जी-20 के अंतर्गत ऊर्जा रूपांतरण कार्य समूह की चौथी बैठक, जी-20 मंत्रिस्तरीय बैठक, 14वीं स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक और 8वीं मिशन नवाचार बैठकें 19-22 जुलाई, 2023 के दौरान गोवा में आयोजित की जाएंगी।
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स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय
स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय (सीईएम) आयोजन एक मिशन को प्राप्त करने के लिए दुनिया के सबसे शक्तिशाली और अग्रणी देशों, कंपनियों तथा अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के समुदाय को स्वच्छ ऊर्जा पारेषण में तेजी लाने के उद्देश्य से एक साथ लेकर आता है। वर्ष 2009 में स्थापित, सीईएम एक अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्व मंच, एक संयोजक मंच, एक कार्रवाई मंच और एक त्वरण मंच है। इसकी कार्यशैली इस प्रकार से है:
- एक मंच जहां पर इसके सदस्य वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा एजेंडे को आकार देने और विशिष्ट स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों एवं समाधानों की तैनाती को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
- ज्ञान एवं अंतर्दृष्टि का आदान-प्रदान करने, नेटवर्क और साझेदारी बनाने तथा स्वच्छ ऊर्जा पर समन्वित कार्यों को सुविधाजनक बनाने के लिए नीचे से ऊपर, सरकार के नेतृत्व वाला समुदाय।
- एक क्रियान्वयन माध्यम जो अपने सदस्यों को विशिष्ट घरेलू स्वच्छ ऊर्जा उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायता करता है।
मंत्रिस्तरीय आयोजन द्वारा की गई पहल भाग लेने वाली सरकारों और अन्य हितधारकों के बीच सामान्य हित के क्षेत्रों पर आधारित हैं। स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए रूपरेखा, 2021 में बारहवीं स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय बैठक में पुनः पुष्टि की गई, सीईएम की प्रशासनिक संरचना को परिभाषित करती है और मिशन वक्तव्य, उद्देश्यों, सदस्यता तथा मार्गदर्शक सिद्धांतों की रूपरेखा तैयार करती है।भारत ने 2013 में चौथे स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय (सीईएम-4) की मेजबानी की थी। सीईएम के ग्लोबल लाइटिंग चैलेंज अभियान के नेतृत्व के माध्यम से भारत ने वैश्विक स्तर पर 10 बिलियन एलईडी के वैश्विक सामूहिक लक्ष्य को हासिल करने में कई अन्य सरकारों व उद्योग भागीदारों की मदद की और यह भारत के उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडी फॉर ऑल (उजाला) कार्यक्रम से प्रेरित था। इस प्रयास का समन्वय भारत सरकार की ओर से ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा किया गया था।सीईएम में 29 सदस्य हैं: यूरोपीय आयोग और 28 सरकारें (बड़े पैमाने पर जी-20 सदस्यता के साथ जुड़ी हुई) अर्थात् ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चिली, चीन, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया, मैक्सिको , नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन, स्वीडन, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम तथा अमरीका।मिशन इनोवेशनमिशन इनोवेशन (एमआई) स्वच्छ ऊर्जा क्रांति में तेजी लाने व पेरिस समझौते के लक्ष्यों तथा नेट ज़ीरो हासिल करने की दिशा में प्रगति के लिए 23 देशों और यूरोपीय आयोग (यूरोपीय संघ की ओर से) का एक मंत्री-स्तरीय वैश्विक मंच है। एमआई का मुख्य उद्देश्य सभी के लिए स्वच्छ ऊर्जा को किफायती, आकर्षक और सुलभ बनाने के लिए अनुसंधान, विकास एवं प्रदर्शन में एक दशक की कार्रवाई तथा निवेश को उत्प्रेरित करना है। यह मंच अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों द्वारा कम लागत वाले वित्त को जुटाने, निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी के अनुसंधान एवं विकास को आगे बढ़ाने वाली स्वच्छ प्रौद्योगिकियों की मांग को बढ़ाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा नवाचार में तेजी लाने के लिए कदम उठाकर ऐसा करता है।

मिशन इनोवेशन (एमआई) (2015-2020) के पहले चरण की घोषणा 30 नवंबर, 2015 को सीओपी21 में की गई थी, जब विश्व भर के नेता जलवायु परिवर्तन से निपटने के महत्वाकांक्षी प्रयासों के लिए पेरिस में एक साथ आए थे। उद्घाटन वक्तव्य के हिस्से के रूप में, सभी सदस्य देशों ने 5 वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान, विकास एवं प्रदर्शन (आरडी एंड डी) पर सरकारी कोष को दोगुना करने तथा स्वच्छ ऊर्जा आरडी एंड डी पर कार्यक्रमों में अंतरराष्ट्रीय व निजी क्षेत्र की भागीदारी के अलावा सहयोग और निवेश को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता जताई थी। पहले चरण के सफल 5 वर्षों के कार्यकाल के बाद नवाचार में और तेजी लाने के लिए स्वच्छ ऊर्जा निवेश की महत्वपूर्ण आवश्यकता को पहचानने के बाद, मिशन इनोवेशन (एमआई2.0) का दूसरा चरण 2 जून, 2021 को शुरू किया गया था। एमआई2.0 का केंद्र बिंदु कार्रवाई के दशक (2021-2030) पर है और इसका जोर नवीन स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी की तैनाती को बढ़ाने तथा स्वच्छ ऊर्जा को सभी के लिए किफायती, आकर्षक एवं सुलभ बनाने पर है। इससे पेरिस समझौते के लक्ष्यों और नेट ज़ीरो के हासिल करने की दिशा में होने वाली प्रगति में तेजी आएगी।
सीईएम और एमआई दोनों का लक्ष्य वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था में परिवर्तन को सुविधाजनक बनाने के लिए सीखे गए तरीकों व सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करना है। यह कार्य वार्षिक मंत्रिस्तरीय बैठक के संयोजन के माध्यम से किया जाता है, जिसमें पूर्ण सत्र, अतिरिक्त आयोजन व उच्च-स्तरीय गोलमेज सम्मेलन तथा सीईएम के भीतर हुई पहल एवं अभियानों और एमआई के भीतर मिशनों के रूप में साल भर के तकनीकी कामकाज शामिल किये जाते हैं, जो सामूहिक रूप से मिलकर कार्रवाई करते हैं।
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