रोट तीज पर व्यंजनों से महकी जैन घरों की रसोई।
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बामनवास।अल्पसंख्यक वर्ग के जैन समुदाय ने सोमवार को रोट तीज का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर जैन धर्मावलम्बियों के घरों में रोट,तोरई की सब्जी व सावे की खीर बनाई गई। इसके बाद विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद श्री जी को रोट समर्पित किया गया। वही जैन समुदाय के साथ ही अन्य समाज के लोगों ने भी रोट तीज का आनंद लिया। जैन समुदाय के लोगों ने सामयिक ध्यान कर चौबीस व्रत की कथा सुनकर प्रसाद लिया। दिगम्बर जैन समाज पिपलाई के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार जैन ने बताया कि श्रीचौबीसा व्रत को ही रोट तीज कहते हैं। इस अवसर पर भाद्रपद शुक्ल तृतीया को सामयिक स्नान ध्यान करके चौबीस महाराज की पूजन विधान किया जाता है। इस दिन चार प्रकार के दान देने की परंपरा का भी निर्वहन किया जाता है।अध्यक्ष सुनील जैन ने बताया की रोट तीज के बाद दिगम्बर जैन समाज के प्रर्यूषण महापर्व का अयोजन होगा जो 19सितम्बर से 28 सितम्बर तक अनंत चतुर्दशी के दिन होगें।
इस दौरान दिगम्बर जैन मंदिरों में पूजा -अर्चना,धार्मिक अनुष्ठान,प्रवचन और कालशाभिषेक के अयोजन होंगे।उपाध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया की जैन धर्म का पालन करने वाले पूरे दस दिन तप,तपस्या और भगवान की आरधना में लीन रहेंगे।इस अवसर पर रमेश जैन,विनोद जैन, आशीष जैन,जिनेन्द्र जैन,आशा जैन, सुमनलता जैन, ललिता जैन,रजनी जैन,राजुल जैन,सपना जैन,एकता जैन आदि कई श्रावक-श्रार्विकाए उपस्थित थे।प्रेस विज्ञप्ति -सादर प्रकाशनार्थ
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