लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य हरि बॉक्सर अमेरिका में डिटेन, भारत लाने की कार्रवाई जारी
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एजीटीएफ के सतत प्रयासों से अमेरिकी एजेंसी ICE ने लिया हिरासत में
• एजीटीएफ ने सीबीआई एवं इंटरपोल के माध्यम से विभिन्न देशों को भेजे 14 रेफरेंस, आरोपी के विरुद्ध जारी करवाया रेड कॉर्नर नोटिस
• विदेश में रहकर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र में रंगदारी और फायरिंग की वारदातों में रहा सक्रिय
• आरोपी के विरुद्ध राजस्थान के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, रंगदारी, अवैध हथियार एवं संगठित अपराध सहित 22 प्रकरण दर्ज
• लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए हथियारों की आपूर्ति और आपराधिक गतिविधियों के संचालन में निभाता था अहम भूमिका
जयपुर 7 नवम्बर।(कमलेश आमेटा की विशेष रिपोर्ट) -महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार संगठित अपराधियों और आपराधिक गिरोहों के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत राजस्थान पुलिस की एटीएस-एजीटीएफ ने बड़ी सफलता हासिम की है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एटीएस/एजीटीएफ/एएनटीएफ) श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन में एटीएस-एजीटीएफ ने लॉरेन्स विश्नोई गैंग के फरार मुख्य अपराधी और सक्रिय सदस्य हरिचन्द जाट उर्फ हरि बॉक्सर को अमेरिका में डिटेन करवाया गया है। अमेरिकी एजेंसी आईसीई से उसे भारत लाने की कार्रवाई जारी है।
हरिचन्द जाट उर्फ हरि बॉक्सर पुत्र गिरधारी लाल जाट (40) निवासी चतरपुरा तहसील नारायणपुर थाना बासदयाल जिला कोटपूतली-बहरोड़ का रहने वाला है। वह विदेश में बैठकर लॉरेन्स गैंग के लिए भारत में आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था।
गैंग का मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता
हरि बॉक्सर, लॉरेन्स विश्नोई/रोहित गोदारा के जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) गिरोह का सक्रिय सदस्य और इस गिरोह के लिए अपराध करने हेतु मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता है। वह लॉरेन्स विश्नोई/रोहित गोदारा के इशारे पर गिरोह के सदस्यों को हथियार पहुंचाने और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाता था। यह गिरोह व्हाट्सएप और सिग्नल वीओआईपी (वीपीएन) कॉल के जरिए अमीर व्यापारियों को धमकाकर रंगदारी मांगता है और रकम न देने पर व्यक्ति या उसके परिवार पर गोलीबारी करता है।
वह राजस्थान, हरियाणा और मुंबई में विशेष रूप से सक्रिय रहा। अप्रैल 2023 में अपने ही पासपोर्ट से विदेश फरार होने के बाद राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र (मुंबई, पुणे) में फिरौती की धमकियां देता रहा तथा हत्या व फायरिंग के कई प्रकरणों में वांछित था। बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर फायरिंग करवाने के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उसने इसकी जिम्मेदारी ली थी।
22 से अधिक प्रकरण दर्ज
राजस्थान के विभिन्न थानों में उसके विरुद्ध हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, संगठित अपराध, चोरी, मारपीट सहित गंभीर धाराओं में कुल 22 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। प्रकरण संख्या 25/2024 (आर्म्स एक्ट) में वांछित होने पर सीबीआई/इंटरपोल से समन्वय कर 14 नवम्बर 2024 को उसके विरुद्ध इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया गया।
दुबई, डोमिनिकन रिपब्लिक, गुयाना और डंकी रूट से अमेरिका
