मनरेगा कानून को समाप्त करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाया गया मनरेगा बचाओ संग्राम
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जयपुर, 11 जनवरी। केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून को समाप्त करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाये जा रहे मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत् आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिला कांग्रेस कमेटियों द्वारा धरना एवं उपवास कार्यक्रम आयोजित किये गये। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह डोटासरा, एआईसीसी प्रभारी श्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित धरना एवं उपवास कार्यक्रम में शामिल हुये।कार्यक्रम के पश्चात् उपस्थित मीडिया को सम्बोधित करते हुये प्रदेशाध्यक्ष श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि मनरेगा कानून को निरस्त कर केन्द्र की भाजपा सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब की रोजी-रोटी छीनने का काम किया है। कांग्रेस सरकार द्वारा मनरेगा योजना लागू किये जाने पर ग्रामीण क्षेत्र में हर गरीब का अधिकार मिला था कि मांगते ही रोजगार मिले अन्यथा मानदेय दिया जाता था। इस योजना से गरीब व्यक्ति की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई, परिवार पालने के साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाये। गरीब व्यक्ति को महाजन और सूद खोरों के चंगुल से बचाने का कार्य इस योजना से हुआ, क्योंकि कोई भी व्यक्ति आवश्यकता पडऩे पर अपने ही क्षेत्र की पंचायत में जाकर फार्म जमाकराकर रोजगार प्राप्त कर सकता था, किन्तु अब केन्द्र सरकार ने गरीबों को सम्बल प्रदान करने वाली मनरेगा को समाप्त कर दिया है। भाजपा के नेता कभी गरीब के साथ रहे ही नहीं, इसलिये इस योजना को बंद किया है और ऐसा प्रदर्शित कर रहे हैं कि कांग्रेस का विरोध नाम बदलने के कारण है, जबकि वास्तविकता यह है कि केन्द्र की भाजपा सरकार ने पूरी योजना ही समाप्त कर दी, नई योजना के तहत् ना तो गरीब के लिये काम का अधिकार की गारंटी है, काम वहीं मिलेगा जहॉं केन्द्र सरकार आवंटित करेगी, काम उतना ही मिलेगा जितना बजट केन्द्र सरकार देगी और पूर्व में योजना के तहत् समस्त मजदूरी देने की जिम्मेदारी केन्द्र सरकार की थी, किन्तु अब राज्यों पर 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का बोझ लाद दिया है। राजस्थान जैसे प्रदेश में जहॉं भाजपा की प्रदेश सरकार के दो वर्ष के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण कर्मचारियों को तनख्वाह देना भी मुश्किल हो गया है, वृद्धावस्था, विधवा सहित पेंशन योजना के तहत् समय पर पेंशन सरकार नहीं दे पा रही है, बच्चों को स्कॉलरशिप नहीं मिल रही है, मूलभूत ढॉंचे के कार्य नहीं हो रहे हैं, पूर्व में कांग्रेस सरकार द्वारा जो कार्य करवाये गये थे उनका भी भगुतान नहीं किया जा रहा है, ऐसी खराब आर्थिक स्थिति है कि राजस्थान सरकार का कर्ज सवा लाख करोड़ रूपये तक पहुॅंच गया है, ऐसे में नई योजना के तहत् 40 प्रतिशत हिस्सेदारी का भार वहन करना राजस्थान सरकार के बूते की बात नहीं है और योजना खत्म करने के लिये ही केन्द्र सरकार ने ऐसे प्रावधान किये हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव नहीं करवाये, जिस कारण प्रदेश का 3000 करोड़ रूपये की केन्द्र से मिलने वाली राशि लैप्स होने की कगार पर है। मनरेगा योजना के तहत् बकाया राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है, ऐसे में नये प्रावधानों के तहत् यह योजना चलना नामुमकिन प्रतीत होती है।
कांग्रेस पार्टी मनरेगा योजना को पूर्व प्रावधानों के साथ पुर्नस्थापित कराने के लिये संघर्ष कर रही है, प्रदेश के गॉंव-गॉंव, ढाणी-ढाणी में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ता जाकर भाजपा के कुत्सित उद्देश्यों को उजागर करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि 45 दिन तक विभिन्न स्तरों जिला, ब्लॉक, मण्डल और बूथ स्तरों पर भाजपा सरकार के विरूद्ध जन जागरण अभियान जारी रहेगा। कांग्रेस के समस्त नेता एवं कार्यकर्ता गरीब कल्याण की देश की सबसे बड़ी योजना मनरेगा को पुर्नस्थापित कराने के लिये कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।राजस्थान प्रभारी श्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने
कहा कि पूरे देश में कांग्रेस पार्टी गरीबों की सुरक्षा के लिये बनाई गई मनरेगा को पनु: लागू कराने हेतु आन्दोलन कर रही है। भाजपा के नेताओं को गरीब से कोई सरोकार नहीं है, वे उद्योगपतियों के तो ऋण माफ कर देते हैं किन्तु गरीब कल्याण के लिये मनरेगा योजना चलाने के लिये उनके पास बजट देने की मंशा नहीं है।इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री से प्रश्र किया कि प्रदेश की विपरीत आर्थिक स्थिति के बावजूद क्या राजस्थान की भाजपा
सरकार मनरेगा के स्थान पर लागू नई योजना के तहत् राज्य का 40 प्रतिशत हिस्सा वहन करने के लिये तैयार है, इस बता की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि केवल केन्द्र सरकार जितना बजट दे उतना ही काम नई योजना के तहत् दिया जा सकेगा, उससे अधिक कार्य करवाने पर राज्यों को ही खर्चा वहन करना होगा, यह अन्याय है
(PDF)MGNREGA Bachao Sangram इसलिये केन्द्र सरकार को तुरंत गरीब कल्याण हेतु मनरेगा योजना को पुन: लागू करना चाहिये।
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