परंपरा और तकनीक का संगम: जयपुर में योग महोत्सव ने रचा नवाचार का इतिहास
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जयपुर, 24 अप्रैल।महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा मोरारजी देसाई योग संस्थान आयुष मंत्रालय के सहयोग से आयोजित जयपुर योग महोत्सव 2026 का भव्य एवं सफल शुभारंभ शंखनाद,
प्रार्थना एवं दीप प्रज्वल द्वारा मुख्य अतिथि डॉ. एम. एल. स्वर्णकार, कुलपति डॉ. अचल गुलाटी, प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉ. एन. डी. सोनी, विशिष्ट अतिथि मेजर जनरल अनुपम अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि डॉ. एम. एल. स्वर्णकार ने भगवद्गीता के छठे अध्याय के 16वे श्लोक : “युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु, युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा” का संस्कृत में उच्चारण करते हुए कहा कि जो व्यक्ति संतुलित आहार, संतुलित विहार, प्रयास और संतुलित सोने एवं जागने का पालन करते हुए ‘स्वमत्व स्थिति’ अथार्थ भीतर संतुलन, स्थिरता और आत्मचेतना को अनुभव करते हुए शारीरिक मानसिक एवं आध्यात्मिक उन्नति करता है। इस आयोजन में योग की पारंपरिक ज्ञानधारा को आधुनिक विज्ञान एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के साथ जोड़ते हुए एक नवाचारपूर्ण पहल प्रस्तुत की गई।
आयुष मंत्रालय द्वारा निर्देशित कॉमन योग प्रोटोकॉल का सामूहिक अभ्यास
तत्पश्चात विश्वविद्यालय के योग एवं एकीकृत चिकित्सा विभाग के निदेशक एवं पूर्व निदेशक, मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, प्रोफेसर डॉ. ईश्वर वी. बसवारड्डी द्वारा कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत योगाभ्यास प्राणायाम एवं ध्यान का सामूहिक अभ्यास करवाते हुए बताया कि यह महोत्सव अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 तैयारियों की 100 दिवसीय उलटी गिनती कार्यक्रमो की श्रृंखला के अंतर्गत शेष रहे 58 दिवस के उपलक्ष में एक महत्वपूर्ण आयोजन है,
जिसका उद्देश्य जन-जन को योग से जोड़ते हुए लाभान्वित करना है।
अनेक योग संस्थान बने सहभागी
जयपुर योग महोत्सव के समन्वयक योगाचार्य मनीष सूर्यवंशी ने बताया कि महोत्सव के दोनों सत्रों में सैनिको, चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ, नर्सिंग स्टाफ, ब्रह्मा कुमारीज,
क्रीड़ा भारती, आर्ट ऑफ़ लिविंग, क्रीड़ा भारती, योगापीस संस्थान, सूर्यवंशम योगा एंड वैलनेस, योगा स्थली, श्री पुरुषोत्तम मैमोरियल एण्ड चैरिटेबल ट्रस्ट आदि विभिन्न योग संस्थाओं से जुड़े सैकड़ो विद्यार्थियों , योग गुरुओं एवं योग प्रशिक्षको ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। ऋषिकेश से पधारे अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु स्वामी जितानंद महाराज द्वारा हठयोग का विशेष प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को अत्यंत प्रभावित किया।
बीके पदमा बहन राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया, क्रीड़ा भारती के जयपुर संयोजक सत्यपाल सिंह, योगा पीस से डॉ. राजेंद्र, फिट योग से योगी अरविंद सिंह, आर्ट ऑफ़ लिविंग से डॉ. आलोक दीक्षित, योगा स्थली से योगिनी हेमलता एवं योगी उमेश शर्मा ने अपनी टीम के साथ सहभागिता दर्ज की, सत्र का संचालन विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सुनील शर्मा ने किया, योगाचार्य मनीष सूर्यवंशी ने जयपुर के सभी योग संस्थाओं को योग के एक मंच पर आमंत्रित करने के लिए डॉ. एम. एल. स्वर्णकार एवं डॉ. ईश्वर वी. बसवारड्डी का विशेष आभार ज्ञापित किया गया।
योग संगोष्ठी कार्यशाला
द्वितीय सत्र में “स्वास्थ्य सेवा में योग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी : कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समेकन” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, इस सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. एन. डी. सोनी ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “योग एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समन्वय स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है” योगाचार्य ढाकाराम द्वारा हास्य योग के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को अभिव्यक्त करते हुए कहा कि हंसी बिना जीवन सार्थक नहीं अतः अपनी खुशी से समझौता न करें। योगिनी हेमलता शर्मा द्वारा ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति प्राप्त करने के उपाय बताए गए।
संगोष्ठी में विशेषज्ञ वक्ताओं : डॉ. हुकुम सिंह सैनी, डॉ. सुनील शर्मा, सत्यम तिवारी तथा मनीष शर्मा द्वारा योग एवं आधुनिक प्रौद्योगिकी के समन्वय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किए गए।
नवाचार की झलक
समापन सत्र में डॉ. बसवा रेड्डी द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया, नवाचारों के साथ जयपुर योग महोत्सव 2026 वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ तथा योग,
विज्ञान एवं नवाचार के संगम का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा।
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