केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बिहू मनाने के लिए दिल्ली निवास पर ‘रोंगालीर एनजोरी’ का आयोजन किया। 1 year ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को दिल्ली में अपने आधिकारिक निवास पर रोंगाली बिहू और असमिया नव वर्ष के उपलक्ष्य में जीवंत उत्सव ‘रोंगालीर एनजोरी’ का आयोजन किया।इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले असमिया और पूर्वोत्तर समुदायों के कई गणमान्य व्यक्ति, कलाकार और सदस्य भी उपस्थित हुए।श्री सर्बानंद सोनोवाल ने सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा, “रोंगाली बिहू हम सभी के लिए राष्ट्र की प्रगति के लिए आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। यह त्योहार सिर्फ़ उत्सव मनाने के बारे में ही नहीं है – वरन यह एकता, परंपरा और हमारी साझा सांस्कृतिक पहचान के बारे में है।”श्री सोनोवाल ने कहा कि घर से दूर होने के बावजूद, दिल्ली में मनाया जाने वाला यह त्योहार अपनी जड़ों से हर असमिया के गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। “जब प्रकृति रंगों में रंग जाती है, तो ढोल (पारंपरिक ड्रम) की लयबद्ध थाप के साथ बिहू गीतों की ध्वनि हवा को प्रसन्नता और गर्व से भर देती है। यह बिहू हमें हमारी विरासत से जोड़ता है और हमें नई उम्मीद और उत्साह से भर देता है।”श्री सोनोवाल ने बल देकर कहा कि बिहू जैसे त्योहार भारत की सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से इस समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और आगे बढ़ाने का अनुरोध किया। श्री सोनोवाल ने भूपेन हज़ारिका को उद्धृत करते हुए कहा, “वसंत लोगों की आत्मा है। यह हमें स्वयं को अपने राष्ट्र की प्रगति हेतु समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।” श्री सोनोवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण पर भी बल दिया। उन्होंने कहा, “हमें इस उत्साहपूर्ण मौसम में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लेना चाहिए।”मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता ने इस आयोजन के लिए श्री सोनोवाल की सराहना की। उन्होंने कहा, “रोंगाली बिहू सद्भाव और सद्भावना का संदेश देता है। यह एकता की शक्ति को मजबूत करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता की सुंदरता को प्रदर्शित करता है। मैं इस त्योहार के मौसम में दिल्ली के साथ-साथ असम के लोगों को भी अपनी शुभकामनाएं देती हूं क्योंकि हम सभी के लिए शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।”केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच सांस्कृतिक तालमेल की प्रशंसा की। रिजिजू ने कहा, “पूर्वोत्तर भारत के समुदायों के बीच मजबूत संबंध राष्ट्रीय विकास के इंजन को सशक्त बना रहे हैं। इस क्षेत्र की समृद्ध कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत भारत की सामूहिक पहचान में जीवंत रंग जोड़ती है।”शाम को प्रसिद्ध असमिया गायकों निलुत्पल बोरा, सुरेखा छेत्री और जुटिमला बुरागोहैन ने संगीतमय प्रस्तुति दी। उन्होंने पारंपरिक धुनों और लय से दर्शकों का मन मोह लिया। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories चौदस-पूर्णिमा पर क्षेमंकरी माता मंदिर में उमड़ा आस्था का महासैलाब, ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजी ऊंची पहाड़ी 59 mins ago Shri Satish Kumar reappointed as Chairman & CEO of Railway Board 5 hours ago लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा(अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक,2026 पारित किया 6 hours ago [responsive-slider id=1466] You may have missed चौदस-पूर्णिमा पर क्षेमंकरी माता मंदिर में उमड़ा आस्था का महासैलाब, ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजी ऊंची पहाड़ी 59 mins ago Shri Satish Kumar reappointed as Chairman & CEO of Railway Board 5 hours ago लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा(अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक,2026 पारित किया 6 hours ago केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने नीट यूजी काउंसलिंग 2026 की तैयारियों की समीक्षा की 6 hours ago