सरदार बूटा सिंह के प्रति आपत्तिजनक बयान पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान।
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नई दिल्ली-राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब के तरन तारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद द्वारा स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह (पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री) के प्रति किए गए कथित बयानों का स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स एवं सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप्स के आधार पर आयोग को जानकारी मिली कि श्री वडिंग ने स्वर्गीय बूटा सिंह के मजहबी सिख, बाल्मीकि समुदाय से होने तथा उनके शारीरिक रंग के संदर्भ में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिन्हें जाति एवं रंग आधारित भेदभाव के रूप में देखा जा रहा है।आयोग के माननीय अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना ने इस संबंध में कहा, “इस प्रकार की टिप्पणियां संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समरसता एवं अनुसूचित जाति समुदाय के आत्मसम्मान के विरुद्ध हैं। यह अत्यंत गंभीर एवं निंदनीय है।आयोग ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल स्वतः संज्ञान लिया है और पूरे मामले में तरन तारन, पंजाब के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। आयोग ने 7 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग इस मामले में प्राप्त स्पष्टीकरण, उपलब्ध साक्ष्यों एवं कानूनी प्रावधानों के आलोक में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। माननीय अध्यक्ष ने कहा कि आयोग अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ किसी भी प्रकार के भेदभाव, अपमान या रूढ़िगत टिप्पणियों के विरुद्ध कठोर रुख अपनाता रहा है। उन्होंने आमजनों से भी सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक मंचों पर संवैधानिक गरिमा एवं सामाजिक सद्भाव का पूरा ध्यान रखने की अपील की।
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