उपराष्ट्रपति ने चेन्नई में 9वें सिद्ध दिवस समारोह का उद्घाटन किया 9 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 चेन्नई-उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने चेन्नई के कलाईवनार आरंगम में 9वें सिद्ध दिवस समारोह का उद्घाटन किया, जिसमें समकालीन दुनिया में एक व्यापक, निवारक और सतत स्वास्थ्य प्रणाली के रूप में सिद्ध चिकित्सा की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। नीति निर्माताओं, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और छात्रों की एक विशिष्ट सभा को संबोधित करते हुए, उन्होंने सिद्ध की मजबूत दार्शनिक नींव, वैज्ञानिक गहराई और शरीर, मन और प्रकृति के समग्र एकीकरण पर प्रकाश डाला।उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिद्ध, आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष विषयों सहित भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां अतीत के अवशेष नहीं हैं, बल्कि जीवित परंपराएं हैं जो भारत और दुनिया भर में लाखों लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सिद्ध चिकित्सा देश की सबसे प्राचीन और गहन चिकित्सा परंपराओं में से एक है, जो हजारों वर्षों से संचित ज्ञान में निहित है। उन्होंने इसके समग्र दृष्टिकोण पर जोर दिया जो शरीर, मन और प्राकृतिक पर्यावरण के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देता है।प्राचीन ताड़ के पत्तों की पांडुलिपियों, शास्त्रीय ग्रंथों और औषधीय जड़ी-बूटियों पर प्रदर्शनी और प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने भारत की पारंपरिक चिकित्सा विरासत को संरक्षित करने और फिर से खोजने में विद्वानों और संस्थानों के असाधारण प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक उपेक्षा और अपर्याप्त दस्तावेज़ीकरण के कारण, कई अमूल्य ग्रंथों के कमजोर पड़ने या नुकसान का खतरा था, और उन्होंने भविष्य की पीढ़ियों के लिए इस ज्ञान को सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्थित संग्रह, संरक्षण और अनुसंधान में निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।उपराष्ट्रपति ने तनाव और अस्वास्थ्यकर आदतों वाली जीवन शैली में इसकी बढ़ती प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए निवारक देखभाल, जीवन शैली प्रबंधन और बीमारियों को उनके मूल कारण का समाधान करने में सिद्ध चिकित्सा के जोर पर प्रकाश डाला। निदान में आधुनिक चिकित्सा द्वारा की गई प्रगति को स्वीकार करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सिद्ध जैसी पारंपरिक प्रणालियां दीर्घकालिक उपचार और संतुलन बहाल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, और चिकित्सकों से जिम्मेदार और साक्ष्य-आधारित अभ्यास के माध्यम से जनता के विश्वास को मजबूत करने का आह्वान किया।युवा विद्वानों और छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि सिद्ध चिकित्सा में निरंतर अनुसंधान से प्रमुख वैज्ञानिक सफलताएं मिल सकती हैं, जिसमें वर्तमान में लाइलाज बीमारियों के लिए स्थायी इलाज भी शामिल है। उन्होंने आग्रह किया कि उन्नत अध्ययन के निर्बाध प्रयास को सक्षम करने के लिए अनुसंधान विद्वानों को हर संभव वित्तीय सहायता प्रदान की जाए, और आशा व्यक्त की कि शोधकर्ताओं की आने वाली पीढ़ियां भारत की पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान प्रणालियों को वैश्विक मान्यता देंगी।उद्घाटन समारोह में आयुष मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने भाग लिया। श्री मा. सुब्रमण्यन, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री, तमिलनाडु सरकार, आयुष मंत्रालय और तमिलनाडु सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और सिद्ध संस्थानों के प्रमुख।श्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि सिद्ध चिकित्सा स्वास्थ्य, प्रकृति और चेतना की उन्नत समझ का प्रतीक है, जो इसे आधुनिक समग्र स्वास्थ्य सेवा के लिए अत्यधिक प्रासंगिक बनाती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में खासकर 2014 में आयुष मंत्रालय की स्थापना के बाद परिवर्तनकारी विकास देखा गया है।मंत्री ने सिद्ध शिक्षा और अनुसंधान में हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों पर जोर दिया, जिसमें राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान में बुनियादी ढांचे का विस्तार, कौशल-उन्मुख और प्रौद्योगिकी-सक्षम प्रशिक्षण कार्यक्रम और केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद द्वारा मजबूत अनुसंधान परिणाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ आईसीडी-11 में सिद्ध रुग्णता संहिता को शामिल करना और आगामी डब्ल्यूएचओ अंतर्राष्ट्रीय मानक शब्दावली सिद्ध को वैश्विक स्वास्थ्य सेवा मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगी।मंत्री जी ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व वाली पहल और शैक्षणिक आदान-प्रदान का उल्लेख किया, जिन्होंने सिद्ध की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाया है। उन्होंने सिद्ध की पारंपरिक अखंडता को बनाए रखते हुए इसे साक्ष्य-आधारित, विश्व स्तर पर स्वीकृत और सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।इस अवसर पर चिकित्सा की सिद्ध पद्धति में असाधारण और सराहनीय योगदान के लिए पांच प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार विजेताओं में डॉ. बी. माइकल जयराज, डॉ. टी. कन्नन राजाराम, स्वर्गीय डॉ. आई. सोर्नामरिअम्मल, डॉ. मोहना राज और प्रो. डॉ. वी. बानुमति शामिल थे, जिनकी आजीवन सेवा, अनुसंधान, पांडुलिपि संरक्षण, शिक्षा और नेतृत्व ने जमीनी स्तर, शैक्षणिक और राष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध चिकित्सा को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किया है।”सिद्ध फॉर ग्लोबल हेल्थ” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम ने देश भर के सिद्ध चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, विद्वानों और छात्रों को एक मंच पर लाया। इस समारोह ने अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार और वैश्विक जुड़ाव के माध्यम से सिद्ध चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, इसे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणालियों के एक अभिन्न अंग के रूप में स्थापित किया। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories Women Entrepreneurs from PHDCCI Amritsar Meet Hon’ble Lt. Governor J & K, Shri Manoj Sinha; Propose Dedicated “Jammu Kashmir Day” at 20th PITEX 2026 6 hours ago एडीएम डॉ. पूजा सक्सेना ने भीनमाल रोडवेज बस स्टैंड का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश 10 hours ago भीनमाल में महात्मा गांधी की जयंती मनाई: बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर याद किए उनके आदर्श 21 hours ago [responsive-slider id=1466] You may have missed Women Entrepreneurs from PHDCCI Amritsar Meet Hon’ble Lt. Governor J & K, Shri Manoj Sinha; Propose Dedicated “Jammu Kashmir Day” at 20th PITEX 2026 6 hours ago एडीएम डॉ. पूजा सक्सेना ने भीनमाल रोडवेज बस स्टैंड का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश 10 hours ago भीनमाल में महात्मा गांधी की जयंती मनाई: बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर याद किए उनके आदर्श 21 hours ago Governor Haribhau Bagde and Chief Minister Bhajan Lal Sharma pay floral tributes to Gandhi Ji and Shastri Ji 1 day ago