विरोध होने पर ही व्यक्ति सम्भल सकता है : हितेशविजय म सा
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72 जिनालय में साधु-साध्वियों का हुआ भव्य प्रवेश भीनमाल ।मालव केसरी वरिष्ठ मुनिराज हितेशविजय जी म सा ने 72 जिनालय में प्रवचन देते हुए कहा कि किसी का भी विरोध होने पर ही व्यक्ति सम्भल सकता है । उन्होंने कहा कि मनुष्य के आत्म बल से ही उन्नति हो सकती है ।मुनिराज हितेशविजय म सा ने कहा कि त्रिस्तुतिक संघ के पूर्व आचार्यो के पाट परम्परा में भी कई आचार्यो के बहुत रोड़े अटकाये गये परन्तु उनका कार्य भी निर्विघ्न सम्पन्न हुआ । उन्होंने कहा कि इस अवसर पर हमें संगठित रहकर काम करना होगा । उन्होंने त्रिस्तुतिक जैन समाज के सभी साधु-साध्वियों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाने की बात कह कर संगठन को मजबूत करने के लिए सभी के सहयोग की कामना की ,श्री सौधर्म बृहत्तपागच्छीय त्रिस्तुतिक संघ के गच्छाधिपति आचार्य ॠषभचंद सूरीश्वर के पट्टप्रभावक, मुनिप्रवर जयप्रभ विजय म सा के शिष्य मालव केसरी वरिष्ठ मुनिराज हितेशविजय म सा के आचार्य पद के लिए पाटोत्सव का आयोजन 23 से 25 जनवरी तक किया जा रहा है । पाटोत्सव का मुख्य समारोह गुरुवार को आयोजित होगा ।
मालव केसरी पाटोत्सव समिति के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि त्रिदिवसीय कार्यक्रम के तहत रविवार को प्रातः 72 जिनालय में साधु-साध्वियों का मंगल प्रवेश हुआ ।उसके पश्चात जिन मंदिर दर्शन,
मांगलिक प्रवचन, स्वामीवात्सल्य, पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजन का आयोजन हुआ । सोमवार को स्नात्र पूजन, प्रवचन, स्वामीवात्सल्य, महावीर पंच कल्याणक पूजन का आयोजन होगा ।
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