राष्ट्रपति ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार और जल संचय-जन भागीदारी पुरस्कार प्रदान किये। 8 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने (18 नवंबर, 2025) नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार और जल संचय-जन भागीदारी पुरस्कार प्रदान किए।राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि मानव सभ्यता की गाथा नदी घाटियों, समुद्र तटों और विभिन्न जल स्रोतों के आसपास बसे समूहों की कहानी है। हमारी परंपरा में नदियां, झीलें और अन्य जल स्रोत पूजनीय हैं। हमारे राष्ट्रीय गीत में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया पहला शब्द “सुजलम्” है। इसका अर्थ है “प्रचुर जल संसाधनों से धन्य”। यह तथ्य हमारे देश के लिए जल की प्राथमिकता को दर्शाता है।राष्ट्रपति ने कहा कि जल का कुशल उपयोग एक वैश्विक अनिवार्यता है। हमारे देश के लिए जल का कुशल उपयोग और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारी जनसंख्या की तुलना में हमारे जल संसाधन सीमित हैं। प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है।उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जलवायु परिवर्तन जल चक्र को प्रभावित कर रहा है।ऐसे में, सरकार और जनता को जल उपलब्धता और जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।राष्ट्रपति को यह जानकर प्रसन्नता हुई कि पिछले वर्ष आरंभ की गई जल संचय-जनभागीदारी पहल के तहत 35 लाख से अधिक भूजल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि चक्रीय जल अर्थव्यवस्था प्रणालियों को अपनाकर, सभी उद्योग और अन्य हितधारक जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि जल उपचार और पुनःपरिसंचरण के साथ-साथ, कई औद्योगिक इकाइयों ने शून्य द्रव उत्सर्जन का लक्ष्य अर्जित कर लिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जल प्रबंधन और संरक्षण के लिए उपयोगी हैं।राष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों, जिला प्रशासनों, ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के स्तर पर जल संरक्षण और उसके सुसंगत प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि कई शैक्षणिक संस्थान, नागरिक समूह और गैर-सरकारी संगठन भी इस दिशा में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने किसानों और उद्यमियों को जल का उपभोग कम करते हुए उत्पादन को अधिकतम करने के नवोन्मेषी तरीके अपनाने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि व्यक्तिगत रूप से उत्साहपूर्वक योगदान देने वाले विवेकशील नागरिक भी जल-समृद्धि मूल्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण हितधारक हैं। प्रभावी जल प्रबंधन केवल व्यक्तियों, परिवारों, समाज और सरकार की भागीदारी से ही संभव है।राष्ट्रपति ने कहा कि जल का उपयोग करते समय, सभी को यह स्मरण करना चाहिए कि हम एक अत्यंत मूल्यवान संपत्ति का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जनजातीय समुदाय जल सहित सभी प्राकृतिक संसाधनों का अत्यंत सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि जल संसाधनों का सर्वाधिक कुशल उपयोग हमारे सभी नागरिकों की जीवनशैली का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने सभी को व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से जल संरक्षण के प्रति निरंतर सतर्क रहने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि हमारे देश की जन चेतना में जल जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है। जल का संचयन और संरक्षण केवल जनशक्ति के माध्यम से ही संभव है।राष्ट्रीय जल पुरस्कारों का उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना और उन्हें जल उपयोग की सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) पहल सामुदायिक भागीदारी और संसाधनों के संयोजन के जरिए कृत्रिम भूजल पुनर्भरण के लिए विविध, मापनीय और अनुकरणीय मॉडलों के उद्भव में अग्रणी रही है। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories मोदरान में 29 जुलाई को होगा सोनी समाज का दशम् गुरु पूर्णिमा महोत्सव, 350 प्रतिभाओं व 50 रक्तदाताओं का होगा सम्मान 2 days ago सामाजिक कार्यकर्ता माणकमल भंडारी को रेलवे ने किया डीआरयूसीसी सदस्य नियुक्त 2 days ago Rajasthan Chief Minister Shri Bhajanlal Sharma launches ‘Bharat Taxi’ service in Jaipur 2 days ago [responsive-slider id=1466] You may have missed मोदरान में 29 जुलाई को होगा सोनी समाज का दशम् गुरु पूर्णिमा महोत्सव, 350 प्रतिभाओं व 50 रक्तदाताओं का होगा सम्मान 2 days ago सामाजिक कार्यकर्ता माणकमल भंडारी को रेलवे ने किया डीआरयूसीसी सदस्य नियुक्त 2 days ago Rajasthan Chief Minister Shri Bhajanlal Sharma launches ‘Bharat Taxi’ service in Jaipur 2 days ago Indian Defence Forces stand fully prepared to face any challenge, says Raksha Mantri on the eve of Kargil Vijay Diwas 2026 2 days ago