प्यासे पक्षियों एवं परिंदों के लिए छतों पर रखें पानी,भीषण गर्मी को लेकर करें प्रबंधन-श्री पुष्पेंद्र जी वर्मा
|
😊 Please Share This News 😊
|

माउंट आबू-अरिहंतान रक्त सारथी संस्थान द्वारा संचालित “पक्षियों के लिए परिंडे”मांउट आबू डीवाईएसपी श्रीमान पुष्पेंद्र वर्मा पुत्र स्वर्गीय श्री भगवान लाल जी वर्मा एवं माता स्व.श्रीमती अंबिका देवी वर्मा की स्मृति में पक्षियों की सेवा में पुष्पेंद्र जी वर्मा ने जनता से अपील की,
कि प्यासे पक्षियों एवं परिंदों के लिए छतों पर रखें पानी, भीषण गर्मी को लेकर करें उचित प्रबंधन साथ ही कहां की गर्मी की सीजन शुरू होने पर बेजुबानों के लिए दिक्कत हो जाती है।गर्मी के इस सीजन में बेजुबानों की सेवा के लिए आगे आए समाजसेवी को आगे आना चाहिए।माउंट आबू पुलिस उप अधीक्षक पुष्पेंद्र वर्मा ने लगाए परिंडे पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय के साथ-साथ माउंट आबू के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए हैं परिंडे पक्षियों को इस गर्मी की सीजन में मिलेगी परिंदों को राहत और गला कर सकेंगे तर।
भीनमाल के समाजसेवी कैलाश कुमार जैन भी रहे मौजूद,अरिहंतान रक्त सारथी संस्थान से जुड़े हैं जैन ,7000 परिंडे लगाने का है लक्ष्य। तकरीबन 1100 का लक्ष्य किया अभी तक हासिल,बाड़मेर जालौर,
सिरोही एवं सांचौर जिलों में कर रहे हैं यह समाज सेवा का कार्य।पिछले तीन साल से जीव दया पर सहयोग दे रहा है इस साल भी जीवदया हेतु पक्षीयो के लिये
दाना पानी के परिन्डो व गाय के पानी पीने के लिये कुण्डी का भी सहयोग व उपलब्ध करवा रहे हैं इस हेतु आप जन मानस से अपिल है
कि आप भी ज्यादा से ज्यादा संख्या में हमारी संस्था का सहयोग कर साथ निभावे में भीषण गर्मी पड़ रही है। इस गर्मी से सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि बेजुबान जानवर और पक्षी भी परेशान है। इसको लेकर आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से दोपहर के वक्त घर में ही रहने की अपील की है।
साथ ही आपदा प्रबंधन ने प्यासे पक्षी और परिंदो को तपती गर्मी से बचाने के लिए एक कवायद शुरू की है। इसके तहत घरों और कार्यालयों के छतों पर मिट्टी के बर्तन में पानी की रखने की अपील की है।
इसके साथ ही फेसबुक व ट्विटर पर फोटो शेयर कर सभी को प्रेरित करने की भी बात कही। अभियान में सक्रिय लोगों को डिजिटल प्रशंशा पत्र मिलेगा।स्वंम भी करें और दुसरो को भी करें प्रेरित। आपदा प्रबंधन कैलश कुमार जैन ने सभी लोगों से अपील की है कि अपने घर की छत पर, बालकनी, झरोखे, बरामदे, गार्डेन में चिड़ियों के लिए पानी रखें और दूसरे को भी प्रेरित करें।
सचिव आपदा प्रबंधन के द्वारा अपने घर की छत पर एवं लॉन में भी मिट्टी के बर्तन में पानी रखकर उसके शुरुआत की है।उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में तलाब जलाशय की कमी के कारण पशु पक्षियों को पर्याप्त मात्रा में पीने हेतु जल नहीं मिल पाता है।
जिसकी वजह से उन्हें गर्मी के दौरान काफी परेशानी होती है तथा कई बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है। एक बूंद की तलाश में सूखे नल में चिड़िया कैसे मुंह लगाए रखती है यह कई बार देखा गया है। पानी की कमी से कोई चिड़िया न मरे इसके लिए जरूरी है की अपने घर, ऑफिस, लॉन, बालकनी जहां भी जगह हो चिड़ियों के लिए मिट्टी या किसी भी अन्य बर्तन में पानी जरूर रखें।
छतों पर पानी रखें ताकि कोई प्यासे पक्षी की न हो मौत।उन्होंने बताया कि इसके पीछे हमारा उद्देश्य है कि पानी की वजह से पक्षियों की मौत ना हो और दूसरा आम लोगों को इको सिस्टम से जोड़ना। इससे एक ओर इको सिस्टम व पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा होगी। वहीं दूसरी ओर लोगों के मन में पक्षियों के प्रति प्रेम की भावना पैदा होगी। चिड़ियों की कई प्रजातियां विलुप्त होते जा रही है। इसलिए इसे बचाना जरूरी है।
सोशल मीडिया से लोगों को किया जाएगा जागरूक।आपदा प्रबंधन कैलाश कुमार जैन ने कहा कि इसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने अपील की है कि लोगों को प्रेरित करने के लिए आप भी फेसबुक व ट्विटर पर फोटो शेयर करें।सभी लोग अपने घरों की छतों पर पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तन या प्लास्टिक के टब में पानी रखें।
शहरी क्षेत्रों में जल की उपलब्धता नहीं होने के कारण धीरे-धीरे पक्षियों की संख्या कम होती जा रही है। जो पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उनका जीवन उतना ही महत्वपूर्ण है जितना की हमारा है। तापमान के लगातार बढ़ने से बेजुबान पशु-पक्षियों को काफी परेशानियां होती है और वो या तो पलायन कर जाते हैं या दम तोड़ देते हैं।
आप भी जुड़ें इस मुहीम।जब तक कई लोग इस मुहिम से नहीं जुड़ेंगे तब तक पक्षियों को लाभ पहुंचाना संभव नहीं हो पाएगा।
यकीन मानिए जब आप अपने बर्तन से उनको पानी पीते हुए देखेंगे तो आपको बहुत आत्मिक शांति मिलेगी। जल है तो जीवन है।
|
व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें |
More Stories
[responsive-slider id=1466]
