जनगणना से आवासीय व अन्य नीतियों का निर्माण सुगम व सहायक सिद्ध होगा-जिला कलक्टर
|
😊 Please Share This News 😊
|

जालोर 17 अप्रैल। जनगणना 2027 की सफल क्रियान्वयन के लिए जिले के कुल 66 फील्ड ट्रेनर्स में से 37 फील्ड ट्रेनर्स के 14 अप्रैल से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) जालोर में शुरू हुए प्रथम बैच के तीन दिवसीय प्रशिक्षण का जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने निरीक्षण किया। प्रशिक्षण में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने ट्रेनर्स को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण विश्व की सर्वश्रेष्ठ जनगणनाओं में से एक मानी जाती है तथा यह विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में शामिल है। जनगणना से प्राप्त सूचनाएँ देशवासियों के लाभ के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत स्तर की जानकारी प्रदान कराती है। वर्तमान में मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल रूप में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना 15 मई, 2026 से 14 जून, 2026 के मध्य की जानी है, जोकि मानव बस्तियों की स्थिति, आवासीय कमी तथा आवासीय आवश्यकताओं के संबंध में व्यापक आँकड़े प्रदान करेगी जिससे आवासीय व अन्य नीतियों का निर्माण सुगम व सहायक सिद्ध होगा।प्रशिक्षण में राज्य स्तर पर प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स बसंत कुमार ओझा व राजेन्द्र सिंह द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जिसका उपयोग फील्ड ट्रेनर्स द्वारा फील्ड में जाकर पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों को प्रशिक्षित करने में किया जाएगा। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य निदेशालय, के जिला समन्वयक उमेश विश्वकर्मा, उप जिला जनगणना अधिकारी किशन सिंह व अतिरिक्त जिला शिक्षाधिकारी प्रकाशचन्द्र दवे भी उपस्थित रहे।
सभी स्तर के प्रशिक्षणों की समाप्ति के पश्चात् भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना का शुभारम्भ राज्य में 16 मई 2026, से प्रारम्भ हो जाएगा। इससे पूर्व परिवारों द्वारा निर्दिष्ट जनगणना पोर्टल (https://se.census.gov.in) के माध्यम से 1 मई से 15 मई 2026 के मध्य स्व-गणना की जा सकती है।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
