भारत एआई इम्पैक्ट समिट समावेशी, नवोन्मेषकों राष्ट्रों को और नागरिकों को एक मंच पर लाएगा-सीईओ श्री अभिषेक सिंह 8 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की अवधारणा नहीं है। यह पहले से ही भारतीयों के सीखने, काम करने, सेवाओं तक पहुंचने और रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के तरीके को नया आकार दे रहा है। यह संदेश 6 फरवरी, 2026 को आयोजित डिजिटल इंडिया – आस्क अवर एक्सपर्ट्स के नवीनतम एपिसोड में केंद्र में आया, जिसमें आगामी इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट पर इंडियाएआई मिशन के सीईओ श्री अभिषेक सिंह के साथ एक आकर्षक और विचारोत्तेजक बातचीत हुई ।इस एपिसोड में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि शिखर सम्मेलन एक जन-केंद्रित मंच के रूप में कैसे कार्य करेगा, जो तकनीकी चर्चाओं से परे जाकर इस बात पर ध्यान केंद्रित करेगा कि नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शासन, स्टार्टअप, सेवाओं और रोजगार के क्षेत्र में अपने लाभ के लिए एआई का उपयोग कैसे कर सकते हैं।इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक एआई चर्चाओं को जमीनी स्तर पर लोगों, विशेष रूप से विकासशील अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए वास्तविक और उपयोगी परिणामों में बदलना है। श्री सिंह ने कहा, “इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के माध्यम से, भारत वैश्विक एआई चर्चा को इरादे से प्रभाव की ओर ले जा रहा है – यह सुनिश्चित करते हुए कि एआई के नवाचार, कौशल और लाभ सभी के लिए सुलभ हों, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए।”चर्चा के दौरान इस बात पर ज़ोर दिया गया कि एआई किसानों को फसल नियोजन में सुधार करने, डॉक्टरों को तेज़ी से और अधिक सटीक निदान करने, शिक्षकों को व्यक्तिगत शिक्षण उपकरण उपलब्ध कराने, छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को तेज़ी से आगे बढ़ने में सहायता करने और नौकरी चाहने वालों को नए करियर विकल्प खोजने में मदद कर सकता है। शिखर सम्मेलन ऐसे व्यावहारिक उपयोगों को प्रदर्शित करेगा, जिससे यह पता चलेगा कि एआई केवल स्वचालन का साधन नहीं बल्कि समावेशन, दक्षता और सशक्तिकरण का साधन कैसे बन सकता है। श्री सिंह ने कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य लोगों का स्थान लेना नहीं है; इसका उद्देश्य उन्हें सशक्त बनाना है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का उद्देश्य नागरिकों को यह समझने में मदद करना है कि एआई दैनिक जीवन को कैसे बेहतर बना सकता है, नए अवसर पैदा कर सकता है और भारत को भविष्य के लिए तैयार कर सकता है।”आम आशंकाओं और भ्रांतियों को दूर करते हुए, श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि एआई का उद्देश्य मनुष्यों को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि मानवीय क्षमताओं को बढ़ाना है। यद्यपि कुछ कार्य बदलेंगे, एआई से नए रोजगार, नए कौशल और नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है—विशेष रूप से भारत के युवाओं, पेशेवरों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों के लिए। नागरिकों को व्यवधान के भय के बजाय निरंतर सीखने, अनुकूलनशीलता और एआई साक्षरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस एपिसोड में यह भी बताया गया कि विभिन्न समूह शिखर सम्मेलन से क्या लाभ उठा सकते हैं। छात्र भविष्य के करियर विकल्पों का पता लगा सकते हैं। पेशेवर लोग कौशल पुनर्विकास के अवसरों को समझ सकते हैं। किसान यह सीख सकते हैं कि एआई फसल नियोजन, मौसम संबंधी जानकारियों और अन्य चीजों में कैसे सहायता कर सकता है। स्टार्टअप नेटवर्क, नीति संबंधी जानकारियों और वैश्विक सहयोग तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। शोधकर्ता और शिक्षाविद अत्याधुनिक एआई कार्यों में संलग्न हो सकते हैं। नीति निर्माता और संस्थाएं मिलकर जिम्मेदार एआई ढांचे का निर्माण कर सकते हैं। बातचीत का समापन करते हुए, विशेषज्ञ ने नागरिकों से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि भारत की एआई यात्रा तभी सफल होगी जब लोग एआई को समझेंगे, उस पर भरोसा करेंगे और उसका जिम्मेदारी से उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन केवल प्रौद्योगिकी के बारे में नहीं है, बल्कि एक ऐसे एआई भविष्य को आकार देने के बारे में है जो हर भारतीय के लिए लाभकारी हो।इस लाइव सत्र में देशभर के दर्शकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विशेषज्ञ द्वारा दी गई स्पष्ट और सुगम व्याख्याओं की सराहना की। एपिसोड 41 की पूरी रिकॉर्डिंग यहां उपलब्ध है : https://www.youtube.com/live/Bvf1CMQNIVA?si=BeOO5F7dugTXWiJ1 डिजिटल इंडिया आस्क आवर एक्सपर्ट्स कार्यक्रम नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद स्थापित करता है, जिससे डिजिटल प्रौद्योगिकियों में जागरूक भागीदारी और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा मिलता है। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories Women Entrepreneurs from PHDCCI Amritsar Meet Hon’ble Lt. Governor J & K, Shri Manoj Sinha; Propose Dedicated “Jammu Kashmir Day” at 20th PITEX 2026 1 hour ago एडीएम डॉ. पूजा सक्सेना ने भीनमाल रोडवेज बस स्टैंड का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश 5 hours ago भीनमाल में महात्मा गांधी की जयंती मनाई: बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर याद किए उनके आदर्श 16 hours ago [responsive-slider id=1466] You may have missed Women Entrepreneurs from PHDCCI Amritsar Meet Hon’ble Lt. Governor J & K, Shri Manoj Sinha; Propose Dedicated “Jammu Kashmir Day” at 20th PITEX 2026 1 hour ago एडीएम डॉ. पूजा सक्सेना ने भीनमाल रोडवेज बस स्टैंड का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश 5 hours ago भीनमाल में महात्मा गांधी की जयंती मनाई: बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर याद किए उनके आदर्श 16 hours ago Governor Haribhau Bagde and Chief Minister Bhajan Lal Sharma pay floral tributes to Gandhi Ji and Shastri Ji 20 hours ago