रक्षा मंत्रालय ने एएलएच एमके-II (एमआर) और वीएल-एसएचटीआईएल मिसाइलों के लिए 5,083 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए 2 months ago 😊 Please Share This News 😊 Lalit Kumar(Raju) Editor-in-chief(lalit.space10@gmail.com)91+9782656423 नई दिल्ली-रक्षा मंत्रालय ने 3 मार्च, 2026 को भारतीय तटरक्षक बल के लिए छह उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) एमके-II (समुद्री भूमिका) और भारतीय नौसेना के लिए सतह से हवा में मार करने वाली वर्टिकल लॉन्च मिसाइल (एसटीआईएल) की खरीद के लिए कुल 5,083 करोड़ रुपये के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए। रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में साउथ ब्लॉक, नई दिल्ली में इन अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए। एएलएच एमके-III (एमआर) परिचालन भूमिका उपकरण, इंजीनियरिंग सहायता पैकेज और प्रदर्शन-आधारित लॉजिस्टिक सहायता सहित एएलएच एमके-III (एमआर) के लिए 2,901 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु के साथ खरीद (भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित) श्रेणी के तहत हस्ताक्षर किए गए हैं।ये दोहरे इंजन वाले हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और वर्तमान में उपयोग में आने वाले हवाई प्लेटफार्मों से कहीं बेहतर हैं। ये तटवर्ती हवाई अड्डों के साथ-साथ समुद्र में जहाजों से भी समुद्री सुरक्षा संबंधी कई मिशनों को अंजाम देने में सक्षम हैं। इनके शामिल होने से भारतीय तटरक्षक बल की कृत्रिम द्वीपों, अपतटीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और संरक्षण तथा मछुआरों और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा के कर्तव्यों को पूरा करने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।इस परियोजना में 200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से उपकरणों की आपूर्ति की परिकल्पना की गई है और इससे लोगों के लिए लगभग 65 लाख घंटे का रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। यह अनुबंध आत्मनिर्भर भारत और मेक-इन-इंडिया पहल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करता है, साथ ही देश की समुद्री सुरक्षा संरचना को और मजबूत बनाता है। वर्टिकल लॉन्च – एसएचटीआईएल मिसाइलें सतह से हवा में मार करने वाली वर्टिकल लॉन्च मिसाइलों (एसएचटीआईएल) और उनसे जुड़े मिसाइल होल्डिंग फ्रेम की खरीद के लिए 2,182 करोड़ रुपये का अनुबंध रूसी संघ की जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ किया गया है। इस खरीद का उद्देश्य हवाई खतरों की एक विस्तृत श्रृंखला के खिलाफ अग्रणी युद्धपोतों की वायु रक्षा क्षमताओं को काफी हद तक बढ़ाना है। यह प्रणाली भारतीय नौसेना के हवाई अड्डों पर मौजूद बहुस्तरीय वायु रक्षा संरचना को सुदृढ़ करेगी। इससे त्वरित कार्रवाई, हर मौसम में प्रभावी कार्रवाई करने की क्षमता और चुनौतीपूर्ण समुद्री वातावरण में बेहतर कार्य निष्पादन संभव होगा। यह अनुबंध आपसी विश्वास और रणनीतिक तालमेल पर आधारित भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही और सिद्ध रक्षा साझेदारी को और भी मजबूत करता है। व्हाट्सप्प आइकान को दबा कर इस खबर को शेयर जरूर करें स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे Donate Now More Stories मुख्य सचिव ने की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा, राष्ट्रहित में वित्तीय अनुशासन एवं मितव्ययिता अपनाएं 33 mins ago वीर तोलजी जुजार मामाजी मंदिर का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न 3 hours ago प्लेडियम जालोर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ SMBCL-2026 3 hours ago [responsive-slider id=1466] You may have missed मुख्य सचिव ने की बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा, राष्ट्रहित में वित्तीय अनुशासन एवं मितव्ययिता अपनाएं 33 mins ago वीर तोलजी जुजार मामाजी मंदिर का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न 3 hours ago प्लेडियम जालोर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ SMBCL-2026 3 hours ago 568वां जोधपुर स्थापना दिवस समारोह पूर्वक आयोजित हुआ,जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह जी शाहपुरा के रहे मुख्य अतिथि 3 hours ago