गायत्री शक्तिपीठ भीनमाल में गर्भोत्सव संस्कार यज्ञ सम्पन्न।
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भीनमाल -स्थानीय आओगडे संस्कार वान पीड़ी अभियान,के तहत गायत्री शक्तिपीठ में गर्भोत्सव संस्कार सम्पन्न। परिवार को संस्कार वान बनाने, जीवन को सुविकसित करने की एक मनोवैज्ञानिक एवं धार्मिक प्रकिया को संस्कार कहा जाता है,पं.हरिकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि ऋषि मुनियों द्वारा बनाये भारतीय संस्कृति में सोलह संस्कार होते हैं,पहला संस्कार पुंसवन संस्कार होता है जो भगवान महिलाओं को दिया है,जो महिलाएं के गर्भ से जीव पैदा होता है, जितने भी महापुरुष अवतार ऋषि संत और पुरूष महिलाओं हुये है वह सब गर्भ से पैदा हुवे इस लिए नारी सदा पुजनीय है, गर्भस्थापन के तीसरे माह में गर्भस्थ शिशु के समुचित विकास के लिऐ आध्यात्मिक प्रयोग एवं माता तथा परिवार के लोगों को उनके कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व का प्रक्षिक्षण दिया जाता है गर्भ एक कोतुक नहि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है,महेश व्यास द्वारा आयोजित गायत्री शक्तिपीठ में यज्ञ में श्रीमति अंजली धर्मपत्नी अविनाश सोनी का संस्कार हुआ,
यज्ञ में लक्ष्मी सोनी एवं परिवारजन चतुर्भुज जी राठी जसराज सुथार, भावेश प्रजापत, अनन्त प्रसाद यज्ञ में आहुतियां लगाई।
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