होंने कहा कि चौपासनी स्कूल पर विशेष फोकस रहेगा । महाराजा गज सिंह ने बैठक में कहा कि सुधार का काम जारी रहना जरूरी है । उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान के कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना , सुदृढ वित्तीय प्रबंधन, गुणात्मक शिक्षा,समाज के जरूरतमंद व प्रतिभावान छात्रों को छात्रवृत्ति कार्य पर विशेष जोर दिया जाएगा । उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान को आगे बढ़ने का रोडमेप बनाया गया है ,उस पर कार्य होगा । उन्होंने कहा कि इसमें ओल्ड बॉयज की भी भागीदारी रहेगी व उनका सहयोग भी लिया जाएगा ।उन्होंने कहा कि ओल्ड बॉयज संस्थान की बैकबोन है । उन्होंने कहा गुड गवर्नेंस पर विशेष जोर होगा । उन्होंने कहा कि अब चौपासनी स्कूल के विकास पर विशेष फोकस होगा । उन्होंने बैठक में मयूर चौपासनी स्कूल को राजस्थान का नंबर वन डे स्कूल बनने व महाराजा हनवन्त सैनिक स्कूल को पीपीपी मोड पर शुरू हुए नए सैनिक स्कूलों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने पर बधाई दी ।
ओल्ड बॉयज की महत्वपूर्ण भूमिका
महाराजा गज सिंह ने बैठक में कहा कि ओल्ड बॉयज की चौपासनी शिक्षण संस्थान में महत्वपूर्ण भागीदारी भूमिका है । उनका जुड़ाव बना रहे हैं ।उन्होंने कहा कि ओल्ड बॉयज छात्रवृत्ति कार्य में भी सहयोग करें ।
चौपासनी शिक्षा समिति के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल ने विकास के प्लान पर चर्चा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में गत 3 वर्ष में अच्छा कार्य किया गया है ।पूरी पारदर्शिता बरती गई है ।पहले भी निरंतर विकास होते रहे हैं । आगे चौपासनी शिक्षण संस्थान के विकास के लिए निरंतर सुदृढ प्रयास जारी रहेंगे । उन्होंने कहा कि तय प्राथमिकताओं को कार्यकारिणी समिति के समक्ष रखा जाएगा और उनकी प्रगति की जानकारी समाज को नियमित रूप से दी जाएगी ।
विधायक भीनमाल डॉ समरजीत सिंह चाम्पावत ने कहा कि चौपासनी शिक्षण संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के समाज के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई थी ।हमें उसी ध्येय को लेकर आगे बढ़ना है । हॉस्टल सुविधा व छात्रवृत्ति कार्य पर भी जोर दिया जाए ।
कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो डॉ वीरेंद्र सिंह जैतावत में कहा कि पहले की चौपासनी में व आज की चौपासनी शिक्षण संस्थान में काफी बदलाव आया है , शिक्षा का स्तर बढ़ रहा है,निरंतर विकास हो रहा है ।यह हम सभी के लिए हर्ष का विषय है । स्वयं चौपासनी के ओल्ड बॉयज है । उन्होंने कहा कि आज जो प्रेजेंटेशन दिया है वह एक अच्छा मॉडल है उससे शिक्षण संस्थान और ज्यादा बेहतर रूप से आगे बढ़ेगा ।
डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ बी एस जोधा ने कहां कि उन्होंने चौपासनी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त की ।आज भी जुड़ाव है । उन्होंने सुझाव दिया कि समय के साथ चौपासनी शिक्षण संस्थान में फार्मेसी,फिजियोथैरेपी व नर्सिंग के कोर्स शुरू किए जाने चाहिए । उन्होंने महाराजा गज सिंह के मुख्य संरक्षण में शिक्षण संस्थान में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की ।
