एमएसएमई क्षेत्र ने, उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत 3 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयों के साथ, 15 करोड़ से अधिक रोजगार का आंकड़ा पार किया: श्री नारायण राणे।
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एमएसएमई क्षेत्र ने 15 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करके एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री नारायण राणे ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि की घोषणा एक्स पर हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट में की थी।श्री राणे ने उद्यम पोर्टल पर 3 करोड़ से अधिक एमएसएमई इकाइयों के पंजीकरण के साथ इस उपलब्धि को सुगम बनाने में उद्यम पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, जिसमें उद्यम असिस्ट पोर्टल पर पंजीकृत 99 लाख अनौपचारिक एमएसएमई इकाइयां शामिल हैं। इन 3 करोड़ पंजीकृत एमएसएमई में, 41 लाख से अधिक महिलाओं के स्वामित्व वाले एमएसएमई हैं।श्री राने ने एमएसएमई क्षेत्र में महिला कामगारों के महत्वपूर्ण योगदान पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि 15 करोड़ रोजगार अवसर जो पैदा किये गए हैं, उनमें 3.4 करोड़ से अधिक महिलाएं हैं। यह एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।केंद्रीय मंत्री ने इस सफलता का श्रेय माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व को दिया,
जिनका एमएसएमई क्षेत्र के प्रति अटूट समर्थन इसकी वृद्धि और विकास में सहायक रहा है।श्री राणे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एमएसएमई मंत्रालय सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे के उद्यमियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, नई आजीविका पैदा कर रहा है और पूरे देश में व्यक्तियों को सशक्त बना रहा है।
श्री राने ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योमों के लचीलेपन और समर्पण का सबूत है। सरकार के निरंतर समर्थन और उठाये गए कदमों से एमएसएमई क्षेत्र और मजबूत होगा, जो भारत की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में योगदान करेगा।
जिनका एमएसएमई क्षेत्र के प्रति अटूट समर्थन इसकी वृद्धि और विकास में सहायक रहा है।श्री राणे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में एमएसएमई मंत्रालय सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे के उद्यमियों को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रहा है, नई आजीविका पैदा कर रहा है और पूरे देश में व्यक्तियों को सशक्त बना रहा है।
श्री राने ने कहा कि यह महत्वपूर्ण मील का पत्थर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योमों के लचीलेपन और समर्पण का सबूत है। सरकार के निरंतर समर्थन और उठाये गए कदमों से एमएसएमई क्षेत्र और मजबूत होगा, जो भारत की आर्थिक वृद्धि और समृद्धि में योगदान करेगा।
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