उप महानिरीक्षक पुलिस (एटीएस, इंटरपोल लाइजनिंग ऑफिसर) योगेश यादव के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में उप अधीक्षक रविन्द्र प्रताप और निरीक्षक सुनील जांगिड़, मनीष शर्मा व रामविलास विश्नोई की ऑपरेशनल टीम ने आसूचना और सोर्स से सूचनाएं जुटाईं। इनसे पता चला कि हरि बॉक्सर पहले दुबई भागा, फिर डोमिनिकन रिपब्लिक गया और वहां से मैक्सिको बॉर्डर के रास्ते डंकी रूट से अमेरिका पहुंचकर कैलिफोर्निया में रहने लगा। इन तथ्यों को रेड कॉर्नर नोटिस के लिए एजीटीएफ की इंटरपोल विंग को दिया गया, जिसने न्यायालय के वारंट की प्रक्रिया के क्रम में नोटिस जारी करवाया। कैलिफोर्निया में उसके रहने की जानकारी एजीटीएफ ने पहले ही संकलित कर संबंधित एजेंसियों से साझा कर दी थी।
एजीटीएफ ने विदेशी नेटवर्क की जानकारी जुटाकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया। इंटरपोल विंग के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरोत्तम लाल वर्मा और उनकी टीम ने उसकी लोकेशन और आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त विदेशी नंबरों के संबंध में सीबीआई के जरिए करीब 5 देशों को 14 बार इंटरपोल रेफरेंस भिजवाए और उस पर लगातार दबाव बनाया।
फरवरी 2025 में गुयाना में लोकेशन मिलने पर उसके विरुद्ध प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट भेजी गई, लेकिन इसी दौरान वह गुयाना से डंकी रूट से मैक्सिको होते हुए अमेरिका फरार हो गया। एजीटीएफ ने फिर भी पीछा जारी रखा और दिसम्बर 2024 से जुलाई 2026 के बीच उसकी पुख्ता जानकारी देते हुए अमेरिका को 9 इंटरपोल नोटिस भिजवाए। सीबीआई व अन्य एजेंसियों द्वारा चाहे जाने पर 21 फरवरी 2025 को प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट, 19 अगस्त 2026 को अपडेटेड ब्रीफ डोजियर और 29 अक्टूबर 2026 को फिंगरप्रिंट भी भेजे गए। इन्हीं प्रयासों के बाद यूएसए की आईसीई ने उसे डिटेन किया।
तकनीकी विश्लेषण की अहम भूमिका
हरि बॉक्सर द्वारा विभिन्न विदेशी नंबरों से धमकियां और पोस्ट जारी किए जाने पर निगरानी और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए एजीटीएफ की टीम को सक्रिय किया गया था। तकनीकी विश्लेषण टीम के सउनि श्री मोहन भूरिया और कांस्टेबल जगसीर सिंह ने विभिन्न नंबरों का विश्लेषण कर महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। विश्वसनीय सूत्रों से यह भी पता चला कि वह पासपोर्ट नंबर X6875815 का उपयोग कर भारत से भागा था।
एजीटीएफ की इंटरपोल एवं तकनीकी टीमों का समन्वित प्रयास
इस कार्रवाई में उप महानिरीक्षक पुलिस एटीएस एवं इंटरपोल लाइजनिंग ऑफिसर राजस्थान योगेश यादव के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा के नेतृत्व में उप अधीक्षक पुलिस रविन्द्र प्रताप तथा पुलिस निरीक्षक सुनील जांगिड़, मनीष शर्मा एवं रामविलास विश्नोई की ऑपरेशनल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इंटरपोल शाखा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नरोत्तम लाल वर्मा के नेतृत्व में टीम ने सीबीआई के माध्यम से विभिन्न देशों को इंटरपोल रेफरेंस भेजने, रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने तथा आवश्यक दस्तावेज एवं सूचनाएं उपलब्ध करवाने का कार्य किया। इस टीम में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक कमलपुरी, पुलिस निरीक्षक उम्मेद सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रमेश कुमार, श्रीमती संतोष टेलर तथा कांस्टेबल महावीर प्रसाद, सुभाष, श्रवण, सुरेन्द्र एवं महिला कांस्टेबल श्रीमती सावित्री शामिल रहे। इनकी टीम ने सीबीआई के जरिए 14 इंटरपोल नोटिस भिजवाए।
राजस्थान एजीटीएफ की इस कार्रवाई से विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक गतिविधियों का संचालन करने वाले गैंगस्टरों के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित पुलिस कार्रवाई को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आरोपी को भारत लाने के लिए अग्रिम प्रक्रिया जारी है।
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