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ जीएस चौहान ने कहा की महाराजा गज सिंह के मुख्य संरक्षण में चौपासनी शिक्षण संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है । चौपासनी स्कूल के बाद आज वहां पर मयूर चौपासनी ,हनवन्त अंग्रेजी माध्यम, हनवन्त सैनिक स्कूल व चौपासनी महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं ।यह संस्थान के विकास के प्रतीक हैं । उन्होंने सुझाव दिया की चौपासनी शिक्षण संस्थान में नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी व फिजियोथेरेपी के संस्थान खोले जाने चाहिए ।विकास का जो मॉडल बनाया है वह बहुत अच्छा बनाया है ।कॉलेज में भी सेक्शन बढ़ाए जाने चाहिए ।उनकी तरफ से जहां भी सहयोग की जरूरत होगी दिया जाएगा ।उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान को लेकर जो अनावश्यक भ्रांतियां फैलाई जा रही है वह कतई सही नहीं है ।
ओल्ड बॉयज पूरा सहयोग करेंगे
चौपासनी विद्यालय ओल्ड बॉयज समिति के अध्यक्ष महिपाल सिंह चुई ने कहा कि चौपासनी के विकास के लिए जो मॉडल बनाया गया है अच्छा है । ओल्ड बॉयज द्वारा छात्रवृत्ति के लिए चौपासनी शिक्षा कोष में सहयोग किया जाएगा । उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की ज्यादा से ज्यादा जानकारी लोगों तक पहुंचनी चाहिए,ताकि भ्रांतियां दूर होगी ।
आगामी 5 वर्षों के लिए निम्न प्राथमिकताओं पर हुई चर्चा
बैठक में पूर्व में मनीष सब्बरवाल व अभिषेक चतुर्वेदी ने आगामी 5 वर्ष के लिए बनाए गए विकास मॉडल का प्रजेंटेशन दिया । जिसमें कोई भी मेधावी राजपूत विद्यार्थी आर्थिक कठिनाइयां के कारण चौपासनी में प्रवेश लेने से वंचित ना रहे ,इसके लिए 5 करोड़ का चौपासनी शिक्षा कोष बनाया जायेगा ।मयूर स्कूल ,हनवन्त सैनिक,हनवन्त अंग्रेजी माध्यम स्कूल और चौपासनी स्कूल में कुल 1 2 हजार विद्यार्थियो की संख्या बढना व उनमें 10 प्रतिशत को आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है ।शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए परीक्षा परिणाम, शिक्षकों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दिया जाएगा ।ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किसी बच्चे को जोधपुर छोड़ने की आवश्यकता नहीं पड़े ।वित्तीय पारदर्शिता के तहत वित्त एवं मानव संसाधन उप नियम, वार्षिक बजट प्रक्रिया, प्रत्येक संस्थान से मासिक रिपोर्टिंग और छात्रवृत्ति की पारदर्शी प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा ।सुशासन के तहत भूमिका एवं जवाबदेही स्पष्ट करना ,आचार संहिता बनाना और ऐसे संस्थागत तंत्र विकसित करना प्राथमिकता होगी जो व्यक्तियों से आगे भी निरंतर काम करें ।यह प्रयास एक चौपासनी की भावना के अनुरूप होगा ।
बैठक में पूर्व न्यायाधीश आर एस राठौड़,मेजर जनरल विजय सिंह ललोतरा, ब्रिगेडियर शक्ति सिंह,चौपासनी शिक्षा समिति के सचिव राघवेंद्र प्रताप सिंह झालामंड,चौपासनी शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह रोहिट, चौपासनी शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह पोषणा , चौपासनी शिक्षा समिति के पूर्व सचिव मान सिंह पाल, कर्नल भवानी सिंह, कर्नल शंभू सिंह देवड़ा, महेश करण सिंह पाल,मोती सिंह राठौड़, पुष्पेंद्र सिंह भाटी,भानु प्रताप सिंह,दिग्विजय सिंह, राजेंद्र सिंह लीलियाँ,शक्ति सिंह रावलोत व ओल्ड बॉय एसोसिएशन के अध्यक्ष महिपाल सिंह चुई व वरिष्ठ उपाध्यक्ष छतर सिंह गादेरी ने भी चौपासनी शिक्षण संस्थान के विकास के लिए बनाए गए मॉडल की सराहना की व अपने-अपने सुझाव भी दिए ।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
